एक प्रमुख आईटी कंपनी विप्रो की महिला प्रोजेक्ट मैनेजर द्वारा अपनी महिला वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है. शिकायत में वरिष्ठ अधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने और नौकरी छोड़ने के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं. मामला अब जांच के दायरे में है और संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है.
शिकायतकर्ता महिला प्रोजेक्ट मैनेजर के अनुसार, उनकी वरिष्ठ अधिकारी उनके कार्य की निगरानी करती थीं और उनके कामकाज से जुड़ी जिम्मेदारियों की देखरेख करती थीं. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वरिष्ठ अधिकारी ने उनके प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं. इसके बाद उन पर कंपनी छोड़ने के लिए दबाव बनाया गया.
महिला कर्मचारी का दावा है कि इस दबाव के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया और बाद में उनका इस्तीफा कंपनी द्वारा स्वीकार कर लिया गया. इसके बाद उन्होंने संबंधित प्राधिकरण के समक्ष एक औपचारिक आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की.
शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है. जांच का प्रमुख पहलू यह है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जाए और यह देखा जाए कि क्या यह मामला कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से जुड़े कानून, यानी पॉश (यौन उत्पीड़न की रोकथाम) अधिनियम के दायरे में आता है.
कॉर्पोरेट दफ्तर में धार्मिक दबाव के आरोपों की जांच शुरू
जांच एजेंसी या संबंधित प्राधिकरण इस बात की भी पड़ताल कर रहा है कि शिकायत मिलने के बाद कंपनी ने अब तक क्या कदम उठाए हैं. यह भी देखा जा रहा है कि कंपनी की तरफ से की गई कार्रवाई उसके आंतरिक नियमों और लागू कानूनी प्रक्रियाओं के अनुरूप थी या नहीं.
मामले में जिस महिला वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, वह वर्तमान में बेंगलुरु में तैनात हैं. बताया गया है कि वह वहीं से दूरस्थ रूप से अपने कार्यों का संचालन करती हैं और शिकायतकर्ता के कामकाज की निगरानी भी करती थीं.
जांच को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित महिला अधिकारी को पूछताछ के लिए तलब किया गया है. उनसे आरोपों के संबंध में उनका पक्ष जानने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है. जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों का अध्ययन किया जाएगा.
POSH अधिनियम के तहत आरोपों की जांच शुरू
फिलहाल मामले में जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी. संबंधित अधिकारी और शिकायतकर्ता दोनों से तथ्य जुटाने की प्रक्रिया जारी है.