कोलंबो में खेले जा रहे भारत और श्रीलंका के बीच दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन एक बड़ा विवाद देखने को मिला था. भारतीय टीम के युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो बीच मैदान पर ही आपस में भिड़ गए थे.
अब इस घटना को गंभीरता से लेते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने दोनों खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया है. यह पूरी घटना मैच के पहले दिन भारतीय पारी के 17वें ओवर में घटी.
श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो ने जैसे ही यशस्वी जायसवाल को आउट किया, मैदान का माहौल थोड़ा गरमा गया. आउट होने के बाद पवेलियन लौटते समय जायसवाल फर्नांडो की तरफ गए और दोनों के बीच कुछ शब्दों का आदान-प्रदान हुआ.
#TeamIndia 450 up and going strong 💪💪
Dhruv Jurel (76*) and Manav Suthar (13*) are in the middle! 👍 👍
Updates ▶️ https://t.co/r9FgXSdsMf#SLvIND pic.twitter.com/bvhMAehWAy— BCCI (@BCCI) August 24, 2026
बीच मैदान पर हो गई थी झड़प
इसके बाद फर्नांडो ने आक्रामकता दिखाते हुए अपना सिर जायसवाल की तरफ आगे किया. जवाब में भारतीय बल्लेबाज जायसवाल भी पीछे नहीं हटे और उन्होंने भी अपना सिर आगे कर दिया. इस खींचातानी में दोनों खिलाड़ियों के सिर आपस में टकरा गए. ऐसा करना क्रिकेट के नियमों के सख्त खिलाफ है.
ICC ने लिया बड़ा एक्शन
मैदान पर इस तरह का बर्ताव खेल भावना के विपरीत माना जाता है. ICC ने दोनों खिलाड़ियों को आचार संहिता के अनुच्छेद 2.12 का उल्लंघन करने का दोषी पाया है. यह नियम मैच के दौरान किसी भी खिलाड़ी, अंपायर या मैच रेफरी के साथ 'अनुचित शारीरिक संपर्क' करने से जुड़ा है.
That will be lunch on Day 2 in Colombo!
— BCCI (@BCCI) August 24, 2026
A strong morning session for #TeamIndia 🙌
Rishabh Pant (63*) & Dhruv Jurel (59*) at the crease as India reach 419/6 after 112 overs 👏👏
Scorecard ▶️ https://t.co/r9FgXSdsMf#SLvIND pic.twitter.com/7BczhIFBVc
दोनों खिलाड़ियों ने मान ली गलती
जुर्माने के साथ-साथ दोनों खिलाड़ियों के खाते में एक-एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया है. पिछले 24 महीनों के दौरान दोनों खिलाड़ियों का यह पहला अपराध है. दोनों खिलाड़ियों ने अपनी गलती मान ली है और एमिरेट्स आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा दी गई सजा को स्वीकार कर लिया है. इस वजह से मामले में किसी औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी.