
लेबनान बॉर्डर पर पहुंची इजरायली सेना US-Israel Iran War LIVE News & Latest Updates: अमेरिका-इजरायल के द्वारा ईरान पर ज्वाइंट अटैक के बाद पूरी मिडिल ईस्ट जंग की चपेट में आ चुका है. दोनों तरफ से भीषण हमले लगातार जारी हैं. ईरान भी कई अरब देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है, जिससे पूरे खित्ते में टकराव बढ़ता जा रहा है. अब इस जंग में यूरोप के तीन बड़े देशों- ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी की एंट्री हो गई. इन तीनों देशों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि वो इस युद्ध में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का साथ देने के लिए तैयार हैं. इसके साथ ही, चीन ने बयान जारी करते हुए कहा है कि वह ईरान के हितों की रक्षा करने के लिए तैयार है.
ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने भी अपने तेवर से बता दिया है कि वह रुकने वाला नहीं है. मिडिल ईस्ट के देशों ने अपने एयरस्पेस बंद कर दिए हैं, जबकि कई मुल्कों ने अपने नागरिकों को एडवाइजरी जारी की है, जिसमें गैर-ज़रूरी मूवमेंट से बचने को कहा गया है.

सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "ईरान के खिलाफ अमेरिका का सैन्य ऑपरेशन जारी है. ईरान परमाणु हथियारों की अपनी जिद पर अड़ा हुआ था. इस वजह से अमेरिका पूरी तरह से अलर्ट था. इनके पास अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइलें थी. लेकिन मैं ऐसा नहीं होने दूंगा. बीते 47 साल में यह ईरानी सरकार अमेरिकियों पर हमला करती रही है. इस शैतानी सरकार पर हमला करने का ये हमारा आखिरी मौका था."
PM मोदी ने आज दोपहर खाड़ी क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण नेताओं से बात की. इसमें उन्होंने ओमान के सुल्तान और कुवैत के क्राउन प्रिंस से भी बात की. दोनों चर्चाओं के दौरान, प्रधानमंत्री ने हमलों पर चिंता जताई और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय की भलाई और सुरक्षा पर चर्चा की.
स्पाइसजेट 3 से 5 मार्च के बीच फुजैराह (UAE) से 6 स्पेशल फ्लाइट ऑपरेट करेगी.
3 मार्च — दिल्ली, मुंबई, कोच्चि
4 मार्च - मुंबई, दिल्ली
5 मार्च - मुंबई (इनपुट- अमन भारद्वाज)
जंग के बीच UN वॉचडॉग का बयान आया है. कहा गया कि ईरान की न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला हुआ था. लेकिन कोई रेडिएशन लीक नहीं हुई है. मतलब फिलहाल कोई बड़ा खतरा नहीं है.
ईरान अटैक पर सऊदी अरब ने लिखा, 'रियाद शहर में यूनाइटेड स्टेट्स एम्बेसी की बिल्डिंग को निशाना बनाकर किए गए धोखेबाज ईरानी हमले को कड़े शब्दों में खारिज़ करता है और उसकी निंदा करता है.'
इज़रायली सेना ने बेरूत के दक्षिणी इलाके में एक बिल्डिंग पर हमला किया, जिसमें हिज़्बुल्लाह के टीवी और रेडियो स्टेशन हैं. यह हमला सोमवार आधी रात के ठीक बाद किया गया, इससे पहले इज़रायल ने वहां रहने वालों से जगह खाली करने की चेतावनी दी थी. हिज़्बुल्लाह का अल-मनार टीवी करीब एक घंटे के लिए बंद हो गया था, फिर उसने अपना ब्रॉडकास्ट फिर से शुरू किया.
2006 के इज़रायल-हिज़्बुल्लाह युद्ध के दौरान, अल-मनार टीवी और अल-नूर रेडियो दोनों को इज़रायली हमलों में निशाना बनाया गया था, लेकिन उन्होंने अनजान जगहों से ब्रॉडकास्ट करना जारी रखा.
ईरान का कहना है कि अमेरिका-इज़रायल हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 787 हो गई है.
न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इज़राइली सेना के आगे बढ़ने के साथ ही लेबनानी सेना बॉर्डर पर करीब सात फॉरवर्ड ऑपरेटिंग पोज़िशन से हट गई है.
US स्टेट डिपार्टमेंट ने यूनाइटेड अरब अमीरात में अपनी सुविधाओं से गैर-इमरजेंसी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को निकालने का आदेश दिया है. इसी तरह के आदेश पहले बहरीन, जॉर्डन, इराक, कतर और कुवैत के लिए जारी किए गए थे.
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भारत में चीनी एम्बेसडर, शू फेइहोंग ने कहा कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फ़ोन पर बात की.
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "चीन ईरान की सॉवरेनिटी, सिक्योरिटी, टेरिटोरियल इंटीग्रिटी और नेशनल डिग्निटी की सुरक्षा में उसका सपोर्ट करता है, और ईरान के लेजीटिमेट और लीगल अधिकारों और हितों को बनाए रखने में उसका सपोर्ट करता है. चीन ने U.S. और इज़राइल से तुरंत मिलिट्री ऑपरेशन बंद करने, टेंशन को और बढ़ने से रोकने और लड़ाई को पूरे मिडिल ईस्ट में फैलने और फैलने से रोकने की अपील की है."

रियाद में US दूतावास ने सऊदी अरब किंगडम में अपने कई मिशन में अपनी सभी सर्विस कैंसिल करने का ऐलान किया है. सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए दूतावास के बयान के मुताबिक, मंगलवार को सभी रूटीन और इमरजेंसी अपॉइंटमेंट कैंसिल कर दिए गए हैं और जेद्दा, रियाद और धहराम सहित किंगडम में इसके कई मिशन में “शेल्टर इन प्लेस” लागू है. इसमें कहा गया, “फ़ैसिलिटी पर हमले के कारण अगली सूचना तक दूतावास से बचें.”
दूतावास ने कहा, “हम सभी US नागरिकों को पर्सनल सेफ़्टी प्लान बनाए रखने की सलाह देते हैं.”
रीजनल न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से बताया गया है कि US-इज़राइली एयरस्ट्राइक में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पांच सदस्य मारे गए.
US स्टेट डिपार्टमेंट ने मंगलवार को कहा कि उसने ईरान के साथ बड़े संघर्ष से जुड़ी बिगड़ती सुरक्षा स्थितियों का हवाला देते हुए, बहरीन, इराक और जॉर्डन में अपनी पोस्ट से गैर-इमरजेंसी US सरकारी कर्मचारियों और योग्य परिवार के सदस्यों को निकालने का आदेश दिया है.
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि इराक के एरबिल एयरपोर्ट के पास एक अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ड्रोन से हमला किया गया.
इज़रायल डिफेंस फोर्स ने कहा कि वे अब तेहरान और बेरूत पर एक साथ हमला कर रहे हैं.
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सैटेलाइट इमेज में देखा जा सकता है कि सोमवार को सऊदी अरब में रास तनुरा ऑयल रिफाइनरी पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद क्या नुकसान हुआ है.


(Photos: AP)
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि यूनाइटेड स्टेट्स के पास ऐसे हथियारों की “लगभग अनलिमिटेड सप्लाई” है, जो लंबे वक्त तक चलने वाले युद्धों को झेलने में सक्षम हैं. यह मानते हुए कि हाई-एंड हथियारों का रिज़र्व अभी ज़रूरी लेवल पर नहीं है, ट्रंप ने कहा कि साथी देशों के पास और भी एडवांस्ड हथियार स्टोर हैं.

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें दावा किया गया है कि IRGC के ड्रोन और मिसाइल हमले ने बहरीन के शेख ईसा इलाके में US कमांड और स्टाफ़ बिल्डिंग के एयर बेस को तबाह कर दिया और फ़्यूल टैंक फट गए. ईरान मीडिया ने IRGC के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि हमले के दौरान 20 बिना पायलट वाली गाड़ियां और तीन बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की गईं.

इज़रायली सेना के मुताबिक, इज़राइल ने मंगलवार सुबह लेबनान की राजधानी पर एयरस्ट्राइक का एक नया दौर शुरू किया. इज़रायली सेना ने कहा कि वह “बेरूत में हिज़्बुल्लाह के कमांड सेंटर और हथियार रखने की जगहों” को निशाना बना रहा है.
इस बीच, हिज़्बुल्लाह ने कहा कि उसने एक इज़राइली एयर बेस को निशाना बनाकर ड्रोन लॉन्च किए हैं.
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि आज सुबह, हमने बहरीन के शेख ईसा में US बेस पर प्रेसिडेंशियल कमांड बिल्डिंग को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया.
शिया इस्लामी मिलिटेंट ग्रुप हिज्बुल्लाह ने कहा कि उसने मंगलवार को उत्तरी इज़राइल पर ड्रोन लॉन्च किए थे.
जंग के खिलाफ न्यूयॉर्क में प्रोटेस्ट हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी, हाथों में प्लेकार्ड लिए, न्यूयॉर्क शहर में न्यूयॉर्क पब्लिक लाइब्रेरी (NYPL) के बाहर ईरान के साथ US-इज़राइल संघर्ष के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.

इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि ईरान नई जगहों को फिर से बना रहा है, जिससे कुछ ही महीनों में उनका बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और उनका एटॉमिक बम प्रोग्राम इम्यून हो जाएगा.
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने रियाद और अल-खर्ज शहरों के पास आठ ड्रोन रोके और नष्ट कर दिए.

अकासा एयर ने कहा कि कंपनी 3 और 4 मार्च को जेद्दा के लिए और वहां से कुछ चुनिंदा फ्लाइट्स चला रही है.
मार्च 03
• QP 561 मुंबई – जेद्दा I ETD - 19:20
• QP 562 जेद्दा – मुंबई I ETD - 23:55
मार्च 04
• QP 561 मुंबई – जेद्दा I ETD - 19:20
• QP 562 जेद्दा – मुंबई I ETD - 23:55
• QP 563 अहमदाबाद – जेद्दा I ETD - 17:45
• QP 564 जेद्दा – अहमदाबाद I ETD - 21:50
(लोकल टाइम)

इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और उनकी हत्या से पहले उनकी सिक्योरिटी डिटेल की मूवमेंट पर नज़र रखने के लिए तेहरान के ट्रैफिक कैमरे हैक करने और मोबाइल फोन नेटवर्क में घुसपैठ करने में सालों लगाए, फाइनेंशियल टाइम्स ने कई मौजूदा और पूर्व इज़राइली इंटेलिजेंस अधिकारियों और इस गुप्त ऑपरेशन से परिचित अन्य लोगों का हवाला देते हुए रिपोर्ट किया.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा कि US के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने माना था कि ईरान से कोई असली खतरा नहीं है.
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "मिस्टर रुबियो ने वह माना जो हम सब जानते थे: U.S. ने इज़राइल की तरफ से अपनी मर्ज़ी से लड़ाई लड़ी है. कभी कोई तथाकथित ईरानी "खतरा" नहीं था. इसलिए, अमेरिकी और ईरानी दोनों का खून बहाना इज़राइल फर्स्टर्स की ज़िम्मेदारी है. अमेरिकी लोग बेहतर के हक़दार हैं और उन्हें अपना देश वापस ले लेना चाहिए."
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दिखाया गया है कि मंगलवार सुबह-सुबह ईरानी ड्रोन के हमले के बाद इज़राइल में US एंबेसी में आग लग गई.
कतर के डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा कि उसने ईरानी हमले की शुरुआत से अब तक 104 मिसाइलों का पता लगाया है. उसने दो Su-24 फाइटर जेट्स का भी पता लगाने की खबर दी है.

Press TV की रिपोर्ट के मुताबिक, एक शाहेद 136 ड्रोन ने दुबई में एक बिल्डिंग पर बड़ा हमला किया, जहां अमेरिकी मिलिट्री के लोग तैनात थे.
CNN ने सरकारी मीडिया कुवैत न्यूज़ एजेंसी के हवाले से बताया कि कुवैत ने ताज़ा लड़ाई शुरू होने के बाद से 178 बैलिस्टिक मिसाइलें और 384 ड्रोन इंटरसेप्ट किए हैं. इसमें कहा गया है कि कुवैती सेना के 27 सदस्य घायल हुए हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर है और उनका इलाज चल रहा है.
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अमेरिकी सेना ने कल रात को ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करने के लिए ईरान के कई इलाकों में हवाई हमले किए. सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी सेना ने ईरान में बी-1 बॉम्बर से बम बरसाए हैं.
ईरान ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाते हुए बड़ा हमला किया है. बताया जा रहा है कि विस्फोट के बाद अमेरिकी एंबेसी में भीषण आग लग गई है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने दो सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है. वहीं, सऊदी अरब के रक्ष मंत्रालय ने भी इस हमले की पुष्टि की है. मंत्रालय ने बताया कि ईरान की ओर से रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हमला किया गया, जिससे दूतावास में आग लग गई.
ईरान और इजरायल-अमेरिका के संयुक्त मोर्चे के बीच चल रहे सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच अपने नागरिकों को 12 से अधिक देशों से तुरंत निकलने की एडवाइजरी जारी की है.
विदेश मंत्रालय की कांसुलर अफेयर्स की सहायक सचिव मोरा नामदार ने कहा कि अमेरिकी नागरिकों को बहरीन, मिस्र, ईरान, इराक, इजरायल, वेस्ट बैंक, गाजा, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और यमन से व्यावसायिक माध्यमों से तुरंत निकल जाना चाहिए.
नामदार ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, 'गंभीर सुरक्षा जोखिमों के कारण अमेरिकी नागरिकों को इन देशों से 'DEPART NOW' यानी तुरंत निकलना चाहिए.'
उन्होंने कहा कि अमेरिकी नागरिकों को उपलब्ध व्यावसायिक उड़ानों या अन्य साधनों से निकलने की कोशिश करनी चाहिए. यदि सहायता की जरूरत हो तो वे 24/7 हेल्पलाइन नंबर +1-202-501-4444 (विदेश से) या +1-888-407-4747 (अमेरिका और कनाडा से) पर संपर्क कर सकते हैं.
Middle East Crisis: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बाद अमेरिका में तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिसको कम करने के लिए सरकार ने कदम उठाने शुरू कर दिया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को कहा कि ईरान संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में आई तेजी से ऊर्जा की बढ़ती कीमतों को कम करने के लिए अमेरिका मंगलवार से कदम उठाएगा.
ईरानी सरकार ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (जलडमरूमध्य) को बंद कर दिया है और वहां से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को आग लगा देगा. ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है, ईरान वहां से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को आग लगा देगा.
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा खतरे के मद्देनजर जॉर्डन स्थित अमेरिकी दूतावास के सभी कर्मचारियों को अस्थायी रूप से कैंपस खाली करने का निर्देश दिया गया है. बताया जा रहा है कि मंत्रालय ने इस दूतावास को खाली करा लिया है.
कुवैत की सेना ने बताया कि खाड़ी देश के सशस्त्र बलों द्वारा सोमवार को चलाए गए एक ऑपरेशन के दौरान नौसेना का एक जवान शहीद हो गया. हालांकि, सेना ने जवान की मौत के कारणों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है.
संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत ने मंगलवार को कहा कि इजरायल और अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने ऑपरेशन तब तक नहीं रोकेंगे, जब तक उनका टारगेट पूरा नहीं हो जाता और तेहरान के पास परमाणु क्षमता न हो, ये सुनिश्चित करने के लिए वो हर संभव कोशिश करेंगे.
संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने कहा, 'इजरायल और अमेरिका पूरी ताकत, समन्वय और दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रहे हैं. हम राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को इस नाजुक घड़ी में उनके अडिग नेतृत्व और नैतिक स्पष्टता के लिए धन्यवाद देते हैं... जैसे-जैसे हम शासन को ध्वस्त कर रहे हैं, ईरानी नेतृत्व हताशा में हिंसक हमले कर रहा है. पिछले कुछ दिनों में इजरायल पर मिसाइलें दागी गई हैं... जहां हम सैन्य ठिकानों और आतंकवाद के तंत्र पर सटीक प्रहार कर रहे हैं.'
उन्होंने आगे कहा, 'वहीं ईरानी शासन नागरिकों, परिवारों, हवाई अड्डों और होटलों पर हमले कर रहा है... हम अपने लक्ष्य हासिल करने तक नहीं रुकेंगे... देखिए वो अभी बिना परमाणु हथियार के क्या कर रहे हैं, पूरे क्षेत्र को धमकी दे रहे हैं... अब कल्पना कीजिए कि वही शासन परमाणु क्षमता के साथ कैसा होगा. ये ऐसा जोखिम नहीं है, जिसे हम बर्दाश्त कर सकते हैं... इसीलिए संयुक्त अभियान आवश्यक था...'
अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान को धुआं-धुआं कर दिया है. सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई समेत ईरान की पूरी टॉप लीडरशिप को खत्म कर दिया गया है लेकिन सवाल है कि इसके बावजूद ईरान पलटवार कैसे कर पा रहा है?
इसका सीधा सा जवाब है कि ईरान ने इन परिस्थितियों के लिए खुद को लगभग चार दशकों तक तैयार किया है. ईरान में मचे इसे कोहराम से ईरान की सेना प्रतिशोध की ऐसी आग में जल रही है कि उसने अपनी मिसाइलों और Combat Drones से मिडिल ईस्ट में तबाही मचा दी है. यहां पढ़ें पूरी खबर...