युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल अब विकेटकीपिंग में भी हाथ आजमा रहे हैं. उनकी इस नई कोशिश ने क्रिकेट जगत में चर्चा छेड़ दी है. मुंबई रणजी टीम के कप्तान सिद्धेश लाड ने खुलासा किया है कि यशस्वी विकेटकीपिंग को लेकर गंभीर हैं और इसके लिए मेहनत कर रहे हैं. यशस्वी ने खुद भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वो विकेटकीपिंग करते नजर आ रहे हैं.
सवाल यह है कि आखिर बल्लेबाजी में अपनी पहचान बना चुके यशस्वी जायसवाल विकेटकीपिंग क्यों सीखना चाहते हैं? क्या यह भारतीय टीम में अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश है या फिर वह अपने खेल में एक नया कौशल जोड़ना चाहते हैं? फिलहाल इसकी आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है, लेकिन मुंबई के कप्तान के बयान ने अटकलों को जरूर हवा दे दी है.
सिद्धेश लाड ने गुरुवार (8 अक्टूबर) को मीडिया से बातचीत में बताया कि यशस्वी जायसवाल बतौर विकेटकीपर मेहनत कर रहे हैं. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यशस्वी मुंबई या भारतीय टीम के लिए विकेटकीपर की भूमिका निभाने का लक्ष्य रख सकते हैं. लाड ने कहा, 'यशस्वी विकेटकीपिंग में काफी मेहनत कर रहे हैं. मैंने उनसे ऐसा सुना है. वह मुंबई या भारतीय टीम के लिए विकेटकीपिंग करना चाहते हैं. उनका यही लक्ष्य है, हालांकि मुझे इस बारे में पूरी स्पष्टता नहीं है.'
सिद्धेश लाड के मुताबिक, यशस्वी जायसवाल मुंबई के एक अभ्यास मैच में विकेटकीपिंग भी कर चुके हैं. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि वह इस भूमिका को नियमित रूप से अपनाना चाहते हैं या केवल अपने क्रिकेटिंग कौशल को बेहतर बनाने के लिए अभ्यास कर रहे हैं.
व्हाइट बॉल क्रिकेट में नहीं मिल रहे मौके
यशस्वी जायसवाल टेस्ट क्रिकेट में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं, लेकिन सीमित ओवर्स क्रिकेट उनके लिए चुनौती बनी हुई है. वनडे टीम में रोहित शर्मा और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण ओपनिंग में जगह बनाना आसान नहीं है. टी20 इंटरनेशनल में भी अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ओपनिंग कर रहे हैं, जबकि युवा वैभव सूर्यवंशी भी विकल्प के तौर पर मौजूद हैं.
ऐसे में विकेटकीपिंग सीखने से यशस्वी जायसवाल को भविष्य में अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाने का मौका मिल सकता है. हालांकि, यह कहना जल्दबाजी होगी कि वह केवल भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए विकेटकीपिंग सीख रहे हैं. यशस्वी या टीम मैनेजमेंट की ओर से अभी इस बारे में कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई गई है.
सिद्धेश लाड ने भी इस कदम को यशस्वी जायसवाल के खेल में एक नया आयाम जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा. उन्होंने कहा, 'हो सकता है कि वह अपनी मुख्य ताकत यानी बल्लेबाजी में एक और आयाम जोड़ना चाहते हों. वह बल्लेबाजी तो करते ही हैं और विकेटकीपिंग उनके खेल में अतिरिक्त उपयोगिता जोड़ सकती है. कौन जानता है कि मौका कब और कहां मिल जाए.'
मुंबई की निगाहें 43वें रणजी खिताब पर
सिद्धेश लाड ने मुंबई की कप्तानी और रणजी ट्रॉफी में टीम की विरासत पर भी बात की. मुंबई की टीम अब तक 42 बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीत चुकी है. ऐसे में टीम से हर सीजन बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है. लाड ने कहा कि मुंबई की जर्सी पहनने के साथ दबाव भी आता है, लेकिन टीम इससे बचने के बजाय इसे स्वीकार करना चाहती है. उन्होंने टीम के इतिहास और संस्कृति को अपनी ताकत बताते हुए नए सीजन को लेकर उत्साह जताया.
मुंबई के उप-कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी इस बातचीत में हिस्सा लिया. उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) में महेंद्र सिंह धोनी के साथ बिताए समय के दौरान सीखी गई बातों को साझा किया. म्हात्रे के मुताबिक, धोनी ने उन्हें मैदान पर शांत रहने और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि आक्रामक अंदाज में लिए गए फैसले हमेशा सही नहीं होते और दबाव की स्थिति में संयम बनाए रखना जरूरी है. म्हात्रे ने बताया कि इस सीख ने अंडर-19 विश्व कप के दौरान भी उनकी मदद की.