नीरू ढांडा ने मंगलवार को इतिहास रच दिया. हरियाणा की 26 साल की निशानेबाज ने एशियन गेम्स के महिला ट्रैप व्यक्तिगत मुकाबले में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीत लिया. इतना ही नहीं, नीरू ने 28 के स्कोर के साथ नया एशियाई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया.
नीरू की गोल्डन बाजी से पहले भारत ने महिला ट्रैप टीम इवेंट में सिल्वर मेडल भी जीता. यानी एक ही दिन नीरू ने पहले टीम को पोडियम तक पहुंचाया और फिर व्यक्तिगत मुकाबले में सोने पर निशाना साधकर इतिहास अपने नाम कर लिया.
नीरू के लिए यह साल लगातार बड़ी उपलब्धियों वाला रहा है. जुलाई में इटली में हुए शॉटगन वर्ल्ड कप में वह ट्रैप इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं. अब एशियन गेम्स में भी उन्होंने भारत के निशानेबाजी इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया.
Gold in Women's Trap. HISTORY. First Gold in the event. First Gold on Trap since @RANDHIR1946 in 1978. We lost him this year. What a tribute from Neeru! He will be smiling and singing up there! pic.twitter.com/TFMKmvuRXB
— Digvijay Singh Deo (@DiggySinghDeo) September 29, 2026

28 के स्कोर के साथ नीरू ने 24 के पुराने एशियाई रिकॉर्ड को चार अंकों से पीछे छोड़ दिया. निशाने पर उनकी सटीकता ने उन्हें सिर्फ गोल्ड नहीं दिलाया, बल्कि प्रतियोगिता के रिकॉर्ड बुक में भी जगह दे दी.

नीरू ने इस सूखे को गोल्ड के साथ खत्म किया
नीरू ढांडा ने सिर्फ गोल्ड नहीं जीता, बल्कि भारतीय महिला निशानेबाजी के इतिहास में एक ऐसी लकीर खींच दी, जो इससे पहले कभी नहीं खिंची थी. एशियन गेम्स में किसी भारतीय महिला ट्रैप या स्कीट शूटर ने इससे पहले व्यक्तिगत पदक नहीं जीता था. नीरू ने इस सूखे को गोल्ड के साथ खत्म कर दिया.
पुरुषों के ट्रैप में भारत के लिए 1978 में रणधीर सिंह ने व्यक्तिगत गोल्ड जीता था. इसके बाद 2010 में रोंजन सोढ़ी (Ronjan Sodhi) ने पुरुषों के डबल ट्रैप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था. अब नीरू ने महिला ट्रैप में गोल्ड जीतकर इस सूची में अपना नाम सबसे खास अंदाज में दर्ज करा दिया.
नीरू ने फाइनल में पहुंचने से पहले ही अपना दम दिखा दिया था. क्वालिफिकेशन में उन्होंने 118 के स्कोर के साथ टॉप किया, कतर की रे बासिल के बराबर रहीं और इस दौरान गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया. आठ निशानेबाजों वाले फाइनल में जगह बनाने के बाद नीरू ने मौके को गोल्ड में बदल दिया.
Live: शूटिंग में आ गया दूसरा गोल्ड मेडल, ट्रैप शूटर नीरू ढांडा ने किया कमाल
इससे पहले नीरू, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर की तिकड़ी ने महिला ट्रैप टीम इवेंट में 328 के संयुक्त स्कोर के साथ सिल्वर जीता. चीन की टीम ने 329 के स्कोर के साथ गोल्ड अपने नाम किया, जबकि कुवैत को 325 के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मिला.
आशिमा और मनीषा व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में क्रमशः 16वें और 23वें स्थान पर रहीं और फाइनल में जगह नहीं बना सकीं. ऐसे में व्यक्तिगत स्पर्धा में नीरू का गोल्ड भारत के लिए और भी खास बन गया.
पुरुष टीम चूकी, शपथ ने बनाई फाइनल में जगह
पुरुषों की ट्रैप टीम के लिए दिन निराशाजनक रहा. भारत की टीम 10 टीमों में छठे स्थान पर रही. हालांकि, शपथ भारद्वाज ने व्यक्तिगत फाइनल में जगह बना ली. मेरठ के 24 साल के शूटर ने आखिरी दो क्वालिफिकेशन स्थानों के लिए हुए शूट-ऑफ में मोहम्मद अल-रुमैही को पीछे छोड़कर आठवीं और आखिरी जगह हासिल की.
भारत के शपथ भारद्वाज, कायनान चेनाई और अहवर रिजवी ने मिलकर 339 का स्कोर किया. कुवैत ने 355 के स्कोर के साथ पुरुष टीम गोल्ड जीता, जबकि कतर और कजाखस्तान ने सिल्वर और ब्रॉन्ज अपने नाम किया.
दिलचस्प बात यह है कि पिछले एशियन गेम्स में चीन में भारतीय पुरुष ट्रैप टीम ने गोल्ड जीता था. इस बार टीम मेडल से चूक गई, लेकिन नीरू ने महिला ट्रैप में व्यक्तिगत गोल्ड के साथ भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में नया अध्याय लिख दिया.
यह मौजूदा एशियन गेम्स में भारत का शूटिंग में दूसरा गोल्ड मेडल है. इससे पहले सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत को स्वर्ण दिलाया था.
नीरू के गोल्ड के साथ भारत के कुल गोल्ड मेडल की संख्या पांच हो गई है.