scorecardresearch
 

बिहार में अपराधियों के खिलाफ CM का जीरो टॉलरेंस, जानिए सम्राट के एनकाउंटर मॉडल का लेखा-जोखा

बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. हत्या, लूट और रंगदारी जैसे संगीन अपराधों में शामिल बदमाशों के खिलाफ बिहार पुलिस और STF ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है.

Advertisement
X
CM सम्राट चौधरी की सरकार में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला जारी है. (Photo: PTI)
CM सम्राट चौधरी की सरकार में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला जारी है. (Photo: PTI)

बिहार में अपराधियों के खिलाफ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है. हत्या, लूट, रंगदारी और दूसरे गंभीर अपराधों में शामिल अपराधियों के खिलाफ बिहार पुलिस और STF लगातार अभियान चला रही है. अप्रैल से नवंबर 2026 तक राज्य के कई जिलों में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है. इन मुठभेड़ों में कई अपराधी मारे गए, जबकि कई घायल हुए और गिरफ्तार भी किए गए.

15 अप्रैल 2026 को सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इसके करीब एक हफ्ते बाद ही पुलिस मुठभेड़ों का सिलसिला शुरू हो गया. पटना से लेकर भागलपुर, सीवान, नवादा, समस्तीपुर, जहानाबाद और दूसरे जिलों में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की.

अप्रैल में शुरू हुआ एनकाउंटर का सिलसिला

22 अप्रैल को पटना में लूट के आरोपी दिलीप यादव के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई. 26 अप्रैल को नवादा में 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी मिंटू यादव को पुलिस ने मुठभेड़ में गोली मारी. 

29-30 अप्रैल को भागलपुर में हत्या के आरोपी रामधनी यादव के साथ मुठभेड़ हुई, जिसमें उसकी मौत हो गई. इसी दौरान सीवान में हर्ष हत्याकांड के आरोपी छोटू यादव के साथ भी पुलिस की मुठभेड़ हुई.

मई में कई जिलों में पुलिस का एक्शन

Advertisement

मई में भी अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी रही. सीवान में हर्ष हत्याकांड के मुख्य आरोपी सोनू यादव की मुठभेड़ में मौत हुई. 13 मई को पटना के बिहटा में विदेशी राय उर्फ अवधेश और पप्पू राय के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई. दोनों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

18 मई को पटना में सरकारी शिक्षक पर फायरिंग के आरोपी संदीप कुमार के साथ मुठभेड़ हुई. इसी दिन सीवान में लूट के आरोपी अंकित कुमार को भी गोली लगी.
19 मई को पटना में 27 लाख रुपये की लूट के आरोपी नितीश सिंह के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई. 20 मई को समस्तीपुर में लूट के आरोपी प्रिंस बर्नवाल घायल हुआ.

21 मई को किशनगंज में पवन राय और जहानाबाद में दीपक शर्मा हत्याकांड के आरोपी विक्कू सिंह के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई. 26 मई को खगड़िया में 50 हजार रुपये के इनामी बुद्धन मियां को गोली लगी. 27 मई को पटना के मसौढ़ी में लूट के आरोपी अजय पासवान के साथ मुठभेड़ हुई. 30 मई को गोपालगंज में अपराधी आकाश सिंह के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई.

जून में भी जारी रही कार्रवाई, भरत तिवारी एनकाउंटर पर उठा विवाद

जून में पटना, गोपालगंज, गया, मुजफ्फरपुर और भोजपुर में पुलिस मुठभेड़ की घटनाएं सामने आईं.

Advertisement

13 जून को पटना के मसौढ़ी में पुलिस पर हमला करने के आरोपी हैदर की मुठभेड़ में मौत हो गई. 16 जून को गोपालगंज में शराब तस्करी के आरोपी किशन कुमार के साथ मुठभेड़ हुई. इसी दिन गया में डकैती के आरोपियों सुजीत और श्रवण के साथ भी पुलिस की मुठभेड़ हुई.

17 जून को भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई. इस घटना के बाद काफी विवाद हुआ. भरत तिवारी के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए. मामले में जांच शुरू हुई और STF के एक जवान की गिरफ्तारी भी हुई. इस घटना ने पुलिस मुठभेड़ों की जांच और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए.

जुलाई में सीतामढ़ी और समस्तीपुर में मुठभेड़

जुलाई में सीतामढ़ी और समस्तीपुर में पुलिस की कार्रवाई के दौरान दो आरोपी गोली लगने से घायल हुए. सीतामढ़ी में CSP संचालक से लूट के आरोपी फेकन कुमार को गोली लगी. वहीं समस्तीपुर में STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अमन कुमार सहनी घायल हुआ.

3 जुलाई तक की एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद 21 पुलिस मुठभेड़ हो चुकी थीं. यह मीडिया रिपोर्ट का आंकड़ा था.

अगस्त में बिहटा में अपराधियों से मुठभेड़

Advertisement

30 अगस्त को पटना के बिहटा में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई. पुलिस के मुताबिक, नाव पर सवार अपराधियों को रोकने के दौरान फायरिंग हुई. इस दौरान अनिश कुमार घायल हुआ. पुलिस ने मौके से राइफल, कार्बाइन, पिस्टल और कारतूस बरामद किए.

अक्टूबर में फिर कई जिलों में पुलिस की कार्रवाई

7 अक्टूबर को सीतामढ़ी के रीगा में दिनेश यादव हत्याकांड के आरोपियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई. इस दौरान तीन आरोपी घायल हुए और गिरफ्तार कर लिए गए. पुलिस ने हथियार और करीब 800 कारतूस बरामद करने की जानकारी दी.

14 अक्टूबर को पटना के फतुहा में कुख्यात अपराधी शुभम कुमार झा के साथ मुठभेड़ हुई. उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

22-23 अक्टूबर को गया के भिक्षा गांव में पुलिस और STF की संयुक्त टीम की मुठभेड़ हुई. इसमें रानू सिंह घायल हुआ. वह दारोगा के बेटे की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी था.

25 अक्टूबर को बख्तियारपुर में अंजनी कुमार हत्याकांड के आरोपी सौरभ सिंह के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई. पुलिस के मुताबिक, हथियार बरामदगी के दौरान उसने फायरिंग की, जिसके जवाब में उसे गोली लगी.

नवंबर में मनेर में तीन अपराधियों का एनकाउंटर

नवंबर के पहले हफ्ते में भी पुलिस की कार्रवाई जारी रही. 1 और 2 नवंबर की रात वैशाली में पुलिस की कार्रवाई के दौरान फरार आरोपी राज नंदन उर्फ छोटू के पैर में गोली लगी.

Advertisement

5 नवंबर को दरभंगा के सकतपुर में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई. इस दौरान ASI रणधीर कुमार घायल हुए.

6 नवंबर को पटना के मनेर में STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन अपराधी मारे गए. पुलिस के मुताबिक, मारे गए अपराधियों के नाम राजा शर्मा, बबलू कुमार और जयप्रकाश यादव हैं. तीनों पर हत्या समेत कई गंभीर मामले दर्ज थे. ये पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भोलू की हत्या के मामले में भी वांछित थे. मुठभेड़ में मनेर थानाध्यक्ष भी घायल हुए.

आज ही भोजपुर के बहोरनपुर थाना क्षेत्र में रिटायर्ड अधिकारी रामकुमार सिंह हत्याकांड के आरोपी पवन यादव के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई. उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

अपराधियों के खिलाफ एक्शन के लिए बिहार STF और जिला पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. कई मामलों में दोनों की संयुक्त टीम ने अपराधियों की तलाश में छापेमारी की और उन्हें गिरफ्तार किया. पुलिस का कहना है कि अपराधियों की सूचना मिलने पर उनकी घेराबंदी कर उनके खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है.

गौरतलब है, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला जारी है और सरकार के सामने बड़ी चुनौती यह है कि अपराध पर लगाम लगे.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement