किएर रॉडनी स्टार्मर (Keir Starmer) एक ब्रिटिश राजनेता और बैरिस्टर हैं. वह 2020 से लेबर पार्टी के सदस्य रहे हैं. किएर स्टार्मर ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. 22 जून 2026 को उन्होंने पीएम पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था.
बता दें कि स्टार्मर 2015 से 2024 तक होलबोर्न और सेंट पैनक्रास से संसद सदस्य थे और इससे पहले 2008 से 2013 तक लोक अभियोजन निदेशक रहे थे. ब्रिटेन आम चुनाव 2024 में किएर स्टार्मर के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी और प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी आमने सामने थे (UK General Election 2024). सुनक को हराते हुए किएर स्टार्मर ने 650 सीटों में 412 सीटों पर जीत दर्ज की, जिसके बाद वह पीएम बने थे.
लंदन में जन्मे और सरे में पले-बढ़े स्टार्मर ने रीगेट ग्रामर स्कूल से पढ़ाई की. वह कम उम्र से ही राजनीति में सक्रिय रहे है. किएर स्टार्मर 16 साल की उम्र में लेबर पार्टी यंग सोशलिस्ट में शामिल हो गए थे. उन्होंने 1985 में लीड्स विश्वविद्यालय से विधि स्नातक की उपाधि प्राप्त की और 1986 में ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के सेंट एडमंड हॉल से सिविल लॉ से ग्रेजुएट हुए.
किएर स्टार्मर 2015 के आम चुनाव में हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुने गए. 2019 के आम चुनाव में लेबर की हार के बाद किएर स्टार्मर ने वामपंथी मंच पर 2020 के नेतृत्व चुनाव जीतकर पार्टी नेता बने.
स्टार्मर ने 2007 में विक्टोरिया अलेक्जेंडर से शादी की और उनके दो बच्चे हैं.
ब्रिटेन में लेबर पार्टी के नेता एंडी बर्नहैम बिना आम चुनाव के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. पार्टी के अंदर हुए नेतृत्व चुनाव में उन्हें भारी समर्थन मिला. ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था के तहत सत्तारूढ़ दल का नया नेता ही सीधे प्रधानमंत्री बन जाता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर तीखा हमला बोला है. ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका का समर्थन न कर के स्टार्मर ने ब्रिटेन की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को कमजोर किया है. ट्रंप ने ये भी दावा किया कि इस रुख से स्टार्मर के घरेलू राजनीति राजनीतिक स्थिति को नुकासन पहुंचा और ब्रिटेन की जनता ने इसे पसंद नहीं किया.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे राजनीतिक हलचल मची है. इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी के नए नेता की खोज तेज हो गई है, जिसमें एंडी बर्नहैम सबसे मजबूत दावेदार हैं.
यूके की राजनीति में कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद एंडी बर्नहैम प्रधानमंत्री पद के मुख्य दावेदार के तौर पर उभरे हैं. मेकरफील्ड उपचुनाव में उन्होंने दक्षिणपंथी पार्टी 'रिफॉर्म यूके' को करारी हार दी है. बर्नहैम का राजनीतिक सफर पत्रकारिता से शुरू होकर पीएम पद की रेस तक पहुंच गया है. उनकी जन-समर्थक छवि ने उन्हें दक्षिणपंथी पार्टी के खिलाफ मजबूत नेता बनाया है.
ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है. प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक लेबर पार्टी के भीतर लंबे समय से उनके नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ रहा था और 100 से अधिक सांसद उनके खिलाफ खड़े हो गए थे. पार्टी के बढ़ते दबाव के बीच स्टार्मर ने पद छोड़ने का फैसला किया.
किएर स्टार्मर ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन उनके कार्यकाल में भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बड़ी तरक्की हुई. विशेषज्ञों का मानना है कि स्टार्मर ने UK-India संबंधों को मजबूती दी है, जो नए प्रधानमंत्री के लिए एक मजबूत आधार बनेगा. बिजनेस इंडस्ट्री और राजनीतिक विश्लेषकों ने भी स्टार्मर के योगदान की तारीफ की है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है. कार्यकाल पूरा किए बगैर प्रधानमंत्री पद छोड़ने वाले किएर ब्रिटेन के छठे प्रधानमंत्री बन गए हैं.
ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. लेबर पार्टी के भीतर बढ़ती असहमति और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों के बीच प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर ने पद छोड़ने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने पार्टी प्रमुख की जिम्मेदारी से भी हटने का फैसला किया है. इस घटनाक्रम के बाद अब ब्रिटेन की राजनीति में नए नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
ब्रिटेन के राजनीतिक घटनाक्रम में सोमवार को उस समय बहुत बड़ा मोड़ आ गया, जब प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने अपने पद और लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा देने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. इसके साथ ही वे पिछले 10 सालों में समय से पहले इस्तीफा देने वाले छठे ब्रिटिश पीएम बन गए हैं.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कुर्सी पर खतरा बढ़ गया है, क्योंकि उनकी ही पार्टी के 100 से अधिक सांसद उनके खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं. विपक्षी नेता एंडी बर्नहैम की हालिया जीत ने स्टार्मर की स्थिति को और कमजोर कर दिया है. ऐसे में स्टार्मर इस्तीफे पर विचार कर रहे हैं.
ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है. लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता एंडी बर्नहैम की बड़ी चुनावी जीत के बाद प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ गया है. पार्टी के भीतर भी नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो रही है.
दुनियाभर के ये नेता फ्रांस में जियोपॉलिटिक्स को लेकर जुटे हुए थे लेकिन फुटबॉल एक ऐसा विषय था, जिस पर सभी एक सुर में सुर मिला रहे थे. माइक्रोफोन में रिकॉर्ड बातचीत में कई नेताओं को फीफा वर्ल्डकप की बातें करते सुना गया.
ब्रिटिश अधिकारियों ने इंग्लिश चैनल से एक रूसी तेल टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया है. इस जहाज पर रूस के खिलाफ लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने का आरोप है. इस मामले में एक भारतीय नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है.
किंग चार्ल्स तृतीय की साल 2026 की 'बर्थडे ऑनर्स' सूची में भारतीय मूल के कई दिग्गजों को उनकी असाधारण सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया है. इस सूची में सबसे बड़ा नाम मशहूर डेम परवीन कुमार का है.
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने अपने पद से अचानक इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है. इस्तीफा देते हुए उन्होंने सरकार की नीतियों पर तीखा हमला किया और कहा कि बढ़ते खतरों के बावजूद सरकार सेना पर पर्याप्त खर्च करने को तैयार नहीं है.
लेबनान में इजरायली कार्रवाई और ईरान की जवाबी मिसाइलों के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है. अमेरिका और ब्रिटेन ने दोनों देशों से संयम बरतने और युद्धविराम का सम्मान करने की अपील की है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल पूर्ण युद्ध की स्थिति नहीं है, लेकिन तनाव बना रहने से क्षेत्र में अस्थिरता की आशंका कायम है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है.
ब्रिटेन की किएर स्टार्मर सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. इस बीच माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है. उनकी लोकप्रियता जनता के बीच लगातार घटती जा रही है.
ब्रिटिश स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने स्टार्मर कैबिनेट से इस्तीफा दिया. चुनावी हार के बाद लेबर पार्टी में नेतृत्व संकट और बगावत तेज हुई.
लंदन में यहूदियों पर हमले के बाद ईरान ने ब्रिटेन पर फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन का आरोप लगाया. घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा, वहीं UK में सुरक्षा और एंटी-सेमिटिक हमलों को लेकर चिंता गहरी हुई.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टारमर ने रूस के शैडो फ्लीट जहाजों को ब्रिटेन के जलक्षेत्र से गुजरने पर रोकने की धमकी दी थी. लेकिन इसके बाद भी रूस के शैडो जहाज बिना रोक-टोक ब्रिटेन के समंदर से गुजर रहे हैं. ब्रिटेन की नौसेना की क्षमता सीमित होने और कानूनी अड़चनों के कारण रूस के शैडो फ्लीट पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है.
मिडिल-ईस्ट में तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक रस्साकशी तेज हो गई है. ईरान ने जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए IRGC की मंजूरी और यूएस प्रतिबंधों में फंसे फंड को फ्री करने की शर्त रखी है.