हिजाब
हिजाब (Hijab), मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले एक परिधान है, जो सिर से लेकर पैर तक पूरे शरीर को ढकता है. यह विशेष रूप से सिर, गर्दन और कंधे के चारों ओर लपेटे कर पहना जाता है, जो बालों और गर्दन को ढकता है लेकिन चेहरे दिखाई देता है. हालांकि इस तरह के हेडकवरिंग कई रूपों में आता हैं.
हिजाब शब्द का इस्तेमाल मूल रूप से एक पर्दे को दर्शाने के लिए किया जाता है. कभी-कभी इसका इस्तेमाल इस्लामी नियमों के हिसाब से शालीनता के लिए किया जाता था. धर्म गुरुओं की माने तो इसका उपयोग कुरान की आयतों में किया गया है. इसमें हिजाब शब्द मुहम्मद के घर में मेहमानों को उनकी पत्नियों के लिए अलग करने वाले पर्दे को दर्शाता है. इसलिए सभी मुस्लिम महिलों के लिए हिजाब अनिवार्य कर दिया गया (Hijab in Muslim Tradition).
कुरान मुस्लिम महिलाओं और पुरुषों को शालीनता से कपड़े पहनने का निर्देश देता है और कुछ के लिए, हिजाब मुस्लिम लड़कियों और महिलाओं द्वारा पुरुषों से विनम्रता और गोपनीयता बनाए रखने के लिए पहना जाता है (Hijab in Quran).
मुस्लिम विद्वानों की माने तो आमतौर पर महिलाओं को सार्वजनिक रूप से अपने हाथों और चेहरे को छोड़कर पूरे शरीर को ढंकने की आवश्यकता होती है, लेकिन हिजाब की आवश्यकता नहीं होती है. लगभग सभी मुस्लिम संस्कृतियों में, युवा लड़कियों को हिजाब पहनने की आवश्यकता नहीं होती है (Hijab).
पटना हिजाब विवाद से जुड़ी डॉक्टर नुसरत प्रवीण ने 23 दिन बाद बिहार स्वास्थ्य विभाग में औपचारिक रूप से ड्यूटी जॉइन कर ली है. विभाग से हुई सीधी जॉइनिंग के बाद उन्हें पटना सिटी के गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल में पोस्टिंग दी गई है.
बिहार में हिजाब विवाद के केंद्र में रहीं डॉक्टर नुसरत परवीन की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है. जॉइनिंग की समय सीमा 31 दिसंबर को खत्म हो रही है, लेकिन उन्होंने अब तक कार्यभार नहीं संभाला है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हिजाब खींचने वाले वीडियो पर इंटरव्यू के लिए पाकिस्तानी पत्रकार ने सुमैया राणा से संपर्क किया था. पाकिस्तानी पत्रकार ने इस घटना को भारत में मुस्लिमों की स्थिति से जोड़ दिया. इस पर सुमैया राणा ने कड़ी फटकार लगाई और इंटरव्यू देने से मना कर दिया.
पटना में महिला आयुष डॉक्टर का हिजाब हटाने से जुड़े विवाद के बीच बिहार के गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान का बयान सामने आया है. उन्होंने इस पूरे प्रकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि बाप-बेटी के रिश्ते में किसी तरह के विवाद की बात करना ही दुख की बात है.
बिहार में महिला डॉक्टर नुसरत परवीन के साथ हुई घटना के बाद झारखंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने उन्हें झारखंड स्वास्थ्य सेवा में ₹3 लाख मासिक वेतन, मनचाही पोस्टिंग, सरकारी आवास और पूर्ण सुरक्षा के साथ नियुक्ति का प्रस्ताव दिया है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्त कर दिया है. हिजाब विवाद के बाद मिली खुफिया जानकारी में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा मुख्यमंत्री को नुकसान पहुंचाने की आशंका जताई गई है. सुरक्षा समीक्षा के बाद स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप (SSG) के घेरे को मजबूत किया गया है और सोशल मीडिया समेत सभी स्तरों पर निगरानी बढ़ाई गई है.
डेनमार्क सरकार ने स्कूलों और यूनिवर्सिटी में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा है. डेनमार्क ने पहले से ही सार्वजनिक स्थानों पर हिजाब-बुर्का पर बैन लगा रखा है. मानवाधिकार समूहों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है, जबकि समर्थक इसे सामाजिक समावेश को बढ़ावा देने के लिए जरूरी मानते हैं.
शामली में पत्नी और दो मासूम बेटियों की हत्या के खुलासे के बाद परिजनों का आक्रोश सामने आया है. पोस्टमार्टम के दौरान मृतका के परिजनों ने आरोपी फारुख को फांसी या ऑन द स्पॉट एनकाउंटर की सजा देने की मांग की. परिजनों ने इसे मर्डर केस को सोची-समझी साजिश बताया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया के तहत कठोर सजा दिलाने का भरोसा दिया है.
बिहार की राजनीति में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान घटी घटना ने सत्ता, मर्यादा और सार्वजनिक आचरण को लेकर नई बहस छेड़ दी है. मुख्यमंत्री की भूमिका, विपक्ष की प्रतिक्रिया और महिला अधिकारों से जुड़े सवालों ने इस मामले को राजनीतिक और संवैधानिक विमर्श के केंद्र में ला दिया है.
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हिजाब कंट्रोवर्सी के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला है. उन्होंने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती को भी विधानसभा चुनाव के समय बुर्का विवाद के लिए घेरा.
ईरान के एक मैराथन में हिजाब के बगैर दिखती महिलाओं की मौजूदगी बवाल मचाए हुए है. हो-हल्ले के बीच आयोजकों को गिरफ्तार किया जा चुका. मिडिल ईस्ट में तमाम इस्लामिक मुल्कों की तुलना में ईरान महिलाओं को लेकर सबसे ज्यादा सख्त दिखता रहा. यह कट्टरता हिजाब तक सीमित नहीं, बल्कि शादी की उम्र भी बेहद विवादास्पद है.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी अली शमखानी की बेटी फातिमा की वेडिंग का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वह स्ट्रैपलेस गाउन में दिख रही हैं. सख्त हिजाब कानूनों वाले देश में इस पश्चिमी शैली की शादी ने बवाल मचा दिया है.
केरल के एर्नाकुलम में एक निजी स्कूल में हिजाब को लेकर विवाद गहरा गया है, जिसमें कथित तौर पर सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) की संलिप्तता सामने आ रही है. छात्रा का कहना है कि 'यह स्कूल मुझे हिजाब पहनने नहीं दे रहा, उन्होंने मुझे क्लासरूम के दरवाजे पर रोक लिया और कहा कि हिजाब उतारो.' वहीं, ईसाई प्रबंधन द्वारा संचालित सेंट रीटा पब्लिक स्कूल का आरोप है कि SDPI के कार्यकर्ताओं ने स्कूल में हंगामा किया, जिसके बाद केरल हाईकोर्ट ने स्कूल को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया.
दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह दोनों अबू धाबी की आइकॉनिक शेख जायद ग्रैंड मस्जिद में घूमते नजर आ रहे हैं. यहां दीपिका ने हिजाब पहना हुआ है, जो पहली बार देखने को मिला है.
मेरठ के एक स्कूल में 12वीं की मुस्लिम छात्रा को हिजाब पहनकर परीक्षा देने से रोका गया. छात्रा का आरोप है कि चेकिंग टीम ने हिजाब हटाने की सख्त हिदायत दी. प्रिंसिपल से अनुमति मिलने के बावजूद, उसे फिर भी रोका जा रहा है. छात्रा ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है.
मुस्लिम बहुल देश तजाकिस्तान देश की महिलाओं के लिए ड्रेस कोड बुक को अपडेट कर रहा है. तजाकिस्तान की महिलाएं क्या पहनेंगी, यह सरकार ही तय करती है. वहां की महिलाओं को पश्चिमी कपड़े और हिजाब पहनने की मनाही है.
कर्नाटक में 10वीं कक्षा की परीक्षाएं मार्च में होनी हैं. इस परीक्षा में छात्राओं को हिजाब पहनने की छूट मिलेगी या नहीं, इस पर नजरें टिकी हुई हैं. अब ये भी सामने आ गया है कि सरकार इस पर कब तक अंतिम फैसला लेगी.
स्विटजरलैंड में बुर्का बैन कानून लागू हो गया है जिसके बाद वहां की मुस्लिम महिलाओं के बुर्का या हिजाब पहनने पर रोक लग गई है. इसे लेकर इस्लामिक विद्वानों का कहना है कि महिला क्या पहनेगी, इसके चुनाव का अधिकार महिला के पास ही होना चाहिए.
स्विटजरलैंड में मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले बुर्का या हिजाब पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. नए साल के पहले ही दिन बुर्का विरोधी कानून लागू कर दिया गया है. कानून के लागू होने के बाद अगर कोई मुस्लिम महिला बुर्का पहनती है तो उसे भारी जुर्माना देना होगा.
महिलाओं के प्रोटेस्ट से झुका ईरान? हिजाब पर कट्टरपंथी कानून के अमल पर लगाई रोक.
ईरान में हिजाब को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है. एक दशक से अधिक समय से इसे लेकर प्रदर्शन होते रहे हैं जिनमें महिलाओं ने विशेष रूप से हिस्सा लिया है और अहम भूमिका निभाई है. अहौ दारियाई और महसा अमीनी के अलावा मसीह अलीनेजाद, निका शाकर्रामी और हदीस वो नाम हैं जिन्होंने हिजाब विरोधी आंदोलन को आगे बढ़ाया.