स्पेन ने फ्रांस का लगातार तीसरी बार फीफा वर्ल्ड कप फाइनल खेलने का सपना तोड़ दिया, लेकिन कीलियन एम्बाप्पे की सबसे बड़ी व्यक्तिगत जंग अभी खत्म नहीं हुई है. फ्रांस भले ही टूर्नामेंट से बाहर हो गया हो, लेकिन गोल्डन बूट की रेस में उनकी दावेदारी अब भी सबसे मजबूत बनी हुई है. तीसरे स्थान के मुकाबले में उनके पास इतिहास रचने का आखिरी मौका होगा.
सेमीफाइनल में स्पेन ने एम्बाप्पे को पूरी तरह बेअसर कर दिया. पूरे मैच में फ्रांस का कप्तान एक भी शॉट टारगेट पर नहीं लगा सका. यह उनके वर्ल्ड कप करियर में सिर्फ दूसरी बार हुआ है जब वह गोलपोस्ट पर एक भी निशाना नहीं साध पाए. इससे पहले 2022 वर्ल्ड कप के इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में ऐसा हुआ था, हालांकि तब फ्रांस 2-1 से जीत गया था.
स्पेन के खिलाफ फ्रांस का पूरा अटैक फ्लॉप साबित हुआ. टूर्नामेंट की सबसे खतरनाक मानी जा रही फ्रेंच फॉरवर्ड लाइन सिर्फ तीन शॉट ही टारगेट पर लगा सकी और फ्रांस का पहला शॉट टारगेट पर 81वें मिनट में आया. ऐसे में एम्बाप्पे का जादू भी नहीं चल सका और फ्रांस का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया.
फिर भी गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे एमबाप्पे
टूर्नामेंट के पहले छह मैचों में एम्बाप्पे ने 8 गोल दागे और 3 असिस्ट किए. यही वजह है कि गोल्डन बूट की दौड़ में वह अब भी सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हैं. शनिवार को होने वाले तीसरे स्थान के मुकाबले में उनके पास गोलों की संख्या बढ़ाने का सुनहरा मौका होगा.
मेसी बराबरी पर, लेकिन एम्बाप्पे आगे
गोल्डन बूट की रेस बेहद रोमांचक हो चुकी है. लियोनेल मेसी भी 8 गोल कर चुके हैं, लेकिन उनके नाम सिर्फ 2 असिस्ट हैं, जबकि एम्बाप्पे के 3 असिस्ट होने के कारण फिलहाल फ्रांसीसी स्टार बढ़त बनाए हुए हैं.
दूसरी ओर इंग्लैंड के हैरी केन और जूड बेलिंगहैम 6-6 गोल के साथ रेस में बने हुए हैं. यदि इंग्लैंड अर्जेंटीना को हराकर फाइनल में पहुंचता है तो इन दोनों खिलाड़ियों को दो और मुकाबले खेलने का मौका मिलेगा. ऐसे में गोल्डन बूट की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है.
68 साल बाद तीसरे स्थान का मैच फिर बना खास
आमतौर पर तीसरे स्थान का मुकाबला ज्यादा चर्चा में नहीं रहता, लेकिन इस बार गोल्डन बूट की वजह से इसकी अहमियत बढ़ गई है.
1958 वर्ल्ड कप में फ्रांस के महान स्ट्राइकर जस्ट फोंटेन ने वेस्ट जर्मनी के खिलाफ तीसरे स्थान के मैच में चार गोल दागकर एक वर्ल्ड कप में 13 गोल करने का आज भी अटूट रिकॉर्ड बनाया था. अब 68 साल बाद एक बार फिर यह मुकाबला गोल्डन बूट की दिशा तय कर सकता है.
... लगातार गोल्डन बूट जीतने का मौका
एम्बाप्पे ने 2022 वर्ल्ड कप में 7 गोल कर गोल्डन बूट अपने नाम किया था. यदि वह इस बार भी सबसे ज्यादा गोल करने में सफल रहते हैं तो लगातार दूसरी बार यह सम्मान जीतने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे.
हैरी केन भी 2018 में गोल्डन बूट जीत चुके हैं, जबकि हैरानी की बात यह है कि लियोनेल मेसी जैसे महान खिलाड़ी ने अब तक अपने करियर में एक भी वर्ल्ड कप गोल्डन बूट नहीं जीता है.
मेसी का रिकॉर्ड भी निशाने पर
स्पेन के खिलाफ गोल नहीं कर पाने के बावजूद एम्बाप्पे के नाम अब भी सिर्फ 21 वर्ल्ड कप मैचों में 20 गोल हैं. वह मेसी के 21 वर्ल्ड कप गोल के रिकॉर्ड से सिर्फ एक कदम दूर हैं.
महज 27 साल की उम्र में एम्बाप्पे के पास भविष्य में कम से कम दो और वर्ल्ड कप खेलने का मौका हो सकता है. ऐसे में वह न सिर्फ मेसी को पीछे छोड़ सकते हैं, बल्कि विश्व कप इतिहास के सबसे बड़े गोल स्कोररों की सूची में भी नया इतिहास लिख सकते हैं.
अब नजरें तीसरे स्थान के मुकाबले पर होंगी. फ्रांस ट्रॉफी की लड़ाई हार चुका है, लेकिन एम्बाप्पे के पास अभी भी गोल्डन बूट, नया रिकॉर्ड और इतिहास में अपना नाम और सुनहरे अक्षरों में दर्ज कराने का मौका बाकी है.