बॉलीवुड फिल्ममेकर और सीबीएफसी के पूर्व चेयरमैन पहलाज निहलानी अब हमारे बीच नहीं रहे हैं. 4 जून की सुबह उनका 76 साल की उम्र में निधन हुआ. वो लंबी बीमारी से जूझ रहे थे, उन्हें लिवर से संबंधित परेशानी थी. उनका जाना हिंदी सिनेमा के लिए एक बड़ा धक्का है. 80-90 के दशक में उन्होंने कई सुपरहिट फिल्में बनाई हैं, जिसमें गोविंदा भी शामिल रहे.
अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे गोविंदा
पहलाज निहलानी के निधन से इंडस्ट्री में तो शोक की लहर दौड़ी ही है. मगर गोविंदा को बड़ा धक्का पहुंचा है. फिल्मों में गोविंदा को लाने वाले पहलाज निहलानी ही थे. ऐसे में जब प्रोड्यूसर के निधन की खबर सामने आई, तो गोविंदा उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे. वहां उनकी आंखों में एक उदासी थी, जिससे उनके दर्द का पता साफ चल रहा था.
गोविंदा ने पहलाज निहलानी के अंतिम दर्शन के दौरान डेविड धवन और उनके दोनों बेटों वरुण और रोहित से भी मुलाकात की. डायरेक्टर के बेटों संग एक्टर की मुलाकात का वीडियो भी सामने आता है. इसमें वरुण, गोविंदा के पैर छूते नजर आते हैं. वहीं रोहित भी उन्हें बाहर छोड़ते हुए नजर आते हैं. दोनों गोविंदा से गले मिलते हैं.
गोविंदा को बनाया सितारा
पहलाज निहलानी के जाने से गोविंदा पर दुखों का पहाड़ सा टूट पड़ा है. मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वो इस समय कितने इमोशनल हैं. गोविंदा ने भारी मन के साथ प्रोड्यूसर के लिए कहा- परम आदरणीय पहलाज निहलानी जी, हमारे नीव के पत्थर थे. मैं और मुझ जैसे कई कलाकार, जो गरीबी के दौर से ऊपर आए उसमें उनका सहयोग रहा.
'देश में कम से कम एक दर्जन ऐसे कलाकार रहे होंगे, जिनके करियर को पहलाज निहलानी जी ने बनाया है. उनके अंदर एक अनोखी खूबी थी कि वो टैलेंट को पहचान जाते थे और कलाकार को नीचे से ऊपर ऊंचाई तक पहुंचने में मदद करते थे. उन्हें ये गिफ्ट ऊपर वाले ने दिया. सिंधी समुदाय की तरफ से, मैं उन्हें सम्मान देता हूं और प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले.'
1986 में आई फिल्म इल्जाम से एक्टर ने डेब्यू किया था. इसके बाद वो उनकी और फिल्में- आंखें, पाप की दुनिया, शोला और शबनम, रंगीला राजा में भी नजर आए. रंगीला राजा साल 2019 में आई थी, जो गोविंदा की भी आखिरी हिंदी फिल्म थी.