बिहार में कांग्रेस लंबे समय से अपने पैरों पर खड़े होने की जतन कर रही है. पार्टी के कुछ नेता अब खुलकर आरजेडी से रिश्ता तोड़ने और अपने दम पर चुनाव लड़ने की वकालत कर रहे हैं.
राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को जब कांग्रेस नेताओं की मीटिंग हुई तो सांसद पप्पू यादव ने खुलकर कहा कि कांग्रेस को अगर बिहार में खुद को मजबूत करना है तो उसे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से अलग होना होगा.
वहीं, राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि बिहार कांग्रेस के नेताओं को जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी. उन्हें जमीन पर मेहनत करना पड़ेगी. उन्हें बिहार के नेता रोडमैप तैयार करके दे. वहीं, तारिक अनवर ने कहा सिर्फ जिम्मेदारी देने से नहीं होगा. उसकी जिम्मेदारी भी तय करनी पड़ेगी.
कुछ नेताओं ने ये सलाह दी कि लंबे समय से प्रदेश की कमेटी नहीं है. इसे तुरंत बनाने की जरूरत है. संगठन की कमजोरी की वजह से नुकसान हुआ.
क्या बिहार में पार्टी छोड़ रहे विधायक?
इस दौरान पार्टी ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि पार्टी के नव-निर्वाचित विधायक कांग्रेस छोड़ रहे हैं. हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ छह सीटों पर जीत मिली थी.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह बैठक अपने आवास पर बुलाई थी, जिसमें राहुल गांधी भी मौजूद थे. मीटिंग में संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार भी शामिल हुईं. इसके अलावा बिहार के नव-निर्वाचित कांग्रेस विधायक और अन्य नेता भी उपस्थित थे.
नाराज पप्पू यादव को मनाया गया
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए वेणुगोपाल ने कहा, 'यह अफवाहें फैलाई जा रही थीं कि हमारे सभी विधायक पार्टी छोड़ रहे हैं, लेकिन इस बैठक में हमारे सभी विधायक मौजूद थे. ये सभी खबरें पूरी तरह फर्जी हैं. कांग्रेस के खिलाफ इस तरह की अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं.'
सूत्रों के अनुसार, सांसद पप्पू यादव पहले खड़गे के आवास आए थे और फिर लौट गए, क्योंकि शुरुआत में आमंत्रितों की सूची में उनका नाम नहीं था. बाद में कांग्रेस नेताओं से बातचीत के बाद वे दोबारा खड़गे के आवास पहुंचे.
(PTI इनपुट्स के साथ)