फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में स्पेन के हाथों 2-0 की हार के बाद फ्रांस के कप्तान कीलियन एम्बाप्पे ने हार की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली. इस हार के साथ लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल खेलने का फ्रांस का सपना टूट गया. मुकाबले के बाद एमबाप्पे ने साफ कहा कि कप्तान होने के नाते जीत का श्रेय जितना उनका होता है, हार की जिम्मेदारी भी उन्हें ही उठानी होगी.
Fox Sports से बातचीत में एम्बाप्पे ने कहा- जब आप जीतते हैं तो सारी तारीफ मिलती है, लेकिन जब हारते हैं तो आलोचना भी स्वीकार करनी पड़ती है. यह मेरी जिंदगी और मेरे खेल का हिस्सा है. हम फाइनल में पहुंचना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं कर सके. अब लोगों की बात भी सुननी होगी.
Spain are one step closer to glory 🇪🇸#FIFAWorldCup
— FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) July 14, 2026
स्पेन ने मिडफील्ड पर किया कब्जा, फ्रांस की रणनीति हुई फेल
फ्रांस मुकाबले में स्पेन के सामने पूरी तरह दबाव में नजर आया. लुइस डे ला फुएंते की टीम ने डिफेंस और अटैक दोनों में शानदार प्रदर्शन किया. मिकेल ओयारजाबाल ने पेनल्टी पर गोल कर स्पेन को बढ़त दिलाई, जबकि पेड्रो पोरो ने दूसरा गोल दागकर जीत पक्की कर दी.
हार के कारणों पर एम्बाप्पे ने कहा कि टीम की प्लानिंग शुरुआत से स्पेन पर लगातार दबाव बनाने और उनके मिडफील्ड को खुलकर खेलने का मौका नहीं देने की थी, लेकिन खिलाड़ी इस रणनीति को मैदान पर लागू नहीं कर सके.
उन्होंने कहा- हमारी योजना थी कि स्पेन पर लगातार दबाव बनाएं, उन्हें खेल की स्पीड कंट्रोल नहीं करने दें. लेकिन हम ऐसा नहीं कर पाए. हमने उनके मिडफील्ड को बहुत ज्यादा समय और जगह दे दी. उनके पास इतनी क्वालिटी है कि अगर उन्हें समय मिल जाए तो वे मैच अपने कंट्रोल में ले लेते हैं.
एम्बाप्पे ने यह भी माना कि शुरुआती पेनल्टी ने स्पेन का आत्मविश्वास बढ़ा दिया. इसके बाद दूसरा गोल हो गया और फ्रांस वापसी करने लायक खेल नहीं दिखा सका.
उन्होंने कहा- पेनल्टी के बाद स्पेन को मैच में और मजबूती मिली. दूसरे गोल के बाद हमारे पास फाइनल तक पहुंचने लायक गुणवत्ता नहीं दिखी."
कोच के आखिरी मैच पर क्या बोले एम्बाप्पे?
फ्रांस अब तीसरे स्थान के मुकाबले में उतरेगा और यह दिदिएर डेशां के कोच के रूप में आखिरी मैच होगा. इस पर एम्बाप्पे ने कहा कि टीम अपने अनुभवी कोच को जीत के साथ विदाई देना चाहती है.
उन्होंने कहा- फ्रांस के लोगों और हमारी टीम के लिए डेशां का महत्व कभी नहीं बदलेगा. उनके पास अब सिर्फ एक मैच बचा है और हमें उनके लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा. वह इसके हकदार हैं और हमारे फैन्स भी.
अब फ्रांस तीसरे स्थान के मुकाबले में उतरेगा, जबकि स्पेन फाइनल में मौजूदा चैम्पियन अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से खिताबी भिड़ंत करेगा.