Mahashivratri 2026 Grah Gochar: महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव के भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है. इस दिन श्रद्धालु व्रत, पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक के माध्यम से भोलेनाथ की आराधना करते हैं. वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी. इस बार यह पर्व धार्मिक के साथ-साथ ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसी दिन कई बड़े ग्रह परिवर्तन होने जा रहे हैं, जिनका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा.
द्रिक पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन एक दुर्लभ ग्रह संयोग बन रहा है. दोपहर के समय ग्रहों के सेनापति मंगल धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर करेंगे, वहीं चंद्रमा मकर राशि में प्रवेश करेंगे. इसके अलावा रात करीब 9 बजे बुद्धि और व्यापार के कारक बुध ग्रह पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में गोचर करेंगे. ज्योतिषियों का मानना है कि एक ही दिन तीन प्रमुख ग्रहों की चाल बदलना अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है. इसका असर आने वाले समय में कई राशियों के जीवन पर स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है.
वृषभ राशि
यह ग्रह गोचर वृषभ राशि के जातकों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है. लंबे समय से चली आ रही मानसिक परेशानियां कम होंगी . करियर से जुड़ी अनिश्चितताएं धीरे-धीरे दूर होती नजर आएंगी. कुछ लोगों को नई नौकरी मिलने के संकेत हैं, जबकि आर्थिक स्थिति में भी सुधार के योग बन रहे हैं. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. प्रेम संबंधों में पहले से अधिक मधुरता देखने को मिल सकती है.
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए यह समय रिश्तों और स्वास्थ्य दोनों ही दृष्टि से शुभ माना जा रहा है.अविवाहित लोगों के विवाह से जुड़ी बातचीत आगे बढ़ सकती है, वहीं विवाहित जातक अपने जीवनसाथी के साथ बेहतर तालमेल महसूस करेंगे. जिन लोगों का कोई बड़ा इलाज या ऑपरेशन तय है, उन्हें उसमें सफलता मिलने के संकेत मिल रहे हैं. आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी .भविष्य को लेकर आत्मविश्वास बढ़ेगा.
तुला राशि
तुला राशि के लिए महाशिवरात्रि और उसके बाद का समय खास रहने वाला है. नौकरीपेशा लोगों को अपने कार्यक्षेत्र में की गई मेहनत का पूरा फल मिल सकता है. वरिष्ठों से प्रशंसा मिलने के योग हैं. पारिवारिक जीवन में सामंजस्य बना रहेगा. घर की जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने में सफलता मिलेगी. संतान से जुड़ी कोई इच्छा या चिंता इस दौरान दूर हो सकती है, जिससे मानसिक संतोष प्राप्त होगा.