श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट मैच के पहले दिन 15 अगस्त (शनिवार) को भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने शानदार प्रदर्शन किया. नंबर-3 पर उतरे पडिक्कल ने अपने टेस्ट करियर की पहली सेंचुरी जमा दी. भारत की पहली पारी में पडिक्कल ने 9 चौके और एक छक्के की मदद से 134 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया.
देवदत्त पडिक्कल 21वीं सदी में भारत के लिए नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट शतक बनाने वाले दूसरे बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं. इससे पहले सौरव गांगुली ही ऐसा कर पाए थे. पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने साल 2002 में दिल्ली में जिम्बाब्वे के खिलाफ 136 रन बनाए थे.
काफी अरसे बाद किसी भारतीय बल्लेबाज ने टेस्ट क्रिकेट में नंबर तीन पर बैटिंग करते हुए शतकीय पारी खेली है. इससे पहले तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट शतक बनाने वाले आखिरी भारतीय खिलाड़ी शुभमन गिल थे, जिन्होंने सितंबर 2024 में चेन्नई में बांग्लादेश के खिलाफ यह कारनामा किया था.
उस मैच और अभी चल रहे मुकाबले के बीच भारत ने जो 19 टेस्ट मैच खेले, जिसमें नंबर-3 पर सात अलग-अलग बल्लेबाजों को आजमाया गया. इस दौरान नंबर-3 पर भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. इन सात बैटर्स ने कुल 35 पारियों में 27.28 की औसत से रन बनाए और केवल पांच बार 50 या उससे ज्यादा का स्कोर बना सके. अब पडिक्कल ने गॉल में सेंचुरी लगाकर इस लंबे इंतजार को खत्म किया है.
डेब्यू टेस्ट में जड़ी थी फिफ्टी
26 साल के देवदत्त पडिक्कल का ये तीसरा टेस्ट मैच है. इससे पहले पडिक्कल ने जो दो टेस्ट मैच खेले थे, उसमें उन्होंने 30.00 की औसत से 90 रन बनाए थे. पडिक्कल ने अपना टेस्ट डेब्यू मार्च 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ धर्मशाला में किया था.
डेब्यू टेस्ट पारी में देवदत्त पडिक्कल ने शानदार 65 रन बनाए थे. पडिक्कल भारतीय टीम के लिए 2 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले भी खेल चुके हैं, जिसमें उनके नाम पर 19.00 की औसत से 38 रन दर्ज हैं.
बता दें कि देवदत्त पडिक्कल ने हाल ही में श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ अभ्यास मैच में नाबाद 142 रन बनाए थे. साई सुदर्शन चोटिल होकर टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए थे. इसके चलते देवदत्त पडिक्कल को नंबर-3 पर बैटिंग करने का मौका मिला, जिसे इस युवा बल्लेबाज ने आसानी से भुनाया.