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कमाल की इंजीनियरिंग... कैंसर से गई एक आंख तो उसकी जगह लगा ली फ्लैश लाइट

ब्रायन स्टैनले कहते हैं- मेरी बाईं आंख कैंसर से खराब हो गई. इसलिए मैंने उस जगह पर टॉर्च लगा लिया. अब मेरे सिर पर एक स्थाई फ्लैशलाइट लगी है. जो मेरी उंगलियों के इशारे पर जल जाती है. अब मुझे अंधेरे में किसी तरह दिक्कत नहीं होती. साथ ही ये हॉलीवुड मूवी टर्मिनेटर के मुख्य किरदार की याद दिलाती है.

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ये हैं ब्रायन स्टैनले, जिनकी एक आंख कैंसर से खराब हो गई. अब वहां पर टॉर्च लगी है. (फोटोः इंस्टाग्राम/ब्रायन स्टैनले)
ये हैं ब्रायन स्टैनले, जिनकी एक आंख कैंसर से खराब हो गई. अब वहां पर टॉर्च लगी है. (फोटोः इंस्टाग्राम/ब्रायन स्टैनले)

दक्षिणी कैलिफोर्निया में एक इंजीनियर रहते हैं. नाम है ब्रायन स्टैनले (Brain Stanley). भाई साहब एक प्रोटोटाइप मैकेनिस्ट भी हैं. इनके साथ कुछ समय पहले एक हादसा हुआ. इन्होंने कैंसर की वजह से अपनी बाईं आंख खो दी. सिर था. आंख की जगह भी थी. लेकिन वो किसी काम की नहीं थी. फिर इन्होंने एक कमाल का काम किया. 

ब्रायन स्टैनले ने अपनी खोई हुई आंख की जगह पर फ्लैशलाइट (Flashlight) यानी टॉर्च लगा लिया. इस टॉर्च को उन्होंने खुद बनाया. इसके बाद उन्होंने अलग-अलग रंग के टॉर्च बनाए. अलग-अलग रंग की रोशनी वाले. रोशनी इतनी की पूरे कमरे को रोशन कर दे. ब्रायन ने अपनी इस खोज को नाम दिया है टाइटेनियम स्कल लैंप (Titanium Skull Lamp). 

Brain Stanley Flashlight Eye

ब्रायन कहते हैं कि इस टाइटेनियम स्कल लैंप से आप पढ़ सकते हैं. जंगल के अंधेरे में चल सकते हैं. कोई चीज अंधेरे में खोज सकते हैं. ब्रायन कहते हैं कि यह एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे किसी सामान्य चीज से आप शानदार मशीन बना सकते हैं. इसे बनाने के लिए मैंने घर में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को ही शामिल किया है. अब लोग कहते हैं कि आपकी आंखें साइबोर्ग (Cyborg) के आंखों की तरह दिखती हैं. जैसे टर्मिनेटर मूवी में अर्नॉल्ड श्वार्जनेगर की थीं. 

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Brain Stanley Flashlight Eye

ब्रायन ने बताया कि यह एक प्रोस्थेटिक इलेक्ट्रॉनिक है. जिसका इस्तेमाल मैं अपनी आंखों में कर रहा हूं. जब ब्रायन अपनी उंगलियों से एक खास तरह का इशारा करते हैं, तब ये आंख जल उठती है. फिर से इशारा करते हैं तो बंद हो जाती है. यानी यह हर तरह से हैंड्सफ्री टूल है. इस आंख में लगी बैटरी 20 घंटे काम करती है. साथ ही ये गर्म भी नहीं होती. अभी इस आंख की रोशनी आधी ताकत पर जल रही है. सेफ्टी की वजह से इसकी ताकत नहीं बढ़ाई जा रही है. 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

ब्रायन ने बताया कि वह अभी और प्रयोग कर रहे हैं ताकि इसकी ताकत को बढ़ा सकें. साथ ही पूरी सेफ्टी भी रहे. कहीं आंख गर्म न हो जाए. जल्द ही वो अपनी इस आंख के टॉर्च के ऐसे कई वैरिएंट्स और बनाएंगे. ताकि अलग-अलग रंगों की रोशनी के साथ वो दिखाई पड़ें. 

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