लता मंगेशकर, गायिका
लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar), जिन्हें पूरा विश्व स्वर साम्राज्ञी और स्वर कोकिला के नाम से जानता है, एक भारतीय पार्श्व गायिका थीं. वह भारत में सबसे प्रसिद्ध और सबसे सम्मानित गायिकाओं में से एक थीं. लता मंगेशकर भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित गायिका थीं (Bharat Ratna). उन्होंने एक हजार से अधिक हिंदी फिल्मों में गाने रिकॉर्ड किए हैं और 36 से अधिक भारतीय भाषाओं और विदेशी भाषाओं में गाने गाए. जनवरी 2022 में लता मंगेशकर कोविड पॉजिटिव हो गईं (Lata Mangeshkar Covid Positive) और उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के आईसीयू ( Breach Candy Hospital, Mumbai) में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान, लता दी ने 6 फरवरी 2022 को पार्थिव देह त्याग दिया (Lata Mangeshkar Death).
लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर में हुआ था (Lata Mangeshkar date of Birth). उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर, एक मराठी और कोंकणी संगीतकार थे और में शुधमती थीं (Lata Mangeshkar parents). लता अपने घर की सबसे बड़ी बेटी थीं. मीना खादीकर, आशा भोंसले (Asha Bhonsle), उषा मंगेशकर और हृदयनाथ मंगेशकर, लता के भाई-बहन हैं, ये सभी कुशल गायक और संगीतकार हैं (Lata Mangeshkar Siblings). लता के दादा, गणेश भट्ट नवाथे हार्डिकर एक करहड़े ब्राह्मण पुजारी थे, जिन्होंने गोवा के मंगेशी मंदिर में शिव लिंगम का अभिषेक किया था, और उनकी दादी, येसुबाई राणे, गोमांतक मराठा समाज से थी (Lata Mangeshkar Grand Parants).
लता ने संगीत की पहली शिक्षा अपने पिता से हासिल की. पांच साल की उम्र में, उन्होंने अपने पिता के मराठी संगीत नाटकों में एक अभिनेत्री के रूप में भी काम किया था. अपने स्कूल के पहले दिन, लता ने स्कूल छोड़ दिया क्योंकि वे उसे अपनी बहन आशा को अपने साथ स्कूल लाना चहती थी जिसकी अनुमति उन्हें नहीं मिली (Lata Mangeshkar Education).
लता ने 1942 में मराठी फिल्म किती हसाल में अपना पहला गाना गाया था लेकिन गीत को अंतिम कट से हटा दिया गया. फिर उन्हें नवयुग चित्रपट की मराठी फिल्म पहिली मंगला-गौर (1942) में एक छोटी भूमिका दी, जिसमें उन्होंने एक गाना भी गाया. मराठी फिल्म गजभाऊ (1943) के लिए लता मंगेशकर ने पहला हिंदी गाना गाया था. जब 1945 में मास्टर विनायक की कंपनी ने अपना मुख्यालय मुबंई स्थानांतरित कर दिया तब लता भी मुंबई चली गई. वहां उन्होंने भिंडीबाजार घराने के उस्ताद अमन अली खान से हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की शिक्षा लेनी शुरू की. उन्होंने वसंत जोगलेकर की हिंदी भाषा की फिल्म आप की सेवा में (1946) एक गाना गाया. लता मंगेशकर की पहली प्रमुख हिट फिल्मों में से एक "आयेगा आने वाला" थी, जो फिल्म महल (1949) का गीत था, जो अभिनेत्री मधुबाला द्वारा अभिनित था. इसके बाद लता मंगेशकर ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा और सफलता की सीढ़िया चढ़ती गईं (Lata Mangeshkar Singing Debut).
1974 में, वह लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में प्रदर्शन करने वाली लता पहली भारतीय बनीं.
लता मंगेशकर ने कई पुरस्कार और सम्मान जीते हैं, जिसमें, पद्म भूषण (1969), पद्म विभूषण (1999), लाइफटाइम अचीवमेंट्स के लिए जी सिने अवार्ड (1999), दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार (1997), एनटीआर राष्ट्रीय पुरस्कार (1999), भारत रत्न (2001), लीजन ऑफ ऑनर (2007), एएनआर राष्ट्रीय पुरस्कार (2009), 3 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 15 बंगाल फिल्म पत्रकार ' एसोसिएशन पुरस्कार शामिल हैं. उन्होंने चार फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व पुरस्कार भी जीते हैं. 1969 में, उन्होंने नई प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व पुरस्कार को छोड़ने का असामान्य इच्छा जाहिर की. बाद में उन्हें 1993 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड और 1994 और 2004 में फिल्मफेयर स्पेशल अवार्ड्स से सम्मानित किया गया (Lata Mangeshkar Awards).
1984 में, मध्य प्रदेश की राज्य सरकार ने लता मंगेशकर के सम्मान में लता मंगेशकर पुरस्कार की स्थापना की. साथ ही महाराष्ट्र राज्य सरकार ने 1992 में लता मंगेशकर पुरस्कार की भी स्थापना की Lata Mangeshkar Award).
2009 में, मंगेशकर को फ्रांस के सर्वोच्च आदेश, फ्रेंच लीजन ऑफ ऑनर के अधिकारी की उपाधि से सम्मानित किया गया था. लता मंगेशकर 1989 में संगीत नाटक अकादमी, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़, और शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर से मानद डॉक्टरेट की मानद उपाधि दी गई (Lata Mangeshkar, honorary doctorates).
जीनत अमान ने अपने इंस्टाग्राम पर दिवंगत सिंगर आशा भोसले के आइकॉनिक गाने 'दम मारो दम' की अनसुनी कहानी साझा की है. उन्होंने बताया कि पहले ये गाना लता मंगेशकर और उषा उत्थुप के लिए बनाया गया था.
Asha Bhosle Last Rites: 12 अप्रैल 2026 का दिन भारतीय संगीत के लिए बेहद दर्दनाक साबित हुआ. सुरों की मल्लिका आशा भोसले ने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली. 13 अप्रैल की शाम 5:22 बजे बेटे आनंद भोसले ने आशा के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी. आशा ताई अब पंचतत्व में विलीन हो चुकी हैं, लेकिन उनकी मधुर आवाज और यादें हमेशा दिलों में जिंदा रहेंगी.
आशा भोंसले और लता मंगेशकर सगी बहनें थीं. पिता से दोनों को सें म्यूज़िकल ट्रेनिंग मिली थी. दोनों की आवाज का टेक्सचर भी बहुत एक जैसा था. दोनों ने बहुत बार एक जैसे गाने भी गए. तो फिर आशा को क्या चीज उनकी बड़ी बहन से अलग करती थी?
आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते वक्त अथिया शेट्टी से बड़ी गलती हो गई. उन्होंने गलती से लता मंगेशकर की फोटो पोस्ट कर दी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. हालांकि, एक्ट्रेस ने तुरंत पोस्ट डिलीट कर सही तस्वीर के साथ नया पोस्ट शेयर किया.
आशा भोसले के निधन के बाद मंगेशकर परिवार एक बार फिर चर्चा में है. जानिए दीनानाथ मंगेशकर से लेकर लता, आशा और पूरे परिवार की विरासत, संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी.
आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं. लेकिन उनके गाए हुए हजारों गाने हमेशा लोगों के दिलों में धड़कते रहेंगे. उन्होंने अपने गानों को लेकर कई किस्से शेयर किए हैं. जो काफी मशहूर भी हुए. जानिए
लता मंगेशकर और आशा भोसले दोनों बहनें थीं. हिंदी सिनेमा में दोनों ही बहनों ने कई चार्टबस्टर गाने दिए. इस बीच दोनों की अनबन की खबरें भी सुर्खियों में रही. जानिए इस पर आशा भोसले ने क्या कहा था?
आशा भोसले और लता मंगेशकर का रिश्ता सिर्फ बहनों का नहीं, बल्कि गुरु और शिष्य जैसा भी था. दोनों के बीच तुलना और प्रतिस्पर्धा की चर्चाएं जरूर रहीं, लेकिन असल में यह एक हेल्दी कॉम्पिटिशन था, जिसने दोनों को और बेहतर बनाया. अलग-अलग अंदाज में गाकर उन्होंने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अपनी अमिट छाप छोड़ी.
Asha Bhosle Passed Away: आशा भोसले भले ही हमारे बीच नहीं रहीं, मगर अपने गानों के जरिए वो हमेशा जिंदा रहेंगी. आशा के निधन से हर किसी को तगड़ा झटका लगा है.
बॉलीवुड सिगंर आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है. इस खबर के बाद पूरी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गईं. बीती रात ही उन्हें मुंबई के कैंडी ब्रीच अस्पताल में एडमिट कराया गया था.
भारतीय संगीत जगत की स्वर कोकिला आशा भोसले के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है. दशकों तक अपनी मधुर आवाज से लोगों के दिलों पर राज करने वाली आशा ताई ने हजारों यादगार गीत दिए. उनके जाने से संगीत की एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया, लेकिन उनके गाए गीत हमेशा उन्हें अमर बनाए रखेंगे और पीढ़ियों तक गूंजते रहेंगे.
अब अपने बयान के कई दिनों बाद रहमान, नेटफ्लिक्स के 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' में पहली बार नजर आने वाले हैं. कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो का ये एपिसोड, 31 जनवरी की रात प्रसारित होगा. इसके प्रोमो में होस्ट कपिल शर्मा, अदिति राव हैदरी, विजय सेतुपति, सिद्धार्थ जाधव और रहमान का स्वागत कर रहे हैं.
जया बच्चन ने कहा कि वो नहीं चाहतीं कि उनकी नातिन नव्या शादी करें क्योंकि ये अब बहुत 'आउटडेटेड' ट्रेंड बन चुका है. हालांकि एक्ट्रेस की ये बात कुछ नई नहीं है. इंडस्ट्री में ऐसी कई फीमेल कलाकार हैं जिन्होंने बिना शादी किए अपना जीवन खुलकर जिया है.
फरहान अख्तर की फिल्म '120 बहादुर' का दमदार धमाकेदार टीजर रिलीज हो गया. टीजर में फरहान मेजर शैतान सिंह भाटी के पावरफुल रोल में नजर आ रहे हैं. स्वर कोकिला लता मंगेशकर का गाना भी सुनाई दे रहा है.
एक 'देवी जी' सोशल मीडिया के इसी ट्रेंडी गाने को शिवालय में गाते-गुनगुनाते नजर आईं. वह लिंग स्वरूप शिव जी को संबोधित करते हुए बार-बार गुनगुनाते हुए कह रही थीं कि 'चाहे जितना मर्जी तड़पा लो और ठुकरा लो, लेकिन हम तुम्हारे दर पर आना नहीं छोड़ेंगे.'
आपको बता दें कि लता मंगेशकर निर्देशक बोनी कपूर की फिल्म 'पुकार' में नजर आई थी. इसका एक गाना 'एक तू ही भरोसा' बच्चों की प्रार्थना पर फिल्माया गया था. इसमें उन्होंने बच्चों के साथ गाने की एक्टिंग की थीं
डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म 'रंग दे बसंती' साल 2006 की सबसे कामयाब फिल्म थी. उनकी फिल्म के गाने भी यादगार हैं. हाल ही में उन्होंने फिल्म के एक गाने लुक्का छुप्पी से जुड़ा एक किस्सा सुनाया है जिसमें उन्होंने दिवंगत सिंगर लता मंगेशकर की महानता के बारे में बताया है.
बॉलीवुड के मेगा स्टार अमिताभ बच्चन इंडस्ट्री की आन-बान और शान हैं. 81 साल की उम्र में भी फिल्मों में अमिताभ का योगदान काबिल-ए-तारीफ है.
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को बुधवार को लता दीनानाथ मंगेशकर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. फैंस के लिए ये गर्व का पल है.
प्राण प्रतिष्ठा से पहले पीएम मोदी ने लता मंगेशकर को याद करते हुए ट्वीट में लिखा- जैसा कि देश बड़े उत्साह के साथ 22 जनवरी का इंतजार कर रहा है. ऐसे में जिन लोगों की कमी खलेगी वो हमारी प्यारी लता दीदी हैं.
अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में 22 जनवरी को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारियां जारी हैं, तो दूसरी तरफ देशभर में इस समारोह को लेकर उत्साह नजर आ रहा है. इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए स्वर कोकिला लता मंगेशकर को याद किया.