भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने क्रिकेट की दुनिया में अपनी एक अलग छाप छोड़ी है. 45 नंबर की जर्सी पहनकर जब वह मैदान पर उतरते हैं तो गेंदबाजों में अलग ही खौफ देखने को मिलता है. लेकिन क्या आप जानते हैं 45 नंबर की जर्सी रोहित शर्मा की पहली पसंद नहीं थी.
दरअसल, रोहित शर्मा की ख्वाहिश 19 नंबर की जर्सी पहनकर भारत के लिए खेलना था. लेकिन राहुल द्रविड़ के कारण उनकी ये ख्वाहिश अधूरी रह गई. उस दौरान राहुल द्रविड़ भारत के लिए 19 नंबर की जर्सी पहनकर खेला करते थे.
ऐसे में क्या आप जानते हैं कि रोहित ने फिर 45 नंबर को क्यों चुना? हाल ही में गेमिंग रियलिटी शो 'फैमिली फुल हाउस विथ रोहित शर्मा' में रोहित ने खुद इस बात से पर्दा उठाया और बताया कि कैसे उनकी मां के एक फैसले ने उन्हें यह जर्सी नंबर दिलवाया.
रोहित शर्मा ने खुलासा किया कि शुरुआत में उन्हें सिंगल डिजिट (5, 8 या 9 नंबर) की जर्सी चाहिए थी. लेकिन जब तक वे नंबर चुन पाते, बाकी खिलाड़ियों ने ये सारे नंबर पहले ही ले लिए थे. ऐसे में उनके पास 19 नंबर बचा, जो उन्हें पसंद आ गया और उन्होंने अंडर-19 क्रिकेट इसी नंबर की जर्सी पहनकर खेला.
रोहित को चाहिए थी 19 नंबर की जर्सी
रोहित ने बताया कि जब मेरा सिलेक्शन सीनियर इंडियन टीम में हुआ तो साथ के एक खिलाड़ी ने मुझसे कहा कि अंडर-19 में तो ठीक था. लेकिन इंडिया टीम में 19 नंबर नहीं ले सकते. जब मैंने वजह पूछी तो पता चला कि वह जर्सी नंबर खुद कप्तान राहुल द्रविड़ का है. उस वक्त द्रविड़ 19 नंबर पहनकर खेलते थे.
होटल पहुंचकर मम्मी को लगाया फोन
जब 19 नंबर मिलना नामुमकिन हो गया तो रोहित ने उसी शाम होटल पहुंचकर अपनी मां को फोन किया. उन्होंने मां से कहा कि मम्मी, मैं 19 नंबर से नहीं खेल सकता. अब आप ही बताओ कि मुझे कौन-सा नंबर चुनना चाहिए?
रोहित की मां ने उन्हें 4 और 5 यानी 45 नंबर चुनने की सलाह दी. मां का मानना था कि 4 और 5 को जोड़ने पर 9 बनता है, जो उनके लिए बेहद शुभ रहेगा. रोहित को भी 4 और 5 का यह कॉम्बिनेशन जर्सी पर लिखा हुआ काफी पसंद आया और उन्होंने तुरंत अपनी सहमति दे दी.