रवींद्र जडेजा ने रणजी ट्रॉफी में अपने अनुभव और धैर्य का शानदार नमूना पेश करते हुए फर्स्ट क्लास क्रिकेट का 16वां शतक जड़ा. छत्तीसगढ़ के खिलाफ राजकोट में खेले जा रहे एलीट ग्रुप-बी मुकाबले में जडेजा ने 209 गेंदों पर 102 रन बनाए. उनकी पारी में 7 चौके शामिल रहे. हालांकि, मुकाबले के दूसरे दिन शतक पूरा करने के बाद वह ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और सौराष्ट्र की पारी 392 रन पर सिमट गई.
जडेजा की पारी ऐसे समय आई, जब सौराष्ट्र को बड़े स्कोर तक पहुंचाने के लिए अनुभवी बल्लेबाज की जरूरत थी. उन्होंने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए अपना शतक पूरा किया. उनकी 102 रनों की पारी ने टीम को मजबूती दी, लेकिन पारी के आखिरी बल्लेबाज के रूप में उनका विकेट गिरते ही सौराष्ट्र की पारी समाप्त हो गई.
जब जडेजा ने ही जडेजा को किया आउट
इस मुकाबले में जडेजा के विकेट ने एक दिलचस्प कहानी भी लिखी. रवींद्र जडेजा को छत्तीसगढ़ के लिए खेल रहे धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने आउट किया. धर्मेंद्रसिंह कभी सौराष्ट्र के लिए रवींद्र जडेजा के साथ खेल चुके हैं, लेकिन अब दोनों अलग-अलग टीमों की ओर से मैदान पर हैं. धर्मेंद्रसिंह ने रवींद्र को कॉट एंड बोल्ड किया और उनकी शानदार पारी का अंत कर दिया.
प्रेरक मांकड़ ने भी खेली शतकीय पारी
सौराष्ट्र की पहली पारी में प्रेरक मांकड़ सबसे बड़े बल्लेबाज बनकर उभरे. उन्होंने 129 रनों की शानदार पारी खेली और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया. उनके अलावा चिराग जानी ने 83 रन बनाए. मांकड़ और जानी की पारियों ने सौराष्ट्र की बल्लेबाजी को मजबूत आधार दिया, जबकि रवींद्र जडेजा के शतक ने स्कोर को और ऊंचाई प्रदान की.
सौराष्ट्र ने पहली पारी में 392 रन बनाए. अब छत्तीसगढ़ के बल्लेबाजों पर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी. राजकोट में जारी इस मुकाबले में सौराष्ट्र के गेंदबाजों की कोशिश होगी कि वे अपनी टीम को पहली पारी की बढ़त दिलाने की दिशा में आगे बढ़ाएं.