भारतीय वायुसेना (IAF) के कार निकोबार एयर बेस का अपग्रेडेड रनवे आज चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान द्वारा उद्घाटन किया जाएगा. यह अपग्रेड पूर्वी हिंद महासागर में भारत की सैन्य मौजूदगी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. यह बेस अंडमान और निकोबार कमांड के अंतर्गत आता है, जो भारत का एकमात्र त्रि-सेवा (आर्मी, नेवी, एयर फोर्स) थिएटर कमांड है.
कार निकोबार एयर बेस अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थित है. मलक्का स्ट्रेट के पास होने के कारण रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है. मलक्का स्ट्रेट दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग है, जहां से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. इस बेस से भारत इस क्षेत्र की निगरानी कर सकता है. किसी भी खतरे का जवाब दे सकता है.
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उद्घाटन के बाद Su-30MKI फाइटर जेट्स यहां से स्ट्रेटेजिक ऑपरेशन्स शुरू करेंगे. बाद में मिराज फाइटर जेट्स भी शामिल होंगे. ये विमान लंबी दूरी की फायरिंग और स्ट्राइक एक्सरसाइज करेंगे, जिससे क्षेत्र में IAF की लड़ाकू तैयारियां बढ़ेंगी.
इस अपग्रेड से अंडमान और निकोबार क्षेत्र में मिसाइल टेस्ट-फायरिंग की गतिविधियां भी बढ़ेंगी. इससे भारत की डिटरेंस (रोकथाम) और सर्विलांस क्षमता मजबूत होगी.
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रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, कार निकोबार का आधुनिकीकरण भारत के लिए फोर्स मल्टीप्लायर साबित होगा. यह पूर्वी समुद्री क्षेत्र में उभरते सुरक्षा खतरों की निगरानी, रोकथाम और जवाब देने की क्षमता बढ़ाएगा. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच यह अपग्रेड भारत की फॉरवर्ड मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करता है.
यह अपग्रेड अंडमान और निकोबार कमांड की समग्र आधुनिकीकरण योजना का हिस्सा है, जो भारत की समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय प्रभाव को बढ़ाने पर फोकस करता है.