उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) का ड्राफ्ट जारी होते ही राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है. उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस प्रक्रिया को लोकतंत्र मजबूत करने वाला बताया और फर्जी मतदान रोकने पर जोर दिया. उन्होंने विपक्षी नेता अखिलेश यादव के वोटरों के आंकड़ों को अवास्तविक बताया और भाजपा की मजबूत संगठनात्मक शक्ति पर विश्वास जताया. मौर्य ने 6 जनवरी से 6 फरवरी तक नाम जोड़ने की अपील भी की है.