एशियन कप के उद्घाटन मुकाबले में ईरान की महिला फुटबॉल टीम (Iran women's national football team) ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी चर्चा मैदान से ज्यादा मैदान के बाहर हुई. इजरायल और अमेरिका की ओर से हुए सैन्य हमलों के बाद टीम ने राष्ट्रगान के दौरान चुप्पी साध ली. कैमरे जब खिलाड़ियों और कोच पर गए तो किसी के होंठ हिलते नजर नहीं आए. माहौल गोल्ड कोस्ट स्टेडियम में भावुक और गंभीर था.
ईरान का राष्ट्रगान ‘Mehr-e Khavaran’ 1990 में अपनाया गया था. लेकिन इस बार टीम ने इसे गाने से परहेज किया. पिछले साल एशियन कप क्वालिफायर में टीम ने मौजूदा ईरानी झंडे को सलामी दी थी, ऐसे में इस बार का दृश्य बिल्कुल अलग था.
The Iranian women’s national football team refused to sing the anthem of the Islamic Regime. Tonight. At the opening match of the Asian Cup. In front of the entire world.
— Samantha Smith (@SamanthaTaghoy) March 3, 2026
So, to all liberal Western women:
Watch and learn.
THIS is what real feminism looks like. pic.twitter.com/SriXGbipsY
गोल्ड कोस्ट में स्टैंड्स में ईरानी समर्थकों का एक बड़ा वर्ग मौजूद था, जिन्होंने 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले वाले झंडे लहराए. 1907 में अपनाए गए पहले आधिकारिक झंडे में शेर और सूरज का प्रतीक था, जिसे बाद में हरे-सफेद-लाल झंडे से बदल दिया गया.
मैदान पर मुकाबला एकतरफा रहा. साउथ कोरिया की फुटबॉल टीम ने शुरू से दबदबा बनाया. पहले हाफ में कोरिया के पास 81 प्रतिशत गेंद पर कब्जा रहा और 20 शॉट लगाए. 37वें मिनट में जांग सेल-गी का शॉट पोस्ट से टकराकर चोए यू-री के पास पहुंचा, जिन्होंने लेफ्ट फुट से गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई.
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ब्रेक के बाद ईरान ने तीन बदलाव किए और आक्रामक रुख अपनाया. 56वें मिनट में जाहरा घनबारी को मौका मिला, लेकिन उनका शॉट सीधे कीपर किम मिन-जुंग के हाथों में चला गया. अंततः कोरिया ने मुकाबला 3-0 से अपने नाम किया.
ईरान की कोच मरजियेह जाफरी ने सैन्य हमलों और देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत से जुड़े सवालों पर टिप्पणी करने से इनकार किया. उन्होंने टूर्नामेंट से पहले कहा था कि 2022 के भारत संस्करण के मुकाबले इस बार ग्रुप ज्यादा कठिन है, लेकिन टीम अनुभव के साथ उतरी है और ईरानी महिलाओं की क्षमता दिखाना चाहती है.
गौरतलब है कि 2022 में उपविजेता रही दक्षिण कोरिया अब फिलीपींस से भिड़ेगी, जबकि ऑस्ट्रेलिया की मैटिल्डाज गोल्ड कोस्ट में ईरान से मुकाबला करेंगी. तीनों ग्रुप से शीर्ष दो टीमें और दो सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमें क्वार्टरफाइनल में पहुंचेंगी. शीर्ष छह टीमों को 2027 में ब्राजील में होने वाले महिला वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफिकेशन मिलेगा. मैदान पर स्कोरलाइन भले 3-0 रही हो, लेकिन इस मुकाबले की सबसे बड़ी कहानी राष्ट्रगान के दौरान छाई खामोशी ही बन गई.