टी20 विश्व कप में 97*, 89 और 89 रन की लगातार तीन विस्फोटक पारियां. टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार. आईपीएल-2026 में दो शतक. इसके बावजूद आज संजू सैमसन भारतीय टी20 टीम से बाहर हैं. सवाल हर क्रिकेट प्रशंसक के मन में था कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि कुछ ही महीनों में विश्व कप के सबसे बड़े मैच विनर को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया और फिर जिम्बाब्वे दौरे की टीम में भी जगह नहीं मिली. अब इस पूरे विवाद पर पहली बार मुख्य कोच गौतम गंभीर ने खुलकर अपनी बात रखी है.
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 के बाद गंभीर ने साफ किया कि संजू सैमसन को बाहर करने का फैसला अचानक या बिना जानकारी के नहीं लिया गया. उन्होंने कहा कि इस बारे में संजू से उनकी विस्तार से बातचीत हुई है और उन्हें पूरी स्पष्टता दे दी गई है.
गंभीर ने कहा, 'संजू को जितनी स्पष्टता मिलनी चाहिए थी, वह मैंने दे दी है. यह बातचीत सिर्फ कोच और खिलाड़ी के बीच की है. उसके बारे में सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहूंगा.'
Oh, so Gautam Gambhir wasn’t just informing Sanju Samson that he was being dropped from the playing XI. He was actually telling him that he wouldn’t be selected for the upcoming series either.💔 pic.twitter.com/SZZ1tdC23r
— 𝐑𝐮𝐬𝐡𝐢𝐢𝐢⁴⁵ (@rushiii_12) July 6, 2026
विश्व कप के हीरो से टीम से बाहर तक
मार्च में हुए टी20 विश्व कप में संजू सैमसन भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रहे. नॉकआउट चरण में उन्होंने लगातार 97*, 89 और 89 रन बनाकर भारत को खिताब दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई. उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुना गया. इसके बाद आईपीएल में भी उनका बल्ला खूब चला और उन्होंने दो शतक लगाए.
लेकिन तस्वीर तब बदली जब आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर उनका बल्ला पूरी तरह खामोश हो गया. तीन पारियों में उनके स्कोर रहे सिर्फ 5, 0 और 1 रन. इसी दौरान टीम प्रबंधन ने 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर भरोसा जताने का फैसला किया.
गंभीर ने बताई असली वजह
गौतम गंभीर ने साफ कहा कि सिर्फ पुराने प्रदर्शन के आधार पर टीम नहीं चुनी जा सकती. उनके मुताबिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौजूदा फॉर्म और टीम का संतुलन सबसे ज्यादा मायने रखता है.
उन्होंने कहा, 'संजू ने विश्व कप में भारत के लिए जो किया, वह शानदार था. लेकिन कभी-कभी आपको किसी खिलाड़ी की मौजूदा फॉर्म भी देखनी पड़ती है. इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि वह वापसी नहीं कर सकते.'
यानी गंभीर ने साफ संकेत दिया कि सैमसन का बाहर होना स्थायी फैसला नहीं है. यानी गंभीर ने संकेत दिया कि सैमसन का बाहर होना स्थायी फैसला नहीं है. टीम मैनेजमेंट ने उनके लिए वापसी के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए हैं.
'टीम इंडिया में जगह कमानी पड़ती है'
गंभीर ने चयन नीति पर भी दोटूक संदेश दिया. उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में किसी खिलाड़ी की जगह स्थायी नहीं हो सकती.
उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नतीजों का खेल है. हमें जो संयोजन जीत दिला सकता है, हम वही टीम खिलाते हैं. हर खिलाड़ी को अपनी जगह कमानी पड़ती है और भारत के लिए खेलने का अधिकार भी प्रदर्शन से ही मिलता है.'
यह बयान ऐसे समय आया है जब विश्व कप विजेता टीम के कई बड़े चेहरे अब प्लेइंग इलेवन से बाहर हैं. सिर्फ संजू सैमसन ही नहीं, बल्कि कप्तान सूर्यकुमार यादव भी मौजूदा टीम का हिस्सा नहीं हैं.
लगातार हार के बीच बढ़े सवाल
भारत विश्व कप जीतने के बाद से लगातार संघर्ष कर रहा है. टीम आयरलैंड के खिलाफ पहली बार कोई अंतरराष्ट्रीय सीरीज हार गई और अब इंग्लैंड के खिलाफ भी शुरुआती दोनों मैच गंवा चुकी है. ऐसे में चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं.
हालांकि गंभीर का मानना है कि यह गिरावट टीम में बड़े बदलावों का हिस्सा है.
उन्होंने कहा, 'जब आप किसी टीम को रीसेट करते हैं तो समय लगता है. इस टीम में कप्तान बदला है, ओपनिंग बदली है. हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी भी नहीं हैं. 15 साल का बल्लेबाज ओपनिंग कर रहा है, कुछ खिलाड़ी अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं. ऐसे में धैर्य रखना होगा.'
सिर्फ आक्रामक क्रिकेट से नहीं मिलेगी जीत
गंभीर ने बल्लेबाजी की रणनीति पर भी सवाल उठाए. उनके मुताबिक टीम ने परिस्थितियों के हिसाब से खेल नहीं दिखाया.
उन्होंने कहा कि टी20 क्रिकेट में सिर्फ बड़े शॉट ही नहीं, बल्कि मैच की स्थिति को समझना भी उतना ही जरूरी होता है. विश्व कप के दौरान टॉप ऑर्डर तेजी से रन बनाता था, लेकिन मध्यक्रम जरूरत पड़ने पर पारी को संभाल भी लेता था. इंग्लैंड के खिलाफ यही संतुलन भारत की बल्लेबाजी में नजर नहीं आया.
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या संजू सैमसन जल्द टीम इंडिया में वापसी कर पाएंगे या उन्हें अपनी बारी का लंबा इंतजार करना होगा. फिलहाल गौतम गंभीर ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि भारतीय टी20 टीम में चयन अब सिर्फ पिछली उपलब्धियों के आधार पर नहीं होगा. विश्व कप में बड़ी पारियां भी आपको स्थायी जगह की गारंटी नहीं देतीं. टीम मैनेजमेंट की नजर में मौजूदा फॉर्म, टीम का संतुलन और नतीजे ही अंतिम पैमाना हैं.