रविवार (11 अक्टूबर) को इंदौर के होलकर स्टेडियम में आयोजित मुकाबले में भारत ने वेस्टइंडीज को 14 रनों से हराया और पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली. हालांकि, इस जीत के बावजूद भारतीय टीम को अपनी बल्लेबाजी से जुड़े कुछ सवालों के जवाब तलाशने होंगे. अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी ने भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन मिडिल ओवर्स में भारत ने जिस तरह विकेट गंवाए, उससे टीम मुश्किल में आ गई. आखिर में गेंदबाजों ने जिम्मेदारी संभाली और वेस्टइंडीज को लक्ष्य से दूर रखकर जीत दिलाई.
भारत की पारी का सबसे आकर्षक हिस्सा अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी रही. उन्होंने महज 30 गेंदों पर 69 रन बनाए, जिसमें छह चौके और पांच छक्के शामिल थे. शुरुआत में संभलकर खेलने के बाद अभिषेक ने रोस्टन चेज की गेंदों पर आक्रामक रुख अपनाया. एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से चौका लगाने के बाद उन्होंने लॉन्ग ऑफ और पॉइंट की दिशा में छक्के जड़कर वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया. अभिषेक शर्मा ने अपनी पारी के अगले 13 गेंदों में 50 रन पूरे कर लिए. वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने यॉर्कर और फुल लेंथ गेंदों से उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सलामी बल्लेबाज ने ऑफ साइड में शानदार शॉट लगाकर रन बटोरे.
अचानक गिर गए पांच विकेट
भारतीय टीम ने पावरप्ले में एक विकेट पर 87 रन बना लिए थे. लेकिन इसके बाद पारी की तस्वीर तेजी से बदली. रोस्टन चेज ने एक ही ओवर में ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर को आउट कर भारत की रफ्तार रोक दी. ईशान ने 18 गेंदों पर 37 रन बनाए, जबकि श्रेयस सिर्फ एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए. फिर अभिषेक शर्मा की पारी का अंत शमर स्प्रिंगर की तेज बाउंसर पर हुआ. नमन धीर भी गुडाकेश मोती की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कैच दे बैठे. इसके बाद नीतीश कुमार रेड्डी 21 रन बनाकर आउट हुए. हालांकि, विकेटों के लगातार गिरने के बीच भारतीय बल्लेबाजों से बेहतर सूझबूझ की उम्मीद थी, लेकिन कुछ गलतियों ने टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं.
तिलक वर्मा ने अक्षर पटेल के शॉट को चौका समझ लिया, जबकि गेंद मैदान के अंदर थी. वह रन आउट हो गए. इसके बाद अक्षर और अर्शदीप सिंह के बीच तालमेल की कमी के कारण अक्षर पटेल भी रन आउट हो गए. इस तरह छह ओवर के भीतर भारत ने पांच विकेट गंवा दिए. अंतिम 5 ओवरों में 49 रन जोड़ने के बावजूद टीम को अपनी पारी के बीच के हिस्से में किए गए फैसलों पर जरूर विचार करना होगा.
अर्शदीप ने गेंद से किया कमाल
224 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज ने आक्रामक शुरुआत की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने रन गति पर नियंत्रण बनाए रखा. अर्शदीप सिंह ने चार ओवर में 44 रन देकर तीन विकेट लिए. उनका सबसे अहम शिकार कप्तान शाई होप रहे, जिन्हें अर्शदीप ने अपने शुरुआती ओवर में आउट करके भारत को बड़ी सफलता दिलाई.
भारत की अतिरिक्त तेज गेंदबाज के साथ उतरने की रणनीति भी कारगर रही. मयंक यादव ने शुरुआती ओवरों में दबाव बनाया, जबकि प्रिंस यादव ने पारी के अंतिम चरण में उपयोगी गेंदबाजी की. भारतीय गेंदबाजों ने छोटे मैदान और बल्लेबाजी के अनुकूल पिच के बावजूद अपनी योजनाओं पर अमल किया.
हेटमायर का विकेट बना टर्निंग पॉइंट
शिमरॉन हेटमायर ने पांच रन पर मिले जीवनदान के बाद भारतीय गेंदबाजों पर हमला किया. उन्होंने 26 गेंदों पर 43 रन बनाए और एक समय वेस्टइंडीज को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचाने की कोशिश की. नमन धीर ने उन्हें आउट करके भारत को राहत दिलाई.
कामिल पूरन ने इसके बाद लगातार तीन छक्के लगाकर दबाव फिर से भारत पर डाल दिया, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर उनका विकेट गिर गया. नमन धीर ने इस अहम मौके पर अपनी उपयोगिता साबित की. अंतिम ओवरों में शमर स्प्रिंगर ने सिर्फ 11 गेंदों पर नाबाद 35 रन बनाकर मुकाबले को रोमांचक बनाया, मगर वेस्टइंडीज की टीम सात विकेट पर 209 रन ही बना सकी.
भारत की 14 रनों की जीत ने उसे सीरीज में बढ़त दिला दी, लेकिन यह मुकाबला टीम के लिए एक सबक भी रहा. अभिषेक शर्मा की शानदार पारी और गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन ने भारत को जीत दिलाई, मगर मिडिल ओवरों में विकेट्स का गिरना और रन आउट जैसी गलतियां चिंता बढ़ाने वाली रहीं.