नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा यानी जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में जेवर के पास स्थित है. अक्टूबर 2024 तक एयरपोर्य पर 90% से अधिक काम पूरा हो चुका है. उद्घाटन की तारीख 17 अप्रैल 2025 तयकिया गया है.
एक बार पूरा हो जाने पर, यह दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) के बढ़ते यातायात से राहत दिलाएगा. इसे भारत और एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनाने की योजना है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एजेंसी है. 2019 में, स्विट्जरलैंड में ज्यूरिख हवाई अड्डे के संचालक फ्लुघाफेन ज्यूरिख एजी ने 40 वर्षों के लिए हवाई अड्डे के निर्माण और संचालन की बोली जीती थी.
बात करें दूरी की तो जेवर एयरपोर्ट जेवर शहर से लगभग 7 किमी उत्तर में स्थित है. नोएडा, दादरी और जेवर इस जिले की तीन तहसीलें हैं. इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) से 72 किलोमीटर दूर स्थित है. जेवर एयरपोर्ट बुलंदशहर से 36 किमी (22 मील), पलवल से 38 किमी (24 मील), नोएडा से 60 किमी (37 मील) और फरीदाबाद, गाजियाबाद और मथुरा से 70 किमी (43 मील) दूर है. वहीं यह ग्रेटर नोएडा के परी चौक से लगभग 40 किमी (25 मील), अलीगढ़ से 65 किमी (40 मील), गुड़गांव से 65 किमी (40 मील) और आगरा से 130 किमी (81 मील) दूर है.
इसे यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) से जोड़ा जाएगा, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आगरा, मथुरा और वृंदावन तक पहुंच सकेंगे.
कनेक्टिविटी के मामले में यह क्षेत्र दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और मेट्रो से भी जुड़ने वाला है, जिससे यहां की जमीनें हॉट स्पॉट बन गई हैं. जिन लोगों ने समय रहते यहां निवेश किया है, उनके लिए यह एयरपोर्ट आने वाले समय में बंपर रिटर्न देने वाला साबित होगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे देश का सबसे बड़ा यात्री और मालवाहक विमानन केंद्र बताया.
2026 में देश के अलग शहरों में कई मेगा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है जो रियल एस्टेट सेक्टर में कई बड़े बदलाव लेकर आने वाला है, प्रॉपर्टी में निवेश के लिए भी अच्छा मौका साबित हो सकता है.
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. डीजीसीए (DGCA) से एरोड्रम लाइसेंस न मिलने के कारण उद्घाटन कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है. यह लाइसेंस एयरपोर्ट के संचालन और सुरक्षा के लिए जरूरी है. दिसंबर के पहले सप्ताह में प्रधानमंत्री के उद्घाटन की तैयारी थीं, लेकिन अब कार्यक्रम को रोकना पड़ा है.
उत्तर प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट जेवर एयरपोर्ट जिसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी कहा जाता है, के उद्घाटन समारोह को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है. पहले माना जा रहा था कि यह भव्य उद्घाटन जल्दी होगा लेकिन अब खबर है कि इसमें और देरी होगी. इस देरी का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है लेकिन इससे इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के शुरूआती चरण में बाधा उत्पन्न होगी.
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट साइट पर हुई 15 लाख की एल्युमिनियम केबल चोरी का पुलिस ने खुलासा किया है. चेकिंग के दौरान पकड़े गए कैन्टर से केबल मिलने पर इंजीनियर शिवम शर्मा सहित चार लोग गिरफ्तार हुए. आरोपियों ने रात में केबल निकालकर कबाड़ी को बेचने की बात कबूल की. चोरी का मामला एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नोएडा के दौरे पर पहुंचे. जहां उन्होंने जेवर एयरपोर्ट का निरीक्षण किया. सीएम योगी दोपहर 12.50 बजे हेलिकॉप्टर से जेवर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और एयरपोर्ट निर्माण कार्यों का जायजा भी लिया.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को जेवर एयरपोर्ट पहुंचकर निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री की प्रस्तावित रैली और एयरपोर्ट उद्घाटन से जुड़े इंतजामों का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. इसके बाद वह नोएडा पहुंचे, जहां उनका सेक्टर 50 स्थित मेदांता अस्पताल का उद्घाटन करने का कार्यक्रम है.
एयरपोर्ट ड्यूटी-फ्री शॉपिंग को अक्सर सस्ता समझा जाता है, लेकिन हर बार बचत नहीं होती. कई प्रोडक्ट्स टैक्स-फ्री होने के बावजूद लोकल मार्केट जितने या उससे महंगे मिलते हैं. जानें ड्यूटी-फ्री में क्या खरीदना फायदेमंद है, क्या नहीं, और किन बातों का रखना चाहिए ध्यान.
यमुना एक्सप्रेसवे तेज़ी से NCR के सबसे पसंदीदा रियल एस्टेट इलाकों में से एक बन गया है. यह अब NCR के सबसे हॉट रियल एस्टेट कॉरिडोर्स में गिना जाता है. नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यहां दाम और बढ़ने की संभावना है.
गंगा एक्सप्रेसवे, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, और बुलेट ट्रेन कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स न केवल कनेक्टिविटी सुधारेंगे, बल्कि लखनऊ, आगरा, प्रयागराज और यहां तक कि छोटे शहरों तक भी आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक रियल एस्टेट की मांग को आसमान पर पहुंचा देंगे.
दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई, जहां एक ब्रिटिश नागरिक इमिग्रेशन क्षेत्र से गायब होकर शहर में चला गया. वह बैंकॉक से आया था और लंदन की फ्लाइट नहीं पकड़ सका.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली कैलिब्रेशन फ्लाइट सफल रही. DGCA की टीम ने सभी सिस्टम की जांच पूरी की. अब एयरपोर्ट को एरोड्रोम लाइसेंस मिलने के बाद संचालन शुरू होगा. शुरुआत में घरेलू उड़ानें चलेंगी, और 2025 के अंत तक उद्घाटन की उम्मीद है.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपने अंतिम चरण में है और लॉन्च से पहले यहां तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. एक खास बात यह है कि यह एयरपोर्ट 'डिजी यात्रा' को अपने पूरे संचालन का आधार बना रहा है, जहां एंट्री से लेकर बोर्डिंग तक सब कुछ चेहरे की पहचान पर आधारित होगा.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यात्रियों की सुविधा के लिए हाई-टेक डिजी यात्रा सुविधा लेकर आ रहा है. जेवर एयरपोर्ट पर ऐसी टेक्नोलॉजी का यूज किया जा रहा है, जो आपकी एंट्री बस आपके चेहरे की पहचान से कर देगी. अब आपका चेहरा ही आपका एंट्री पास होगा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य उच्च मानकों के अनुरूप, समयबद्ध और गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए पूर्ण किए जाएं और उद्घाटन समारोह की तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए. उन्होंने कहा कि यात्रियों के लिए सुगम और सुरक्षित अनुभव सुनिश्चित किया जाए.
एक दौर था जब लोग दिल्ली में घर नहीं खरीद सकते थे, तो किफायती घर की तलाश में नोएडा का रुख करते थे, लेकिन नोएडा अब प्रीमियम और लग्जरी हब बन चुका है. जहां घरों के दाम करोड़ों में हैं.
नोएडा एयरपोर्ट के आसपास की प्रॉपर्टी के रेट पिछले कुछ सालों में बेतहाशा बढ़े हैं. 30 अक्टूबर को एयरपोर्ट शुरू होने की खबर के बाद यहां प्रॉपर्टी के रेट और भी ज्यादा बढ़ने के आसार है.
जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 30 अक्टूबर 2025 को होगा. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने बताया कि 45 दिन के भीतर यहां फ्लाइट संचालन शुरू हो जाएगा. शुरुआती चरण में एयरपोर्ट दस शहरों से जुड़ेगा और कार्गो कनेक्टिविटी पर भी ध्यान दिया जाएगा. लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और ORAT प्रोग्राम के तहत सुविधाओं की टेस्टिंग जारी है.
जेवर एयरपोर्ट के 20 किलोमीटर दायरे में निर्माण पर बने नए नियम सुरक्षा के लिए जरूरी है, लेकिन यह स्थानीय लोगों और निवेशकों के लिए कई चुनौतियां लाता है. स्थानीय निवासियों को निर्माण में देरी और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी लेकर आ रहा है. आइए हम आपको बताते हैं कि यहां किस तरह की नौकरियां करने का मौका मिलेगा.