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भारतवंशी क्रिकेटर्स पर अमेरिका की नजर, लॉस एंजेलिस ओलंपिक से पहले इन 4 सितारों के पास बड़ा मौका

क्रिकेट की ओलंपिक में वापसी के साथ अमेरिका में बसे भारतवंशी क्रिकेटरों के लिए बड़ा मौका सामने आया है. आगामी ओलंपिक गेम्स के लिए टीम सेलेक्शन का समीकरण राष्ट्रीयता से जुड़े नियमों के कारण बदल सकता है. ऐसे में घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके चार भारतवंशी अनकैप्ड खिलाड़ी आने वाले समय में यूएसए की टीम में शामिल हो सकते हैं.

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अग्नि चोपड़ा USA में क्रिकेट खेल रहे, रणजी ट्रॉफी में काटा था गदर. (Photo: instagram/@agnidevchopra)
अग्नि चोपड़ा USA में क्रिकेट खेल रहे, रणजी ट्रॉफी में काटा था गदर. (Photo: instagram/@agnidevchopra)

क्रिकेट की ओलंपिक में वापसी ने अमेरिकी टीम को सिर्फ एक बड़ा मंच नहीं दिया है, बल्कि खिलाड़ियों के चयन का नया रास्ता भी खोला है. लॉस एंजेलिस 2028 के लिए राष्ट्रीयता से जुड़े नियम यूएसए की टीम के चयन में अहम हो सकते हैं. ऐसे में अगले दो सालों तक घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन करने वाले अमेरिकी खिलाड़ियों की भूमिका पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है.

गुरुवार (17 सितंबर) से शुरू हुआ माइनर लीग क्रिकेट यानी MiLC उन भारतवंशी खिलाड़ियों के लिए खास मंच है, जो यूएसए के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने का सपना पाल रहे हैं. अगले दो सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन उन्हें पहले मेजर लीग क्रिकेट (MLC) और फिर यूएसए की ओलंपिक टीम के संभावित दावेदारों में शामिल कर सकता है. आइए जानते हैं ऐसे चार अनकैप्ड भारतवंशी खिलाड़ियों पर, जिनकी नजरें इस मौके को भुनाने पर होंगी.

कुंवरजीत सिंह: कैलिफोर्निया में जन्मे कुंवरजीत सिंह ने पिछले दो माइनर लीग क्रिकेट सीजन में अपनी बल्लेबाजी से छाप छोड़ी. 19 पारियों में उनके नाम पर 500 से ज्यादा रन दर्ज हैं. दाएं हाथ का यह बल्लेबाज पारी की स्थिति के हिसाब से अलग-अलग क्रम पर बल्लेबाजी कर सकता है, जो टी20 क्रिकेट में कुंवरजीत को एक अतिरिक्त विकल्प बनाता है. हालांकि मेजर लीग क्रिकेट में उन्हें अभी तक लंबी पारी खेलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला.
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कुंवरजीत सिंह ने MI न्यूयॉर्क के लिए पिछले सीजन में कुल चार पारियां खेलीं, जिसमें वो 32 रन ही बना सके. वॉशिंगटन फ्रीडम के खिलाफ 20 गेंदों में 26 रन उनकी सबसे बड़ी पारी रही. इससे पहले 2025 के फाइनल में उन्होंने 13 गेंदों पर नाबाद 22 रन बनाकर टीम को मुश्किल स्थिति से उबारा था. 28 वर्षीय कुंवरजीत के लिए माइनर लीग क्रिकेट अब ऐसा मंच है, जहां लगातार रन बनाकर वह अपनी दावेदारी को मजबूत कर सकते हैं.

अग्नि चोपड़ा: अमेरिकी क्रिकेट में आने के बाद अभी तक अग्नि चोपड़ा अपनी पूरी क्षमता नहीं दिखा सके हैं. 27 वर्षीय अग्नि ने पिछले साल अमेरिकी क्रिकेट का रुख किया था. मेजर लीग क्रिकेट में MI न्यूयॉर्क के लिए उन्हें दो मुकाबले मिले, जिनमें वह सिर्फ 13 रन बना सके. लेकिन भारत में उनका फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड अलग कहानी बताता है.

मिजोरम के लिए रणजी ट्रॉफी के अपने शुरुआती चार मैचों में उन्होंने चार शतक लगाए थे. माइनर लीग क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है, जहां उन्होंने 11 पारियों में 147.52 की स्ट्राइक रेट से 298 रन बनाए हैं. चोपड़ा की बाएं हाथ की बल्लेबाजी उन्हें खास बनाती है. अमेरिका के बल्लेबाजी क्रम में इस तरह के विकल्प सीमित हैं. हालांकि टी20 क्रिकेट में उन्हें ऊपरी क्रम के साथ-साथ मिडिल ऑर्डर में भी खुद को ढालने की क्षमता दिखानी होगी.

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अनिरुद्ध इमैनुएल: टेक्सास सुपर किंग्स ने 21 वर्षीय लेग स्पिनर अनिरुद्ध इमैनुएल को इस साल एमएलसी ड्राफ्ट में चुनकर बड़ा भरोसा दिखाया. उन्हें टूर्नामेंट में सिर्फ दो मैच मिले और एक विकेट उन्होंने चटाकाया. लेकिन वह विकेट कीरोन पोलार्ड का था, जिन्हें उन्होंने बोल्ड किया. इसके बाद गुयाना में ग्लोबल सुपर लीग T20 के फाइनल में इमैनुएल ने शानदार प्रदर्शन किया.
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तब उन्होंने सिर्फ 7 रन देकर 3 विकेट हासिल किए, जिनमें मोहम्मद नबी और रोवमैन पॉवेल के विकेट शामिल थे. न्यू जर्सी में रहने वाले अनिरुद्ध इमैनुएल को टेक्सास सुपर किंग्स के साथ रहते हुए रविचंद्रन अश्विन से स्पिन की बारीकियां सीखने का भी मौका मिला. अब न्यू जर्सी स्टैलियन्स के लिए पूरा माइनर लीग क्रिकेट सीजन उनके लिए महत्वपूर्ण साबित होगा.

नीतीश सुदिनी: अटलांटा के 18 वर्षीय नीतीश सुदिनी के पास बाकी तीन खिलाड़ियों की तुलना में सबसे ज्यादा समय है. लेकिन उन्होंने पहले ही अपनी क्षमता का संकेत दे दिया है. इस साल अंडर-19 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने 117 रनों की शानदार पारी खेली थी. उस समय यूएसए की टीम ने 40 रनों के स्कोर तक पांच विकेट खो दिए थे, लेकिन सुदिनी ने कमाल कर दिया. सुदिनी किसी ICC टूर्नामेंट में यूएसए के लिए शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने.

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अब नीतीश सुदिनी डिफेंडिंग चैम्पियन अटलांटा फायर के लिए माइनल लीग क्रिकेट में खेल रहे हैं. टीम में उनके साथ शाकिब अल हसन जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी हैं, जिनसे उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलेगा. सुदिनी की बल्लेबाजी में पावर हिटिंग सबसे बड़ी खासियत है. वह स्पिनरों के खिलाफ बैकफुट पर जाकर बड़े शॉट खेलने की क्षमता रखते हैं. इसके साथ वह सीम गेंदबाजी भी कर सकते हैं, जिससे टीम के लिए उनकी उपयोगिता बढ़ जाती है.

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