can neet ug students ask national testing agency nta for compensation sue the government body cbi probe centre NEET UG 2026 cancelled Live Updates: जांच एजेंसी NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की कड़ियों तेजी से जुड़कर मामले को जल्द-से-जल्द सुलझाने की कोशिश में है. इसी बीच सीबीआई के अधिकारी नीट पेपर लीक मामले के संदिग्ध आरोपी शुभम खैरनार को लेकर बुधवार को मुंबई के लिए रवाना हो गए हैं. जांच टीम शुभम को सुबह 11 बजे ट्रांजिट रिमांड के लिए मुंबई सीबीआई कोर्ट में पेश करेगी. कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद अधिकारी आरोपी को पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाएंगे. पूछताछ के दौरान संदिग्ध आरोपी ने अपने कई साथियों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम बताए हैं. महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों से अब और भी गिरफ्तारियां होने की प्रबल संभावना है. शुभम के मोबाइल फोन से मिले नंबरों के आधार पर कई कोचिंग क्लास मालिक और शिक्षक अब सीबीआई की सीधी निगरानी और रडार पर आ गए हैं.
शुरुआती जांच में खुलासा हुआ था कि राजस्थान के जमवा रामगढ़ के दो भाइयों, मांगीलाल और दिनेश बीवाल ने परीक्षा से एक हफ्ते पहले 26 अप्रैल को गुरुग्राम के एक डॉक्टर से 30 लाख रुपये में नीट-यूजी का पेपर खरीदा था. दोनों भाइयों ने पेपर अपने बेटे को देने के बाद सीकर के एक एमबीबीएस काउंसलिंग एजेंट राकेश कुमार मंदावरिया को बेच दिया.
इस पेपर लीक मामले में राजस्थान का सीकर पूरे घोटाले का केंद्र बनकर उभरा है, जहां से ये पेपर व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए जम्मू-कश्मीर, बिहार, केरल और उत्तराखंड तक पहुंचा. इस मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली है और राजस्थान पुलिस की एसओजी से इनपुट जुटा रही है.
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NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की CBI जांच तेज हो गई है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम संदिग्ध आरोपी शुभम खैरनार को लेकर मुंबई के लिए रवाना हो गई है. CBI अधिकारियों ने शुभम खैरनार को सुबह 11 बजे मुंबई CBI कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए पेश करने का कार्यक्रम बनाया है. कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपी को दिल्ली लाया जाएगा, जहां CBI की टीम उससे विस्तृत पूछताछ करेगी.
सूत्रों के अनुसार, शुभम खैरनार से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं. उसने कुछ और नाम बताए हैं, जिनकी भूमिका इस पेपर लीक साजिश में हो सकती है. CBI अब इन नामों की जांच में जुटी हुई है.
राजस्थान के सीकर से जुड़े NEET 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को लगातार बड़े खुलासे मिल रहे हैं. जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड तक फैला हुआ था और परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बेचे जा रहे थे. मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां पेपर लीक के पूरे सिंडिकेट को खंगालने में जुटी हैं.
सूत्रों के मुताबिक जांच में पता चला है कि गुरुग्राम के एक डॉक्टर से जमवारामगढ़ निवासी दो भाई मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल ने 26 और 27 अप्रैल को करीब 30 लाख रुपये में कथित तौर पर NEET का पेपर खरीदा था. इसके बाद दिनेश बिवाल ने यह पेपर अपने बेटे को दिया, जो सीकर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था. जांच एजेंसियों का दावा है कि इसके बाद 29 अप्रैल को यही पेपर कई अन्य छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाया गया. यहां पढ़ें पूरी खबर....