महाशिवरात्रि (Mahashivratri), हिंदुओं का एक धार्मिक त्योहार है. पुराणों के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की शादी हुई थी. महाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए महाशिवरात्रि को बहुत खास माना गया है.
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शंकर की मूर्ति या शिवलिंग को पंचामृत से स्नान कराकर लोटे से जल चढ़ाया जाता है. फिर चंदन का तिलक लगाकर, बेलपत्र, भांग, धतूरा, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिष्ठान, मीठा पान, इत्र चढ़ाना चाहिए. किसी भी विशेष पूजा पर भगवान के आगे कुछ दक्षिणा जरूर चढ़ाना चाहिए. शिवरात्रि के दिन सुबह से लेकर पूरी रात तक दीपक जलाने से शिव और पार्वती की कृपा प्रप्त होती है. माना जाता है कि इस दिन पुजा-पाठ करने से दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है साथ ही, अविवाहितों को मनपसंद जीवनसाथी मिलता है (Mahashivratri Puja).
महाशिवरात्रि के त्योहार पर श्रद्धालु व्रत भी रखते हैं. इस दिन शिवालय जाकर शिवलिंग पर गंगाजल और गाय का दूध अर्पित करने से कल्याण होता है. कई स्थानों पर इस दिन शिव पर ध्यान और शिव मंदिरों में पूरी रात जागरण भी किया जाता है (Mahashivratri Rituals).
Ram Navami 2026 Date: हिंदू धर्म में राम नवमी का पर्व भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. मान्यता है कि त्रेता युग में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अयोध्या में भगवान राम का जन्म हुआ था, तभी से इस दिन राम नवमी मनाने की परंपरा चली आ रही है.
Mahashivratri Vastu Upay 2026:महाशिवरात्रि के दिन अगर आप सच्चे मन से कुछ छोटे-छोटे उपाय करते हैं, तो माना जाता है कि जीवन में सुख-शांति और तरक्की आती है. कहा जाता है कि इस दिन कुछ उपाय करने से घर का माहौल अच्छा होता है और पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है.
झारखंड के देवघर को शास्त्रों और परंपराओं के आधार पर असली वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग माना जाता है। हिमाचल और महाराष्ट्र के मंदिर भी प्रसिद्ध हैं, लेकिन उन्हें चिताभूमि नहीं माना जाता. आदि शंकराचार्य के स्तोत्र और शिव पुराण में देवघर की चिताभूमि के रूप में पहचान मिलती है.
महादेव का नृत्य भरत मुनि को नाटक में नृत्य का महत्व समझाने, अपस्मार राक्षस पर नियंत्रण करने और आचार्य पाणिनी को संस्कृत व्याकरण की रचना के लिए प्रेरित करने वाला था। नटराज रूप में शिवजी ने अहंकार और अभिमान को नियंत्रित करने की शिक्षा दी. जानिए कैसे?
महाशिवरात्रि के पर्व पर देश के अलग-अलग हिस्सों में शिवालयों पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली. हर कोई महादेव के दर्शन, जल अर्पित करने और अभिषेक करने के लिए उत्सुक था. शिवालयों में लंबी कतारें लगी और भक्तों ने अपनी बारी का इंतजार किया. खासकर 12 ज्योतिर्लिंगों में भक्तों की मौजूदगी ज्यादा रही.
महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर बाबा महाकाल के मंदिर में भव्य महापूजन अर्चन किया गया. भगवान शिव को भांग का विशेष श्रृंगार किया गया है. लाखों भक्तगण बाबा के दर्शन कर धन्य महसूस कर रहे हैं. इस पावन पर्व पर मंदिर में भस्म आरती का आयोजन किया गया, जो बड़े उत्साह से चल रही है.
महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है. इसमें चार अलग अलग प्रहरों में भगवान शिव की पूजा की जाती है. फिर रात्रि जागरण के माध्यम से भगवान को प्रसन्न किया जाता है.
भगवान शिव को समर्पित महाशिवरात्रि आने वाली है. भगवान शिव बड़े दयालु हैं, इसलिए संसार में उनके भक्तों की कोई कमी नहीं है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों में भोले बाबा के कुछ बड़े शत्रुओं का भी वर्ण मिलता है.
तुलसीदास बालकांड में महाशिवरात्रि के प्रसंग लिखते हैं और कहते हैं कि महादेव का स्वरूप डरावना होते हुए भी कल्याणकारी और संपूर्ण संसार को सीख देने वाला है. इसलिए संसार के हर कोने में महादेव के भक्त मिल ही जाते हैं.
प्राचीन विष्णु मंदिरों के खजानों और ‘नागबंधम’ अनुष्ठान की रहस्यमयी दंतकथाओं पर बनी पैन इंडिया फिल्म बिना बड़े स्टार्स के भी चर्चा में है. शानदार विजुअल्स और एडवेंचर की कहानी लेकर या रही ‘नागबंधम’ ने सिर्फ टीजर से ही जिज्ञासा बढ़ा दी है. अब नजर इस पर है कि थिएटर्स में ये माइथोलॉजिकल एडवेंचर कितना बड़ा कमाल करती है.
Mahashivratri 2026 Paran Time: आज 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है. जानें चतुर्दशी तिथि, रात की पूजा का महत्व और 16 फरवरी को व्रत पारण के लिए सबसे शुभ मुहूर्त और सरल विधि क्या है.
दूधेश्वरनाथ महादेव शिव के सबसे प्राचीतम मंदिर में से एक माना जाता है. कहते हैं कि रावण के पिता विश्वश्रवा ने इस स्थान पर घर तप किया था. रावण ने भी यहां भगवान शिव की आराधना की थी.
Mahashivratri: आज महाशिवरात्रि है, आध्यात्मिक ऊर्जा का वह महापर्व जो आपके जीवन की दिशा बदल सकता है. महादेव की आराधना में किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी आज के दिन कई गुना अधिक फलदायी माने जाते हैं.
Mahashivratri 2026: देशभर में आज महाशिवरात्रि की धूम है. सुबह से ही शिवालयों में 'हर-हर महादेव' की गूंज है. भक्त कतारों में लगकर जलाभिषेक कर रहे हैं. हालांकि, ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज शाम से भद्रा का साया शुरू होने जा रहा है, जो कल सुबह तक बना रहेगा.
कृष्ण पक्ष में चंद्रमा क्षीण होता जाता है, जो ‘मन’ के क्षय का प्रतीक है. चतुर्दशी तक आते-आते मन लगभग शांत हो जाता है. यह स्थिति अहंकार के लय और आत्मचिंतन के लिए अनुकूल मानी गई है. भगवान शिव को ‘अहंकार विनाशक’ और ‘संहार के देवता’ कहा जाता है.
Budh Gochar on Maha Shivaratri 2026: आज महाशिवरात्रि पर बुध ग्रह उत्तर दिशा की ओर अपनी चाल चलेंगे. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिशा परिवर्तन का सकारात्मक असर खासतौर पर मिथुन, कन्या और मकर राशि पर पड़ेगा. जानिए करियर, व्यापार और धन से जुड़े मामलों में बुध गोचर क्या संकेत दे रहा है.
Mahashivratri 2026 Jal Time: आज महाशिवरात्रि मनाई जा रही है, लेकिन सवाल है कि भगवान शिव का जलाभिषेक कब करें? जानें 15 फरवरी को जल चढ़ाने का सबसे सटीक मुहूर्त, निशिता काल का समय और चारों प्रहर की पूजा की पूरी टाइमिंग .
महादेव और श्रीकृष्ण दोनों ही योग के महान गुरु हैं, लेकिन उनके योग के मार्ग अलग हैं. गीता में श्रीकृष्ण को योगेश्वर कहा गया है और वे स्वयं कहते हैं कि रुद्रों में शंकर हैं, जो महादेव का प्रतीक हैं.
हर व्यक्ति के मन में यह सवाल आता है कि क्या हर शिवरात्रि एक जैसी होती है? तो आइए महाशिवरात्रि के मौके पर जानते हैं मासिक शिवरात्रि, सावन शिवरात्रि और फाल्गुन की महाशिवरात्रि में छिपा आध्यात्मिक और धार्मिक अंतर.
Mahashivratri 2026: आज देशभर में महाशिवरात्रि का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. शिव भक्तों के लिए यह दिन जितना आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, ज्योतिषीय दृष्टि से भी आज का दिन एक बड़े बदलाव का साक्षी बन रहा है.
Maha Shivratri 2026 : महाशिवरात्रि को लेकर ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म ने खाल डील का ऐलान किया है. लिस्ट डिटेल्स के मुताबिक, 9 रुपये से डील शुरु है.