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IND vs NZ 2nd ODI: न बुमराह, न शमी... फिर भी खौफ में न्यूजीलैंड! दूसरे वनडे में भारतीय पेस अटैक फिर मचाएगा कहर?

भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा वनडे शनिवार को वेलिंगटन में खेला जाएगा. पहले मुकाबले में अर्शदीप सिंह, अंशुल कम्बोज और गुरनूर बरार ने अपनी धारदार गेंदबाजी से मेजबान बल्लेबाजों को खूब परेशान किया था. अब वेलिंगटन की छोटी स्क्वायर बाउंड्री के हिसाब से भारतीय पेसरों को अपनी लेंथ में बदलाव करना होगा. मोहम्मद सिराज की वापसी पर भी नजरें रहेंगी.

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अब वेलिंगटन में मचेगा तूफान! (Photo: AP)
अब वेलिंगटन में मचेगा तूफान! (Photo: AP)

भारतीय क्रिकेट टीम के पास इस समय जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज नहीं हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि विरोधी टीम के बल्लेबाजों को राहत मिल जाएगी. न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में भारत के युवा और अपेक्षाकृत अनुभवहीन पेस अटैक ने ऐसा प्रदर्शन किया कि मेजबान टीम को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना पड़ा. अब शनिवार को वेलिंगटन में होने वाले दूसरे वनडे में भी भारतीय तेज गेंदबाजों से इसी प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीद होगी. यह मैच भारतीय समयानुसार सुबह 7:30 बजे शुरू होगा. 

ऑकलैंड में खेले गए सीरीज के पहले मुकाबले में अर्शदीप सिंह, अंशुल कम्बोज और गुरनूर बरार ने अपनी गेंदबाजी से खास छाप छोड़ी. इन गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया. खास बात यह रही कि तीनों ने अलग-अलग अंदाज में मेजबान टीम की परेशानी बढ़ाई. जहां अर्शदीप ने विकेट निकालने में बाजी मारी, वहीं कंबोज ने अपनी सटीक लाइन और लेंथ से बल्लेबाजों को बांधे रखा.

46 डॉट बॉल... कम्बोज ने ऐसे कसी न्यूजीलैंड पर नकेल

पहले वनडे में अंशुल कम्बोज भारत के सबसे प्रभावशाली गेंदबाजों में रहे. उन्होंने 46 डॉट गेंदें फेंककर न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाया. दूसरे गेंदबाज जहां पिच से अतिरिक्त उछाल हासिल करने के लिए शॉर्ट गेंदों का इस्तेमाल कर रहे थे, वहीं कंबोज लगातार टेस्ट क्रिकेट वाली लेंथ पर गेंदबाजी करते रहे. उनकी यही रणनीति कारगर साबित हुई.

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अब दूसरे वनडे में कम्बोज को अर्शदीप सिंह के साथ नई गेंद थमाए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता. ऑकलैंड में अर्शदीप और आकिब नबी ने गेंदबाजी की शुरुआत की थी, लेकिन कंबोज ने जिस तरह की मूवमेंट हासिल की, उसने उन्हें इस भूमिका का मजबूत दावेदार बना दिया है.

वेलिंगटन में बदलेगी गेंदबाजी की रणनीति?
हालांकि वेलिंगटन के मैदान पर भारतीय गेंदबाजों के सामने अलग चुनौती होगी. ऑकलैंड के ईडन पार्क में सीधी बाउंड्री छोटी थीं, जबकि वेलिंगटन के हेनरी स्टेडियम में स्क्वायर बाउंड्री छोटी हैं. ऐसे में तेज गेंदबाजों को अपनी लेंथ में बदलाव करना होगा. यहां बल्लेबाजों को शॉर्ट गेंदों से फंसाने की बजाय थोड़ी फुलर लेंथ पर गेंदबाजी करना ज्यादा कारगर हो सकता है.

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इस मैदान पर भी अच्छी उछाल और गेंद के कैरी करने की उम्मीद है. यानी तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है. भारतीय पेस अटैक के लिए यह अच्छी खबर है. पहले वनडे में अतिरिक्त उछाल से परेशान हुए न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के सामने एक बार फिर मुश्किल खड़ी हो सकती है.

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सिराज की वापसी से किसकी जगह खतरे में?

भारतीय टीम के पास मोहम्मद सिराज के रूप में एक अनुभवी विकल्प भी मौजूद है. पहले वनडे में आकिब नबी विकेट हासिल नहीं कर सके थे. सिराज अब दूसरे मुकाबले के लिए उपलब्ध हैं तो प्लेइंग इलेवन में बदलाव संभव है. हालांकि टीम मैनेजमेंट ने इसे लेकर अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं.

मैच से पहले फील्डिंग कोच शुभदीप घोष से जब सिराज को मौका मिलने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता, टीम मैनेजमेंट इस पर फैसला करेगा.'

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सिराज की मौजूदगी भारतीय गेंदबाजी को अनुभव दे सकती है, लेकिन पहले वनडे में युवा गेंदबाजों के प्रदर्शन ने टीम मैनेजमेंट के सामने चयन का दिलचस्प विकल्प भी खड़ा कर दिया है.

बल्लेबाजी में रोहित से वापसी की उम्मीद, कोहली पर रहेंगी नजरें

भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो रोहित शर्मा दूसरे वनडे में बड़ी पारी खेलने के इरादे से उतरेंगे. वह सीरीज के पहले मुकाबले में पहली ही ओवर में आउट हो गए थे. हालांकि इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज में उनका बल्ला अच्छा चला था. टीम को उम्मीद होगी कि रोहित वेलिंगटन में अपनी लय हासिल करेंगे.

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विराट कोहली ने पहले वनडे में जिस अंदाज में बल्लेबाजी की थी, उसने भी भारतीय खेमे को राहत दी होगी. ईडन पार्क में अतिरिक्त उछाल के बावजूद कोहली सहज नजर आए और उन्होंने आसानी से बाउंड्री बटोरीं. भारतीय पारी को संभालने में उनकी भूमिका अहम रही.

हालांकि बाकी बल्लेबाजों के लिए शॉर्ट गेंदों का सामना करना आसान नहीं रहा. श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल को न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने लगातार बाउंसर डालकर परेशान किया. दोनों को उछाल लेती गेंदों के सामने अपनी तकनीक में सुधार करना होगा. दूसरे वनडे में भी न्यूजीलैंड के गेंदबाज इसी कमजोरी को निशाना बना सकते हैं.

कॉनवे के बाहर होने से न्यूजीलैंड को बड़ा झटका

दूसरी तरफ न्यूजीलैंड की मुश्किलें भी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. टीम के प्रमुख बल्लेबाज डेवोन कॉनवे कन्कशन के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं. अभ्यास सत्र के दौरान फील्डिंग करते समय हुए टकराव के बाद उन्हें यह चोट लगी. उनकी जगह निक केली को टीम में शामिल किया गया है.

न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर ने कॉनवे के बाहर होने को टीम के लिए बड़ा नुकसान बताया. उन्होंने कहा कि कॉनवे टीम के लिए बेहद अहम खिलाड़ी रहे हैं, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी में दूसरे खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का मौका होगा.

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हालांकि न्यूजीलैंड के लिए राहत की बात यह है कि इसी टक्कर में चोटिल हुए तेज गेंदबाज मैट हेनरी फिट हो गए हैं और दूसरे वनडे के लिए उपलब्ध रहेंगे.

न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर भी पहले मुकाबले के बाद स्वीकार कर चुके हैं कि भारतीय तेज गेंदबाजों ने अतिरिक्त उछाल से उनके बल्लेबाजों को काफी परेशान किया. अब उनकी टीम के सामने इस चुनौती का जवाब तलाशने की जिम्मेदारी होगी.

भारत के लिए दूसरे वनडे में जीत का मतलब सीरीज में अपनी पकड़ और मजबूत करना होगा. वहीं न्यूजीलैंड के सामने वापसी करने का दबाव रहेगा. ऐसे में निगाहें एक बार फिर भारतीय तेज गेंदबाजों पर होंगी, जिन्होंने पहले ही मुकाबले में साबित कर दिया कि बुमराह और शमी के बिना भी टीम इंडिया का पेस अटैक विरोधियों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है.

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