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'100% रशियन महिला, टॉर्चर वीडियो...', एपस्टीन से कनेक्शन पर दुबई शासक के 'राइट हैंड' का इस्तीफा

एपस्टीन से कथित संबंधों को लेकर बढ़ते वैश्विक दबाव के बाद दुबई की प्रमुख बंदरगाह कंपनी के प्रमुख ने पद छोड़ दिया है. निवेश रोकने की चेतावनी के बीच कंपनी ने नया नेतृत्व नियुक्त किया. यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में चर्चा का विषय बन गया है.

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जेफरी एपस्टीन से डीपी वर्ल्ड के चेयरमैन के गहरे संबंध थे. (Photo- Instagram)
जेफरी एपस्टीन से डीपी वर्ल्ड के चेयरमैन के गहरे संबंध थे. (Photo- Instagram)

अमेरिका के यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज जैसे-जैसे सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे दुनिया भर में नए नाम चर्चा में आ रहे हैं. खाड़ी देशों की बड़ी शख्सियतों को लेकर भी सवाल उठे हैं और अब इसी कड़ी में दुबई के एक बड़े बिजनेस टाइकून को पद छोड़ना पड़ा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक वे एपस्टीन के साथ कारोबारी मौके तलाशने की कोशिश करते थे और महिलाओं को लेकर बातचीत किया करते थे, जिसमें उन्होंने एक बारे किसी "100% रशियन महिला" का जिक्र किया था.

दुबई की एक बड़ी बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स कंपनी के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुल्तान अहमद बिन सुलायम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. यह फैसला उस समय आया जब उनके नाम को लेकर विवाद बढ़ रहा था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाया जा रहा था. कंपनी का कारोबार कनाडा से भारत समेत कई देशों में फैला हुआ है, इसलिए इस घटनाक्रम को वैश्विक व्यापार जगत में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.

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मध्य पूर्व के प्रमुख कारोबारी चेहरों में शामिल बिन सुलायम उन अधिकारियों में गिने जाते हैं जिनके नाम हाल में सामने आए दस्तावेजों के बाद जांच और सवालों के घेरे में आए. विवाद बढ़ने के बाद उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा.

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मामला तब और गंभीर हो गया जब इस सप्ताह दो बड़े अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने कंपनी में नए निवेश रोकने की घोषणा कर दी. इनमें ब्रिटेन की एक विकास वित्त एजेंसी और कनाडा का बड़ा पेंशन फंड शामिल है. इसके बाद नेतृत्व में बदलाव का दबाव और बढ़ गया था.

कंपनी में भारतीय नागरिक को बनाया गया सीईओ

एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दुबई के शासक ने डीपी वर्ल्ड के लिए नए चेयरमैन की नियुक्ति का आदेश जारी किया है. यह पद पहले बिन सुलायम के पास था. एसा काजिम को निदेशक मंडल का नया चेयरमैन बनाया गया है, जबकि युवराज नारायण को समूह का मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ नियुक्त किया गया है.

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काजिम फिलहाल दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर के गवर्नर हैं, वहीं नारायण वर्ष 2004 से कंपनी से जुड़े हैं और कई वरिष्ठ पद संभाल चुके हैं. कंपनी का कहना है कि वैश्विक कंटेनर यातायात में उसकी हिस्सेदारी 10 फीसदी है और कई महाद्वीपों में उसका संचालन है.

बिजनेस टाइकून के बारे में एपस्टीन फाइल्स में क्या खुलासे हुए

जनवरी में जारी एपस्टीन फाइल्म में सुलयेम के संबंध को लेकर जानकारी सामने आई थी, जिसमें यह देखा गया था कि दोनों एक-दूसरे के लिए कारोबारी मौके तलाशने की कोशिश करते थे और महिलाओं को लेकर बातचीत किया करते थे. 2009 के एक ईमेल में एपस्टीन ने लिखा, "तुम कहां हो? क्या तुम ठीक हो, मुझे वह टॉर्चर वाला वीडियो पसंद आया." हालांकि यह स्पष्ट नहीं हुआ कि वह किस वीडियो का जिक्र कर रहे थे.

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जब ये दस्तावेज पहली बार जारी हुए तो अमीराती टाइकून का नाम छुपाया गया था, लेकिन बाद में सुनवाई के दौरान पहचान उजागर हुई. फाइल्स से यह भी संकेत मिला कि 2008 में नाबालिग से देह व्यापार से जुड़े आरोपों में सजा मिलने के बाद भी दोनों का संपर्क वर्षों तक बना रहा. 2013 के एक ईमेल में एपस्टीन ने लिखा, "मुझे बस इतना पता है कि तुम मेरे सबसे भरोसेमंद दोस्तों में से एक हो." इसके जवाब में बिन सुलयेम ने धन्यवाद दिया और लिखा, "मेरी यॉट पर एक नई 100% रूसी महिला है."

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