स्विट्जरलैंड के प्रसिद्ध स्काई रिसॉर्ट क्रांस-मोंटाना में नए साल की रात हुए भीषण अग्निकांड को लेकर जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं. इस हादसे में 40 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकतर किशोर शामिल थे, जबकि 116 से ज्यादा लोग घायल हुए. अब प्रशासन ने स्वीकार किया है कि जिस "ले कॉन्स्टेलेशन" बार में आग लगी, वहां 2019 के बाद कोई वार्षिक सुरक्षा निरीक्षण नहीं किया गया था.
हालांकि, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि बार की सुरक्षा जांच इससे पहले 2016 और 2018 में की गई थी. क्रांस-मोंटाना के मेयर निकोलस फेरो ने बताया कि 2017 में चार नगरपालिकाओं के विलय से क्रांस-मोंटाना का गठन हुआ था. इससे पहले जिस इमारत में यह बार स्थित है, वह एक अलग नगरपालिका के अंतर्गत आती थी. फेरो के मुताबिक, इसी प्रशासनिक बदलाव के बाद निगरानी व्यवस्था में चूक हुई और नियमित निरीक्षण नहीं हो पाया.
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अभियोजकों के अनुसार, आग की शुरुआती वजह स्पार्कलर कैंडल मानी जा रही है, जिससे बार के बेसमेंट की छत में लगी साउंडप्रूफिंग फोम ने आग पकड़ ली. यह फोम 2019 की आखिरी जांच के दौरान मानकों के अनुरूप मानी गई थी. उस समय बार के आकार को देखते हुए फायर अलार्म लगाना भी जरूरी नहीं समझा गया था.
साउंडप्रूफिंग फोम की कभी जांच नहीं हुई
मेयर फेरो ने स्वीकार किया कि साउंडप्रूफिंग फोम की कभी विशेष जांच नहीं की गई. सुरक्षा एजेंसियों को यह आवश्यक नहीं लगा, हालांकि अब यही सामग्री आग तेजी से फैलने की मुख्य वजह मानी जा रही है. हादसे के बाद प्रशासन ने शहर के सभी बार और क्लबों में स्पार्कलर कैंडल के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है.
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बार में 200 लोगों की थी कैपेसिटी
इतनी बड़ी संख्या में मौतों के बाद बार में भीड़ को लेकर भी सवाल उठे हैं. मेयर के अनुसार, बार की अधिकतम क्षमता 200 लोगों की थी और दोनों मंजिलों पर अलग-अलग आपात निकास बनाए गए थे. हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसे की रात निचला आपात निकास काम कर रहा था या नहीं. पुलिस बार संचालित करने वाले दो लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. उन पर लापरवाही से हत्या का मामला दर्ज किया गया है.