सेशेल्स (Seychelles) हिंद महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश है, जो कुल 115 द्वीपों से मिलकर बना है. इसकी राजधानी और सबसे बड़ा शहर विक्टोरिया (Victoria) है. यह देश अफ्रीका की मुख्य भूमि से लगभग 1,500 किलोमीटर पूर्व में स्थित है. इसके आसपास मालदीव, मॉरीशस, मेडागास्कर, कोमोरोस, मायोट, रीयूनियन और चागोस द्वीपसमूह जैसे द्वीप और क्षेत्र मौजूद हैं. सेशेल्स अफ्रीका का सबसे छोटा और सबसे कम आबादी वाला संप्रभु देश माना जाता है. वर्ष 2022 के अनुमान के अनुसार यहां की आबादी लगभग 1 लाख 600 थी.
इतिहास की बात करें तो लंबे समय तक सेशेल्स के द्वीपों पर कोई स्थायी आबादी नहीं थी. माना जाता है कि अरब और स्वाहिली नाविक इन द्वीपों से परिचित थे, लेकिन यहां स्थायी रूप से नहीं बसे. 16वीं शताब्दी में यूरोपीय लोगों ने इन द्वीपों का रिकॉर्ड तैयार किया, जबकि 18वीं शताब्दी में फ्रांस ने इस पर अधिकार किया. फ्रांसीसी शासन के दौरान खेती के काम के लिए अफ्रीका से दास बनाकर लोगों को यहां लाया गया.
बाद में फ्रांस और ब्रिटेन के बीच इस क्षेत्र को लेकर संघर्ष हुआ और 19वीं शताब्दी की शुरुआत में सेशेल्स पूरी तरह ब्रिटिश शासन के अधीन आ गया. इसके बाद दास प्रथा समाप्त कर दी गई और कुछ समय बाद भारत से अनुबंधित मजदूरों को भी यहां लाया गया. वर्ष 1976 में सेशेल्स ने यूनाइटेड किंगडम से स्वतंत्रता प्राप्त की.
स्वतंत्रता के बाद देश की अर्थव्यवस्था में बदलाव आया. पहले जहां कृषि प्रमुख आधार थी, वहीं बाद में सेवा क्षेत्र, सार्वजनिक क्षेत्र और पर्यटन का विस्तार हुआ. सरकार ने हाल के वर्षों में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं.
सेशेल्स संयुक्त राष्ट्र, अफ्रीकी संघ (African Union), दक्षिणी अफ्रीकी विकास समुदाय (SADC) और राष्ट्रमंडल (Commonwealth of Nations) का सदस्य है. यहां की संस्कृति पर फ्रांसीसी, ब्रिटिश, भारतीय और अफ्रीकी परंपराओं का प्रभाव देखने को मिलता है, जबकि चीनी संस्कृति की भी कुछ झलक यहां दिखाई देती है.
पीएम मोदी ने सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया के स्थानीय मंदिर में पूजा-अर्चना की. मंदिर के बाहर बड़ी तादाद में मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों ने पीएम का अभिवादन किया और 'मोदी-मोदी' के नारे लगाए. देखें वीडियो.
यह वह दौर था, जब सेशेल्स को ब्रिटेन से आजादी मिले महज साढ़े तीन महीने हुए थे. 29 जून 1976 को स्वतंत्र हुआ यह नया-नया देश अभी अपनी विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय पहचान की बुनियाद रख रहा था. ऐसे समय में भारत जैसी बड़ी लोकतांत्रिक ताकत की प्रधानमंत्री का वहां पहुंचना अपने आप में एक बड़ा कूटनीतिक संदेश था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिन के सेशेल्स दौरे पर हैं. यहां उन्होंने सेशेल्स की संसद को संबोधित करते हुए जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ और छोटे द्वीप राष्ट्र जलवायु परिवर्तन से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. उन्होंने भारत और सेशेल्स के बीच मत्स्य पालन, समुद्री विज्ञान, तटीय प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और सतत पर्यटन में सहयोग बढ़ाने के प्रस्ताव रखे.
पीएम मोदी ने रविवार को सेशेल्स की संसद को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि हिंद महासागर हमें बांटता नहीं जोड़ता है. उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स का रिश्ता 50 साल पुराना नहीं, बल्कि इसकी शुरुआत 1770 में हुई थी. जब यहां 5 भारतीय पहुंचे थे. इससे पहले पीएम मोदी को सेशेल्स में पर्यावरण संरक्षण का सर्वोच्च सम्मान मिला. देखें पीएम मोदी का पूरा स्पीच.
सेशेल्स दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंद महासागर को 'अवसरों का महासागर' बनाने की बात कही. राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ वार्ता में दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर दिया. भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा, UPI डिजिटल पेमेंट, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और शिक्षा समेत 19 अहम समझौते हुए. पीएम मोदी ने कहा कि हिंद महासागर की सुरक्षा और समृद्धि दोनों देशों की साझा जिम्मेदारी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया पहुंचे हैं. द्वीप राष्ट्र के रणनीतिक महत्व को देखते हुए भारत ने रक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई उपकरण सौंपे हैं और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर गंभीर चर्चा जारी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं. यह यात्रा 27 जून से 29 जून तक चलेगी. इस दौरे में पीएम मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे.
हिंद महासागर क्षेत्र में सेशल्स की रणनीतिक स्थिति और भारत की समुद्री तथा ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में इस दौरे को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह दौरा क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ाने के साथ ही समुद्री सीमाओं के संरक्षण में भारत के प्रयासों को मजबूत करता है. साथ ही, ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी यह कदम अहम माना जाता है क्योंकि यह समुद्री मार्गों की रक्षा और संसाधनों के सही उपयोग को सुनिश्चित करता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिन के सेशेल्स दौरे पर रवाना हो गए हैं. इस दौरान वह कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सेशेल्स रवाना हुए है. 27 से 29 जून तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. हिंद महासागर क्षेत्र में सेशेल्स की रणनीतिक स्थिति और भारत की समुद्री तथा ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज़ से यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
हिंद महासागर में स्थित सेशेल्स को 1976 को ब्रिटेन से आजादी मिली थी. इस वर्ष यह देश अपनी स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती मना रहा है. ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा और भी खास बन गई है.