अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित किया. ट्रंप ने इस मंच से नाटो की आलोचना करते हुए कहा कि कुछ समय पहले तक यूरोपीय देश और नाटो के नेता उनसे बहुत खुश थे.
ट्रंप ने दावा किया कि जब वे नाटो के लिए अधिक सख्ती दिखाते थे और रक्षा खर्च बढ़ाने के लिए यूरोप पर दबाव डालते थे, तब वही नेता उनके नेतृत्व को स्वीकार करते थे. इसी संदर्भ में ट्रंप ने कहा कि वे मुझे डैडी कहते थे.
ट्रंप ने कहा कि मैं नाटो की मदद कर रहा था. पिछले दिनों जब मैंने उन्हें आइसलैंड के बारे में बताया तो उन्हें ये पसंद आया. उन्होंने आखिरी बार मुझे डैडी कहा. एक बहुत ही स्मार्ट आदमी ने कहा कि वह हमारे डैडी हैं.
हालांकि, यहां आइसलैंड और ग्रीनलैंड को लेकर भ्रम की स्थिति यहां भी देखने को मिली. ट्रंप ने यहां आइसलैंड का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों तक, जब मैंने उन्हें (नाटो) आइसलैंड के बारे में बताया, वे मुझसे बहुत प्यार करते थे. उन्होंने मुझे ‘डैडी’ तक कहा था.
बता दें कि उन्होंने यहां आइसलैंड का जिक्र किया, जबकि आइसलैंड एक स्वतंत्र देश है और नाटो का सदस्य तो है, लेकिन उसका ग्रीनलैंड से कोई लेना-देना नहीं है जबकि ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है. गौरतलब है कि पिछले साल नाटो के महासचिव ने वास्तव में ट्रंप को डैडी कहा था.
ट्रंप ने नाटो नेताओं की धारणा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मैं इसे चला रहा था और अचानक एक भयानक इंसान बन गया. ग्रीनलैंड को लेकर अपनी मांग को सही ठहराते हुए ट्रंप ने कहा कि मैं जो मांग रहा हूं, वह बर्फ का एक टुकड़ा है, जो दुनिया की शांति और वैश्विक सुरक्षा में अहम भूमिका निभा सकता है. यह बहुत छोटी सी मांग है, उसके मुकाबले जो हमने उन्हें कई-कई दशकों से दिया है.