स्पेन के युवा फुटबॉल स्टार लामिन यामाल ने FIFA वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में फ्रांस के खिलाफ मुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में नस्लवाद के मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी है.
19वें जन्मदिन पर मीडिया से बातचीत के दौरान यामाल ने कहा कि फुटबॉल का मकसद लोगों को जोड़ना है, उन्हें धर्म, रंग या मूल के आधार पर बांटना नहीं है.
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यामाल का यह बयान ऐसे समय आया है जब स्पेन के पूर्व प्रधानमंत्री मारियानो राजॉय की फ्रांस की टीम को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर यूरोप में बहस छिड़ी हुई है.
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राजॉय के बयान की कई नेताओं और फुटबॉल जगत के लोगों ने आलोचना भी की है. मोरक्को मूल के पिता और इक्वेटोरियल गिनी मूल की मां के बेटे यामाल ने कहा कि अलग-अलग संस्कृतियों और पृष्ठभूमि के लोग मिलकर ही फुटबॉल को खूबसूरत बनाते हैं.
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उन्होंने कहा, 'फुटबॉल लोगों को एकजुट करता है. हमें किसी को उसके रंग, धर्म या मूल के आधार पर नहीं आंकना चाहिए.' स्पेन और फ्रांस के बीच 15 जुलाई को अमेरिका के डलास स्टेडियम में होने वाला सेमीफाइनल यामाल के करियर का अब तक का सबसे बड़ा मुकाबला माना जा रहा है.
हालांकि उन्होंने साफ कहा कि उन्हें किसी तरह का दबाव महसूस नहीं हो रहा और उनका पूरा ध्यान स्पेन की टीम को फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचाने पर है.
Lamine Yamal caught his little Brother on the big screenpic.twitter.com/voRj9qzemn
— Swearing Sports News (@SwearingSport) July 12, 2026
जब लामिन यामाल से उनके छोटे भाई की सोशल मीडिया पर वायरल लोकप्रियता के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'उसे खुद भी नहीं पता कि वह इतना वायरल हो गया है. वह घर पर भी बिल्कुल ऐसा ही रहता है. कैमरा उसकी तरफ आता है तो वह बस मस्ती करने लगता है. जब टीवी पर उसे दिखाते हैं तो मुझे भी उसे देखकर बहुत मजा आता है, वह मुझे खूब एंटरटेन करता है.'