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ऋषभ पंत टेस्ट में रचेंगे नया इतिहास, बस 3 छक्कों की जरूरत, वीरेंद्र सहवाग-रोहित शर्मा भी नहीं कर सके ऐसा

श्रीलंका दौरे पर भारत के लिए परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं. हाल के समय में स्पिन के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों की परेशानियां सामने आई हैं. इन चुनौतियों के बीच पंत की भूमिका अहम होगी. उनके पास एक खास व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाने का सुनहरा मौका भी है.

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ऋषभ पंत का टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन शानदार रहा है. (Photo: BCCI)
ऋषभ पंत का टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन शानदार रहा है. (Photo: BCCI)

भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से टेस्ट क्रिकेट में अलग पहचान बनाई है. अब श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट मैच में उनके पास एक नया इतिहास लिखने का मौका है. ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने से सिर्फ तीन कदम दूर हैं. अगर वह इस मुकाबले में तीन छक्के जड़ देते हैं तो इस आंकड़े तक पहुंचने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे.

ऋषभ पंत ने अब तक 50 टेस्ट मैचों में 97 छक्के लगाए हैं. खास बात यह है कि वीरेंद्र सहवाग और रोहित शर्मा जैसे विस्फोटक भारतीय बल्लेबाज भी अपने टेस्ट करियर में 100 छक्कों के आंकड़े तक नहीं पहुंच सके. ऐसे में पंत के पास गॉल में वह मुकाम हासिल करने का मौका है, जो अब तक किसी भारतीय के नाम नहीं है.

टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाना कितना मुश्किल है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक केवल तीन बल्लेबाज इस आंकड़े को छू सके हैं. इंग्लैंड के बेन स्टोक्स 138 छक्कों के साथ इस सूची में पहले स्थान पर हैं. न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रैंडन मैक्कुलम ने अपने टेस्ट करियर में 107 छक्के लगाए थे. ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट 100 छक्कों के साथ तीसरे स्थान पर हैं. पंत गॉल में तीन छक्के लगाते हैं तो वह इस खास क्लब में शामिल होने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज होंगे.

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वार्म अप मैच में जड़े थे तीन छक्के
टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले ही ऋषभ पंत अपने इरादों की झलक दिखा चुके हैं. श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ वार्म-अप मुकाबले की दूसरी पारी में उन्होंने तीन छक्के लगाए थे. अब मुख्य मुकाबले में भी उनका यही अंदाज देखने को मिला तो रिकॉर्ड ज्यादा दूर नहीं रहेगा. पंत का आक्रामक खेल गॉल की परिस्थितियों में भारत के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है.

गॉल की पिच शुरुआती समय में बल्लेबाजों के लिए अपेक्षाकृत बेहतर रह सकती है, लेकिन मुकाबला आगे बढ़ने के साथ स्पिनर्स को ज्यादा टर्न और उछाल मिलने की संभावना रहती है. ऐसे में पंत की गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता उपयोगी साबित हो सकती है. भारत-श्रीलंका के बीच मुकाबला सिर्फ पंत के संभावित रिकॉर्ड की वजह से खास नहीं है. गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम भी अपने इतिहास का 50वां टेस्ट आयोजित कर रहा है. यह उपलब्धि हासिल करने वाला गॉल एशिया का पहला मैदान है.

एशिया में सबसे ज्यादा टेस्ट मैचों की मेजबानी
50*- गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम, गॉल
47- नेशनल स्टेडियम, कराची
46- सिंहली स्पोर्ट्स क्लब, कोलंबो
43- ईडन गार्डन्स, कोलकाता
42- गद्दाफी स्टेडियम, लाहौर

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