scorecardresearch
 

ब्रिटेन की संसद में महिला सांसद से बहस, PM स्टार्मर ने किया 'कामसूत्र' का जिक्र, मचा बवाल

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर संसद में कामसूत्र से जुड़ा मजाक करने के बाद आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं. विपक्ष का कहना है कि उन्होंने गंभीर नीतिगत सवालों का जवाब देने के बजाय गलत समय पर हल्की टिप्पणी की, जिससे सदन में असहज सन्नाटा छा गया. इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी नाराजगी दिख रही है.

Advertisement
X
विपक्ष ने स्टार्मर की भाषा और गंभीर मुद्दों पर जवाब देने के तरीके पर सवाल उठाए हैं. (File Photo: ITG)
विपक्ष ने स्टार्मर की भाषा और गंभीर मुद्दों पर जवाब देने के तरीके पर सवाल उठाए हैं. (File Photo: ITG)

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने संसद में एक विवादित बयान दिया जिसे लेकर उनकी कड़ी आलोचना हो रही है. हाउस ऑफ कॉमन्स में सवाल-जवाब के दौरान उन्होंने 'कामसूत्र' का जिक्र करते हुए मजाक किया, जिसे कई लोगों ने 'गलत' और 'गैरजरूरी' बताया. यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है जब लेबर सरकार अपनी नीतियों में बार-बार बदलाव और आर्थिक हालात को लेकर दबाव का सामना कर रही है. 

विपक्षी कंजर्वेटिव नेता केमी बेडनॉक ने सरकार पर नीतियों में बार-बार बदलाव को लेकर सवाल उठाए थे. जवाब में किएर स्टार्मर ने कहा कि 'विपक्ष ने 14 साल में कामसूत्र से ज्यादा पोजिशन बदली हैं. इसमें कोई हैरानी नहीं कि वे थक चुके हैं, उन्होंने देश की हालत बिगाड़ दी है.' इस बयान के बाद सदन में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया. 

सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल

कई सांसदों और सदन में मौजूद लोगों ने इसे 'असहज' और 'गलत समय पर किया गया मजाक' बताया. विपक्ष ने तुरंत इस पर हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री ने गंभीर मुद्दों पर ठोस जवाब देने के बजाय हल्के मजाक का सहारा लिया. सोशल मीडिया पर भी इस बयान के वीडियो तेजी से फैल गए. 

कई लोगों ने सवाल उठाया कि इतनी अहम संसदीय बहस के दौरान प्रधानमंत्री ने इस तरह की भाषा क्यों इस्तेमाल की. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 'यह सिर्फ एक खराब मजाक नहीं था, बल्कि यह दिखाता है कि प्रधानमंत्री हालात की गंभीरता को समझने में चूक रहे हैं'.

Advertisement

सवालों के घेरे में स्टार्मर सरकार

यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है जब लेबर पार्टी अपनी नीतियों को लेकर पहले से ही जांच के घेरे में है. खासकर डिजिटल पहचान जैसे मुद्दों पर सरकार के यू टर्न को लेकर सवाल उठ रहे हैं. आलोचकों का कहना है कि किएर स्टार्मर न तो सदन का माहौल समझ पा रहे हैं और न ही जनता की प्राथमिकताओं को.

नीतियों को लेकर भी उठ रहे सवाल

नीतियों के मोर्चे पर भी सरकार को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. सत्ता में आने के बाद स्टार्मर सरकार ने हर साल तीन लाख नए घर बनाने का वादा किया था, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले बीस सालों में कोई भी सरकार यह लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई है. बढ़ती लागत, मजदूरों की कमी और वित्तीय दिक्कतों की वजह से निर्माण क्षेत्र दबाव में है. पार्टी चाहे कोई भी रही हो, ब्रिटेन में हर साल औसतन डेढ़ लाख से भी कम घर ही बनाए गए हैं.

---- समाप्त ----

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement