उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने चार दिवसीय विदेश दौरे के तहत सिंगापुर के बाद बुधवार सुबह जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे. यहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया. टोक्यो के वाइस गवर्नर जुनिची इशिदेरा, जापान में भारत की राजदूत नगमा मोहम्मद मलिक और बड़ी संख्या में उपस्थित भारतीय समुदाय के लोगों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया. यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहली जापान यात्रा है.
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी के सिंगापुर प्रवास के दौरान उत्तर प्रदेश में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले. इसके साथ ही करीब 60 करोड़ रुपये के सहमति पत्रों (MoUs) को अंतिम रूप दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश से जुड़े ये पहल उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे.
Land of the Rising Sun, जापान में आयोजित Uttar Pradesh Investment Roadshow में आज प्रतिष्ठित इंडस्ट्री लीडर्स से सार्थक संवाद कर उन्हें 'नए उत्तर प्रदेश' में निवेश हेतु आमंत्रित किया।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 25, 2026
आज 'नया उत्तर प्रदेश' बीमारू नहीं, बल्कि भारत की इकोनॉमी का ब्रेकथ्रू बनकर देश के विकास में… pic.twitter.com/n2yfHOMXWd
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सिंगापुर में उनकी टेमासेक, GIC, यूएससी, जीएसएस ग्रीन, सैप कोर्स और ब्लैकस्टोन जैसी वैश्विक निवेश संस्थाओं के चेयरमैन और सीईओ के साथ सार्थक और सकारात्मक चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू हैं और निवेशकों के लिए राज्य में सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण मौजूद है.
Met with Mr. ISHIGURO Norihiko, Chairman and CEO, Japan External Trade Organization, in Tokyo today.
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 25, 2026
Appreciated JETRO’s continued engagement in strengthening Japan–India economic cooperation. Mr. Norihiko noted that Japanese companies in India are keen to expand their… pic.twitter.com/nyA4TylxCK
जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 25 और 26 मार्च को यहां रहेंगे. इस दौरान वह आठ प्रमुख जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे. इसके अलावा जापान की हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन में लगभग 100 किलोमीटर की यात्रा करेंगे और भारतीय समुदाय को संबोधित भी करेंगे. मुख्यमंत्री की यह यात्रा केवल तकनीकी अनुभव तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन ढांचे और औद्योगिक विकास को गति देने के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.