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ब्लू व्हेल से कोरियन लवर तक... ऑनलाइन चैलेंज कैसे बन जाता है जानलेवा?

ऑनलाइन गेम्स जान भी ले सकते हैं. ये चर्चा गाजियाबाद में तीन लड़कियों की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद हो रही है. पुलिस मामले की जांच कर रही है, जिसमें आत्महत्या की वजह का पता लगाया जा रहा है. इस मामले में कोरियन लवर गेम का नाम सामने आया है. पुलिस इसकी भी जांच कर रही है.

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गाजियाबाद में तीन लड़कियों की आत्महत्या के मामले में ऑनलाइन गेम का नाम सामने आया है. (Photo: AI Image)
गाजियाबाद में तीन लड़कियों की आत्महत्या के मामले में ऑनलाइन गेम का नाम सामने आया है. (Photo: AI Image)

ऑनलाइन गेम्स या चैलेंज्स कई बार लोगों की जान के लिए खतरा बन जाते हैं. कुछ लोगों ने ऐसे मामलों में जान गंवाई भी है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण Blue Whale चैलेंज है. इस चैलेंज की शुरुआत रूस में हुई थी. साल 2016-2017 में ये काफी ज्यादा चर्चा में आया था.

ऑनलाइन गेमिंग की वजह से आत्महत्या का एक नया मामला सामने आया है. इसमें तीन बहनों ने सुसाइड किया है. मामला गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी का है, जहां तीन बहनों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है. माना जा रहा है कि आत्महत्या की वजह कोरियन लवर गेम है. 

हालांकि, इस बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं है. मृतक लड़कियों के पिता ने आज तक से बातचीत में बताया कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनके बच्चे ऐसा कोई गेम खेल रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनकी बेटियां एक ऑनलाइन कोरियन गेम खेल रही थी, जिसमें टास्क पूरे करने होते थे. 

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उन्होंने बताया, 'मुझे कोई आइडिया नहीं है कि क्या हुआ है. वे टास्क को पूरा कर रहे थे. कुल 50 टास्क थे. मेरी 14 साल की बेटी गेम में लीडर थी. मेरी बेटियां साथ में खेलती थी और किसी को अंदाजा तक नहीं लगने दिया कि वे ऐसा गेम खेल रही थी.' जब भी ऑनलाइन चैलेंज या टास्क पूरा करने वाले किसी डेडली गेम की चर्चा होती है, तो Blue Whale का नाम सबसे पहले याद आता है.

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भारत में Blue Whale का शिकार 

2017 में भारत में इस तरह के कई मामले सामने आए, जिसमें Blue Whale को लोगों की मौत की वजह बताया गया. अगस्त 2017 में एक बच्चे इस चैलेंज से सभी 50 टास्क की अपनी स्कूल डायरी में लिखी थी, जिसके बाद उसने आत्महत्या की कोशिश की थी. सितंबर 2017 में एक मामला मध्यप्रदेश से भी सामने आया था. इस तरह के कई मामले उस वक्त रिपोर्ट किए गए थे. 

क्या था Blue Whale गेम? 

दरअसल, Blue Whale कोई गेम नहीं था. ये एक तरह का ऑनलाइन चैलेंज ट्रेंड था, जिसमें हिस्सा लेने वाले को टास्क पूरा करना होता था. ये 50 दिनों का एक चैलेंज होता था, जिसमें हिस्सा लेने वाले को अलग-अलग टास्क पूरे करने होते थे. कुछ टास्क बेहद खतरनाक होते थे, जिसमें लोगों की जान तक चली गई. 

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इसमें लोगों को- खुद को नुकसान पहुंचाने का टास्क, ना सोने और आत्महत्या तक के टास्क दिए गए. टास्क पूरा करने की कोशिश कई लोगों ने खुद को नुकसान पहुंचा लिया, तो कुछ लोगों ने अपनी जान तक गंवा दी है. 

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क्या था किकी चैलेंज?

2018 में भी ऐसा ही एक ट्रेंड सामने आया था, जो किकी चैलेंज के नाम से पॉपुलर हुआ. इस टास्क में लोग अपनी कार को धीरे-धीरे चलाते हुए उससे बाहर आते थे और डांस करते थे. इस टास्क या सोशल मीडिया ट्रेंड को पूरा करने में कई लोग घायल हुए. इसकी शुरुआत एक वीडियो के बाद हुई थी, जिसे कमेडियन Shiggy ने पोस्ट किया था. 

मोमो चैलेंज भी आया था सामने

मोमो चैलेंज भी 2018 में ही वायरल हुआ था. इसमें सामने आया था कि बच्चों को एक यूजर परेशान करता है, जिसका नाम मोमो था. इसमें भी लोगों को टास्क पूरा करने के लिए कहा जाता है, जिसमें खुद को नुकसान पहुंचाना भी शामिल था. हालांकि, इसकी वजह से किसी को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन उस वक्त सोशल मीडिया पर पुलिस ने लोगों को ऐसे चैंलेज में हिस्सा ना लेने के लिए कहा था.

कैसे चलते हैं ऐसे गेम्स? 

इस तरह के गेम्स को आप डाउनलोड नहीं कर सकते हैं. बल्कि ये किसी सोशल मीडिया पर पेज, कम्युनिटी या क्लोज ग्रुप का हिस्सा हो सकते हैं. लोगों को मैसेज में उनके टास्क दिए जाते हैं, जिन्हें पूरा करना होता है. गेम खेलने वाले को इस हद तक मैनिपुलेट करता है कि उन्हें सिर्फ एक ही टार्गेट नजर आता है. टास्क पूरा करके का. 

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Blue Whale का प्रभाव दुनिया के किसी एक देश या रीजन तक सीमित नहीं था. भारत, रूस, यूरोप और दक्षित एशिया के कई देशों के इसके मामले सामने आए. ये कोई ऐप नहीं था, तो इसे गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से हटाया नहीं जा सकता है. इसके ऑपरेशन का मुख्य सोर्स सोशल मीडिया है, जहां लोग ट्रेंड को फॉलो करते हैं.

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