बस्ती
बस्ती (Basti) भारत के राज्य उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का एक शहर और जिला है. बस्ती जिला में एक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र और पांच विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं (Basti Assembly Constituency).
2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक बस्ती की जनसंख्या लगभग 25 लाख है और और इसके हर एक वर्ग किलोमीटर में 917 लोग रहते हैं (Basti Population). इसका क्षेत्रफल 2,688 वर्ग किमी है.
इस जिले की 67.22 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 77.88 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 56.23 फीसदी है (Literacy). इस जिले का लिंग अनुपात 937 है (Basti Sex ratio)
ऋषि वशिष्ठ जी के नाम पर इस शहर की पहचान वशिष्ठी हुई, जो भगवान श्रीराम के कुलगुरु थे और इनका आश्रम यहीं पर था. बाद में लोगों द्वारा इस नाम के गलत उच्चारण की वजह से यह बस्ती हो गया (Basti History).
बस्ती पूरब में जिला संत कबीर नगर और पश्चिम में गोंडा के बीच स्थित है. दक्षिण में घाघरा नदी इस जिले को अयोध्या जिला और अंबेडकर नगर से अलग करती है.
यह जिला रेल और सड़क मार्ग से देश-प्रदेश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है. बस्ती, लखनऊ रेलवे स्टेशन और गोरखपुर के बीच एक मुख्य रेलवे स्टेशन है. यहां से हावड़ा, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, जम्मू, जैसी तमाम जगहों और राज्यों के लिए ट्रेनें मिलती हैं (Basti Railways).
बस्ती में वाल्टरगंज थाने के प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के बाद पुलिस ने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का खुलासा किया है. पुलिस ने 32 वर्षीय प्रियंका चौधरी, उसके पिता राम नयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश यादव को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि प्रियंका लोगों से नजदीकी बढ़ाकर निजी तस्वीरें और वीडियो जुटाती थी, जिसके बाद पिता और वकील कथित तौर पर ब्लैकमेल करते थे.
Basti Walterganj SO Suicide Case: बस्ती के वाल्टरगंज थाना प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह सुसाइड केस में हनी-ट्रैप गैंग की महिला प्रियंका, उसके पिता और वकील गिरफ्तार. DIG संजीव त्यागी ने किया बड़ा खुलासा.
यूपी के बस्ती जिले में छुट्टी न मिलने के कारण सही इलाज के अभाव में एक महिला सिपाही केशरी वर्मा की मौत हो गई. रोते हुए सिपाही पति ने पुलिस अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया और बिना FIR पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर निष्पक्ष जांच की मांग की.
उत्तर प्रदेश के बस्ती में 52 वर्षीय कृष्णा की हत्या के मामले में उनकी 17 वर्षीय बेटी और उसके प्रेमी पर गंभीर आरोप लगे हैं. पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच करीब दो साल से प्रेम संबंध था, जिसका कृष्णा विरोध करते थे. शुक्रवार को कृष्णा ने दोनों को गन्ने के खेत में आपत्तिजनक हालत में देख लिया.
उत्तर प्रदेश के बस्ती में बेटे के ग्राम पंचायत अधिकारी बनने पर पिता ने अनोखे अंदाज में जश्न मनाया। हरैया क्षेत्र के केशवपुर गांव निवासी अवनीश पांडेय की सफलता पर पिता महेंद्र कुमार ने संसारीपुर चौराहे पर भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया।
उत्तर प्रदेश के बस्ती में बेटे की सरकारी नौकरी लगने की खुशी में एक पिता ने ऐसा जश्न मनाया कि पूरा इलाका देखते रह गया. हरैया थाना क्षेत्र के केशवपुर गांव के अवनीश का चयन ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर हुआ है. बेटे की इस उपलब्धि पर पिता महेंद्र कुमार ने संसारीपुर चौराहे पर गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत समारोह रखा. अवनीश को हाथी पर बैठाकर स्वागत कराया. इस अनोखे जश्न का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है.
'साहब... मेरी पत्नी को वापस दिला दीजिए...' उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक शख्स इन दिनों इसी गुहार के साथ थाने के चक्कर लगा रहा है. उसका कहना है कि उसकी पत्नी, जो पांच बच्चों की मां है, गांव के ही एक व्यक्ति के साथ घर छोड़कर चली गई. पति का कहना है कि पत्नी जाते-जाते घर में रखे करीब 50 हजार रुपये नकद, गहने और मोबाइल फोन भी साथ ले गई. पति के मुताबिक, जिस शख्स के साथ पत्नी गई है, वह खुद भी तीन बच्चों का पिता है.
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक युवक ने दूसरी शादी करने के लिए खुद को सड़क हादसे में मृत बता दिया. उसकी प्रेमिका शोक मना रही थी, लेकिन शादी की सूचना मिलने पर वह पुलिस के साथ मैरिज हॉल पहुंच गई. पुलिस ने शादी रुकवाई, दूल्हे को हिरासत में लिया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में पीएम आवास की नींव खोदते समय 50 वर्षीय ज्योति प्रकाश अचानक बेहोश हो गए, जिन्हें अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया. पिता का शव देख उनका 15 वर्षीय बेटा राज भी सदमे से गिर पड़ा और उसकी भी मौत हो गई. इस हृदयविदारक हादसे से पूरे गांव में मातम पसर गया है.
उत्तर प्रदेश के बस्ती में प्रेम प्रसंग के शक में 24 वर्षीय शिवकुमार कनौजिया की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. आरोप है कि पत्नी के कथित प्रेमी रोहन उर्फ अंशुल श्रीवास्तव ने घर पहुंचकर विवाद के बाद लाठी-डंडों से हमला किया, जिससे शिवकुमार की मौत हो गई.
यूपी में बस्ती जिले के हरदी गांव में घरेलू कलह के बीच एक महिला ने कथित तौर पर अपने छह साल के बेटे की धारदार हथियार से हत्या कर दी. इस वारदात के बाद महिला ने खुद पर भी हमला कर आत्महत्या की कोशिश की. गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है.
अयोध्या के लक्ष्मण घाट पर सरयू नदी में स्नान के दौरान तेज बहाव की चपेट में आने से बस्ती के तीन युवक लापता हो गए हैं. वहीं, जल पुलिस ने अमरोहा के दो अन्य श्रद्धालुओं को डूबने से बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया है. फिलहाल, नदी में लापता युवकों के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है.
यूपी के बस्ती में एक दारोगा की शादी वाले दिन बड़ा उलटफेर हो गया. दारोगा दूल्हा बारात निकालने को तैयार था, तभी दुल्हन का प्रेमी उसके घर पहुंचकर जान से मारने की धमकी दे गया. घटना के बाद दूल्हा डर गया और बारात ले जाने से मना कर दिया. इधर दुल्हन पक्ष ने हालात देखते हुए उसी प्रेमी से शादी करा दी.
बस्ती में शादी के दिन दूल्हा बने दारोगा को दुल्हन के प्रेमी ने धमकी दी, जिसके बाद उसने बारात ले जाने से इनकार कर दिया. दुल्हन पक्ष के समझाने के बावजूद दूल्हा नहीं माना. आखिरकार दुल्हन की शादी उसके प्रेमी से कर दी गई. पुलिस को सूचना दी गई लेकिन कोई तहरीर नहीं दी गई है.
बस्ती जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के दिन ही पूरा घटनाक्रम बदल गया. दूल्हा बने एक दारोगा की बारात निकलने से पहले ही दुल्हन के प्रेमी ने पहुंचकर धमकी दे दी. इसके बाद दारोगा ने बारात ले जाने से इनकार कर दिया और आखिर में दुल्हन की शादी उसी के प्रेमी से कर दी गई.
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक दारोगा ने खाकी को शर्मसार कर दिया. बाइक पर पान की पीक देख गुस्साए एसआई ने मानसिक रूप से बीमार एक नाबालिग की बेरहमी से पिटाई कर दी और उससे गाड़ी साफ कराई. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद एसपी ने आरोपी दारोगा को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया है.
यूपी के बस्ती जिले में तैनात एसआई शैलेंद्र सिंह ने एक मानसिक रूप से बीमार नाबालिग विकास कुमार को अपनी बाइक पर थूकने के शक में बुरी तरह पीट दिया. यह घटना तब हुई जब दारोगा की बाइक पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने पान खाकर थूक दिया था.
बस्ती के कलवारी क्षेत्र से आई यह तस्वीर 'आधुनिक भारत' के दावों की पोल खोलती है. जहां मिशन शक्ति और महिला आरक्षण की बातें होती हैं, वहीं एक सरकारी स्कूल ने पिछले सात दशकों से बेटियों के लिए अपने दरवाजे बंद कर रखे हैं. बहाना शौचालय का है, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां करती है.
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के दावों के बीच बस्ती का एक सरकारी इंटर कॉलेज 67 साल से बेटियों के लिए बंद है. शौचालय के बहाने दाखिला रोका जा रहा है, जबकि हकीकत में प्रबंधन पर निजी स्कूल को फायदा पहुंचाने का आरोप है. गरीब छात्राएं पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं, प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है.
प्रदेश के बस्ती जिले के कलवारी क्षेत्र के एक स्कूल से बेटियों को जबरन शिक्षा से वंचित करने की एक ऐसी दास्तां सामने आई है, जिसे सुनेंगे तो आप भी कहेंगे कि हम कैसे आधुनिक भारत में जी रहे हैं. यहां के सरकारी स्कूल में पिछले 67 सालों से गरीब बेटियों के प्रवेश पर महज इसलिए नो इंट्री है क्योंकि इस स्कूल में बालिका शौचालय नहीं है. खुद की बेटी का सरकारी स्कूल में दाखिला हो जाए इसके लिए एक पिता बकायदा साइकिल में एक टॉयलेट सीट बांधकर उसे लेकर विद्यालय पहुंच गया.
यूपी के बस्ती में शादी समारोह में बिना पूछे रसगुल्ला खाने पर कारीगर ने 11 साल के मासूम को जलते तंदूर में फेंक दिया. गंभीर रूप से झुलसा बच्चा अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश जारी है.