डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का एक नया केस सामने आया है, जहां विक्टिम एक बुजुर्ग हैं और उनके साथ 1.47 करोड़ रुपये की ठगी गई है. इस केस की जानकारी गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली एजेंसी साइबर दोस्त आई 4सी ने दी है.
एजेंसी ने पोस्ट करके बताया है कि गुजरात में एक बुजुर्ग के साथ बड़ी ठगी हुई है और उनके बैंक खाते से साइबर ठगों ने 1.47 करोड़ रुपये उड़ा लिए हैं. ये उनकी जिंदगीभर की कमाई थी.
साइबर ठगी की शुरुआत एक एक फोन कॉल के साथ हुई है. स्मार्टफोन पर एक दिन अनजान नंबर से कॉल आई. शख्स ने कॉल को उठाया है और फिर सामने वाला ने झूठ कहा कि बुजुर्ग के नाम की डिजिटल क्रेडेंशियल किसी गैर कानूनी एक्टिविटी में हुए हैं.
इसके बाद विक्टिम को अलग-अलग आरोप लगाकर डराया, धमकाया और यहां तक कि गिरफ्तार करने की धमकी तक दे डाली.
साइबर दोस्त ने किया पोस्ट
डिजिटल अरेस्ट की बात किसी दूसरे को ना बताने की सलाह दी
फिर विक्टिम बुजुर्ग को फोन कॉल पर जांच में सहयोग करने को कहा. इसके बाद विक्टिम को सभी से दूर रहने को कहा और बताया है कि इस केस के बारे में किसी दूसरे शख्स को ना बताएं. जानकारी लीक करना आपके और आपके परिवार के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.
बुजुर्ग को केस खत्म करने का झांसा दिया
फिर विक्टिम बुजुर्ग को केस खत्म करने का झांसा दिया है. विक्टिम को बताया है कि फंड का वेरिफिकेशन कराना होगा. उसके बाद विक्टिम बुजुर्ग ने मोटी रकम 1.47 करोड़ रुपये साइबर ठग द्वारा बताए गए अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए. फिर विक्टिम को पता चला कि वह साइबर ठगी थी और बहुत से लोगों को ऐसे शिकार बनााया.
यह भी पढ़ें: गुम या चोरी हुआ iPhone? आया एक मैसेज, ऐसे लुट जाती है आपकी डिजिटल पहचान
साइबर दोस्त ने बताया कैसे करें पहचान
साइबर दोस्त ने बताया है कि याद रखें कि कभी भी कोई भी लॉ एनफॉर्समेंट एजेंसी (सीबीआई, पुलिस, ईडी आदि) फोन या वीडियो कॉल पर किसी को अरेस्ट या पूछताछ नहीं करती है.
साइबर दोस्त ने आगे बताया है ना ही कभी लॉ एजेंसी कहीं पैसा ट्रांसफर करने को कहती है. ऐसी कॉल को तुरंत काटना चाहिए. साइबर दोस्त ने बताया है कि डरना नहीं है सुरक्षित रहना है.