प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है. एजेंसी ने 500 अभियोजन शिकायतें (चार्जशीट) दाखिल करने का टारगेट रखा है और अपने सभी ज़ोनल दफ्तरों को जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं.
यह फैसला गुवाहाटी में 19 से 21 फरवरी के बीच आयोजित 34वीं तिमाही ज़ोनल अधिकारियों की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता ED निदेशक राहुल नवीन ने की. बैठक में लंबित मामलों को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने, जांच की गति बढ़ाने और विदेशी ठिकानों-खासतौर पर दुबई और सिंगापुर में छिपाई गई अपराध की कमाई (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का पता लगाने पर विशेष जोर दिया गया.
अधिकारियों को मनी लॉन्ड्रिंग के जटिल लेयरिंग स्ट्रक्चर, लाभकारी स्वामित्व (Beneficial Ownership) और सीमा-पार फंड फ्लो की गहन जांच के निर्देश दिए गए.
एजेंसी ने साफ किया कि Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत कार्रवाई पूरी निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ की जाए. समन और प्रवर्तन कार्रवाई सोच-समझकर और स्पष्ट आधार पर जारी हों.
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विदेशों में संपत्तियों को फ्रीज करने और सबूत जुटाने के लिए एमएलएटी, लेटर्स रोगेटरी, प्रत्यर्पण प्रक्रिया और इंटेलिजेंस शेयरिंग तंत्र के अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया गया. साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंचों-इंटरपोल (भारतपोल और कलर नोटिस), Egmont Group, ARIN-AP और GlobE Network का सक्रिय उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए गए.
सम्मेलन में ट्रेड-बेस्ड मनी लॉन्ड्रिंग, IBC के दुरुपयोग, डिजिटल अरेस्ट स्कैम, साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन सट्टेबाजी, नार्कोटिक्स मामलों में हवाला लिंक, शेयर बाजार में हेरफेर और विदेशी अवैध फंडिंग जैसे मामलों को प्राथमिकता सूची में रखा गया.
ED ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाते हुए छह नए कार्यालय खोले हैं और आइजोल में एक और कार्यालय शुरू करने की तैयारी है. एजेंसी का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक प्रदर्शन रिपोर्ट को मजबूत करते हुए वित्तीय अपराधों पर सख्त शिकंजा कसना है.