भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में 24 साल के युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज ने अपनी कातिलाना गेंदबाजी से हर किसी को हैरान कर दिया. न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने 10 ओवर के कोटे में अंशुल ने 2 मेडन ओवर डालते हुए सिर्फ 22 रन देकर 2 बड़े विकेट झटके.
इस दौरान उन्होंने 46 डॉट गेंदें फेंकी और उनका इकॉनमी रेट महज 2.20 का रहा. साल 2016 के बाद से वनडे में 10 ओवर के पूरे स्पेल में किसी भी भारतीय गेंदबाज द्वारा दिए गए यह सबसे कम रन हैं. इस मैच जिताऊ प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. भारतीय टीम के पूर्व महान कप्तान सुनील गावस्कर अंशुल की इस गेंदबाजी के मुरीद हो गए हैं और उन्होंने उनकी तारीफ में कसीदे पढ़े हैं.
सोनी स्पोर्ट्स पर बात करते हुए सुनील गावस्कर ने अंशुल कंबोज की रफ्तार और फिटनेस में आए जबरदस्त बदलाव पर ध्यान खींचा. गावस्कर ने कहा कि अंशुल ने पहले ही ओवर मेडन से शुरुआत की. उनकी गेंद स्विंग भी हो रही थी और तेजी से निकल रही थी.
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— BCCI (@BCCI) November 4, 2026
हमने पिछले साल उन्हें इंग्लैंड में देखा था, जहां उनकी स्पीड 127 से 130 किमी प्रति घंटे के आसपास रहती थी. लेकिन अब वह 135 से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे हैं, जिसका सीधा मतलब है कि उनकी फिटनेस में गजब का सुधार हुआ है. सुनील गावस्कर के मुताबिक फिटनेस में सुधार होने के कारण उनकी गेंदबाजी में भी जबरदस्त बदलाव देखने को मिला है.
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'निशान ऐसा कि एक भी गेंद लेग या मिडिल पर नहीं पड़ी'
गावस्कर ने अंशुल की लाइन-लेंथ की अनुशासन की तारीफ करते हुए आगे कहा कि जब आप लय में होते हैं और आपके दिमाग में नो-बॉल न फेंकने का भरोसा होता है तो आपकी स्पीड अपने आप बढ़ जाती है. अंशुल ने अपनी पूरी स्पेल के दौरान एक भी गेंद मिडिल या लेग स्टंप पर नहीं फेंकी. वह लगातार ऑफ-स्टंप या उसके बाहर ही गेंदबाजी करते रहे.
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पहले उनकी गेंदों की गति ऐसी होती थी कि बल्लेबाज आसानी से 'ऑन द अप' शॉट खेल लेते थे, लेकिन ऑकलैंड की उछालभरी और सीमिंग पिच पर उनकी सटीक लाइन-लेंथ के सामने बैटर्स के लिए शॉट खेलना नामुमकिन हो गया.
टी20 के दौर में 22 रन देना बहुत बड़ी बात
गावस्कर ने कहा कि 2026 के इस दौर में, जहां टी20 के प्रभाव के कारण वनडे क्रिकेट में भी बल्लेबाजों का रवैया पूरी तरह आक्रामक हो चुका है, वहां 10 ओवर में सिर्फ 22 रन देकर विकेट निकालना बेहद खास है. अंशुल ने कोई फालतू प्रयोग करने के बजाय अपनी सटीक गेंदबाजी पर भरोसा रखा, जिससे न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बना और भारत को शानदार जीत मिली.