दो द्वीपों के समूहों (two groups of islands) से मिलकर बना अंडमान और निकोबार (Andaman and Nicobar), भारत का द्वीपसमूह और केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) है जो बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के जंक्शन पर स्थित है (Bay of Bengal and the Arabian Sea.).
दक्षिण अंडमान द्वीप पर स्थित पोर्ट ब्लेयर इसकी राजधानी है (Capital Port Blair). दोनों द्वीप समूहों में 572 द्वीप हैं जिसमें अंडमान के 325 द्वीप और निकोबार के 247 द्वीप हैं इनमें से 38 बसे हुए हैं. अंडमान को टेन डिग्री चैनल (Ten Degree Channel) द्वारा निकोबार द्वीप से अलग किया जाता है (Geographical Location) .
स्वतंत्रता के बाद, 1950 में, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भारत का हिस्सा बन गया और 1956 में इसे केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया. द्वीपों का समूह अंडमान और निकोबार कमांड की मेजबानी करता है, जो भारत कि सशस्त्र बलों की एकमात्र त्रि-सेवा भौगोलिक कमान है. यहां की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है बंगाली है और हिंदी इसकी आधिकारिक भाषा है. तमिल, तेलुगु, मलयालम और निकोबारी अन्य भाषाएं भी हैं जो अंडमान और निकोबार में बोली जाती हैं (Languages of Andaman and Nicobar).
यह देश के सबसे बड़े पर्यटक आकर्षणों में से एक है क्योंकि यह प्राकृतिक परिदृश्य, समुद्र तट, स्नोर्कलिंग और समुद्री खेल के लिए फेमस है. इसके साथ ही सैल्यूलर जेल, महात्मा गांधी मरीन नेशनल पार्क, कॉर्बिन्स कोव, वंदूर बीच, फॉरेस्ट म्यूजियम जैसे कई प्रमुख पर्यटन स्थल हैं (Tourist Places of Andaman and Nicobar).
भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी बैरेन आइलैंड (Barren Island) भी यहीं स्थित (only active volcano in India) है.
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट भारत का ₹92,000 करोड़ का रणनीतिक प्रोजेक्ट है. इसमें पोर्ट, एयरपोर्ट, टाउनशिप और पावर प्लांट बनेंगे. यह हिंद महासागर में भारत की सुरक्षा और व्यापार को मजबूत करेगा, लेकिन पर्यावरण और आदिवासी प्रभाव को लेकर विवाद हो रहा है.
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट भारत सरकार का महत्वाकांक्षी प्लान है, जिसके तहत निकोबार द्वीप को रणनीतिक समुद्री और आर्थिक हब बनाया जाएगा. इसमें बड़ा ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और पावर प्लांट बनेगा. सरकार ने कहा कि यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत करेगी.
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर सियासत तेज हो गई है. राहुल गांधी ने इसे पर्यावरण और आदिवासी समुदायों के खिलाफ अपराध बताया है. उनका कहना है कि विकास के नाम पर बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई और विस्थापन हो रहा है. वहीं सरकार इसे आर्थिक रूप से बेहद अहम परियोजना मानती है.
गर्मियों की छुट्टियों में अगर आप अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख, सिक्किम या लक्षद्वीप जैसी खूबसूरत जगहों पर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है. भारत के कई संवेदनशील और बॉर्डर इलाकों में घूमने के लिए भारतीयों को भी परमिट (ILP) लेना पड़ता है. इसलिए जाने से पहले जान लीजिए कि कहां-कहां आप बिना परमिट नहीं जा सकते हैं.
निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मतदाता सूची से करीब 5.2 करोड़ अयोग्य मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं. ये कुल मतदाताओं का लगभग 10 प्रतिशत है. आयोग का कहना है कि इस कदम से आगामी चुनावों के लिए एक सटीक और पारदर्शी लिस्ट तैयार हुई है.
भारतीय नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के बीच गल्फ ऑफ ओमान और अरब सागर में अपनी ताकत बढ़ा दी है. ऑपरेशन संकल्प के तहत अतिरिक्त सात युद्धपोत और लॉजिस्टिक जहाज तैनात किए गए हैं. LPG और ईंधन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ये कदम उठाए गए हैं.
20 मार्च को विश्व मेंढक दिवस मनाया जाता है. मेंढक ईकोसिस्टम के अहम किरदार हैं – कीड़े खाकर फसलों की रक्षा करते हैं. पक्षियों-सांपों का भोजन बनते हैं. पानी की क्वालिटी का संकेत देते हैं. लेकिन फंगल बीमारी, जलवायु परिवर्तन और रहने की जगह के नुकसान से उनकी संख्या तेजी से घट रही है. भारत में 450+ प्रजातियों में 25% खतरे में हैं.
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पवन हंस हेलिकॉप्टर को तकनीकी खराबी के कारण मायाबंदर के पास इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. स्थानीय मछुआरों और पुलिस की टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.
अंडमान के नीले पानी में स्नॉर्कलिंग करना लगभग हर किसी की ख्वाहिश होती है, लेकिन ज्यादा भीड़ होने से मजा कम हो जाता है. अगर आप भी शांति से समंदर की खूबसूरती और रंग-बिरंगी मछलियां देखना चाहते हैं, तो बस अपनी ट्रिप की प्लानिंग में थोड़ा बदलाव करना जरूरी है.
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ग्रेट निकोबार परियोजना को रणनीतिक महत्व और पर्यावरणीय शर्तों में पर्याप्त सुरक्षा उपायों का हवाला देते हुए मंजूरी दे दी है. हालांकि कांग्रेस और पर्यावरणविदों ने इसके गंभीर पारिस्थितिक प्रभावों, जैव विविधता को खतरे और आदिवासी अधिकारों पर असर को लेकर कड़ा विरोध जताया है.
भारत के लिए बेहद महत्वाकांक्षी और उतने ही विवादित ग्रेट निकोबार आईलैंड प्रोजेक्ट को आखिरकार नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की मंजूरी मिल गई है. इस प्रोजेक्ट को लेकर कहा जा रहा है कि यदि ये कामयाब रहा तो भारत को ग्रेट निकोबार द्वीप पर एक ‘सिंगापुर’ मिल जाएगी. इतना ही नहीं, ये हिंद महासागर में चीन के खिलाफ भारत को सामरिक बढ़त भी देगा.
अंडमान-निकोबार की खूबसूरती दुनियाभर के सैलानियों को अपनी ओर खींचती है, लेकिन इसी जन्नत में एक ऐसी जगह भी है जहां जाना सपने में भी भारी पड़ सकता है. आखिर क्यों यह द्वीप दुनिया की सबसे खतरनाक जगहों में गिना जाता है?
कार निकोबार एयर बेस का अपग्रेडेड रनवे आज सीडीएस जनरल अनिल चौहान उद्घाटन करेंगे. 2.7 किमी लंबा रनवे, एप्रन और नया टैक्सी ट्रैक तैयार है. Su-30MKI और मिराज जेट्स यहां तैनात होंगे. मलक्का स्ट्रेट की निगरानी मजबूत होगी. इंडो-पैसिफिक में भारत की सैन्य क्षमता बढ़ेगी.
कार निकोबार वायुसेना बेस का रनवे अपग्रेड हो गया है. सीडीएस जनरल अनिल चौहान 2 जनवरी 2026 को इसका उद्घाटन करेंगे. अपग्रेड में बड़ा एप्रन, नया टैक्सी ट्रैक और Su-30MKi विमानों की तैनाती शामिल है. मलक्का जलडमरूमध्य पर नजर रखने वाला यह बेस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है. मिसाइल परीक्षण क्षमता बढ़ाएगा.
बिहार के बाद तीन केंद्र शासित प्रदेश समेत 12 राज्यों में एसआईआर होने जा रहा है. एसआईआर का ये दूसरा फेज बिहार के मुकाबले कितना अलग होगा? बिहार के बाद इसमें क्या बदलाव हुए हैं?
IRCTC ने लखनऊ से अंडमान-निकोबार के लिए 6 रात और 7 दिन का शानदार हवाई टूर पैकेज लॉन्च किया है. “अद्भुत अंडमान” पैकेज में पोर्ट ब्लेयर, सेल्युलर जेल, हेवलॉक और नील द्वीप जैसी जगहों की सैर शामिल है. थ्री-स्टार होटल में ठहरने, खाने-पीने और फ्लाइट की सुविधा के साथ यह पैकेज एक परफेक्ट वेकेशन डील है.
भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी बैरन द्वीप अंडमान सागर में फटा. 13 और 20 सितंबर को दो हल्के विस्फोट हुए. धुआं-लावा-राख निकला. पोर्ट ब्लेयर से 140 किमी दूर निर्जन द्वीप है. नौसेना ने वीडियो रिकॉर्ड किया. कोई खतरा नहीं, निगरानी जारी है. वैज्ञानिकों के लिए विस्फोट की स्टडी कर रहे हैं.
राजनीतिक और पर्यावरणीय विवादों के घेरे में Nicobar Project, जानिए क्या है ये
निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी ने गहरी चिंता जताई है और इस करीब 72000 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना को आइलैंड के आदिवासियों के अस्तित्व के लिए खतरा करार दिया है.
अंडमान निकोबार को लेकर भारत सरकार ने अब तक बहुत उदासीनता बरती है. भारत ने पहले ध्यान दिया होता तो आज हमारे पास भी दुबई और सिंगापुर की तरह दुनिया का एक महत्वपूर्ण पोर्ट हब होता. विरोध का जो लेवल है उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि अभी भी यह सपना दूर की ही कौड़ी है.
अंडमान-निकोबार स्थित सेल्युलर जेल, जिसे ‘काला पानी’ कहा जाता है, आजादी की लड़ाई की सबसे दर्दनाक कहानियों में से एक है. अब यह एक राष्ट्रीय स्मारक है, जहां पर्यटक तंग कोठरियां, ऐतिहासिक दस्तावेज और लाइट एंड साउंड शो के जरिए उस दौर की झलक देख सकते हैं.