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वो स‍िंगर ज‍िसका गाना सुन रो पड़ी थीं ऐश्वर्या, कौन है विपिन अनेजा? 'मैं वापस आऊंगा' से फ‍िर ब‍िखेरा जादू

सिंगर विपिन अनेजा इन दिनों इम्तियाज अली की फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' के अपने नए गाने 'तेरे पास मैं' को मिल रहे शानदार रिस्पॉन्स से बेहद खुश हैं. उन्होंने इस गाने के पीछे की मेहनत और ए आर रहमान से मुलाकात पर बात की.

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 सिंगर विपिन अनेजा (Photo: Instagram/@vipinanejaofficial)
सिंगर विपिन अनेजा (Photo: Instagram/@vipinanejaofficial)

बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के फेमस सिंगर विपिन अनेजा इन दिनों सुर्खियों में हैं. वह डायरेक्टर इम्तियाज अली की फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' के अपने नए गाने 'तेरे पास मैं' को लेकर लगातार चर्चा बटोर रहे हैं. हाल ही में 'आजतक' से हुई खास बातचीत में विपिन ने अपनी म्यूजिकल जर्नी, लेजेंड्री कंपोजर ए आर रहमान के साथ काम करने के एक्सपीरियंस और म्यूजिक को लेकर खुलकर बात की. इसके साथ ही उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी अधूरी ख्वाहिशों का भी जिक्र किया.

आपने न्यूयॉर्क स्टेट यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई की है फिर म्यूजिक की तरफ कैसे रूख हुआ?

मैं दिल्ली से हूं और मैंने दिल्ली के जेडी टाइटलर से स्कूलिंग की है. मैं बचपन से ही स्कूल का सिंगर था. मैंने अपने स्कूल को स्टेट लेवल पर रेप्रेजेंट किया था और पूरी दिल्ली में मुझे देशभक्ति के एक ओरिजिनल कंपोजिशन के लिए सेकंड प्राइज़ मिला था. जैसे-जैसे आगे बढ़े, तो एक नेशनल लेवल पर मैंने 'ऑल इंडिया संगम कला' (जहां से सोनू निगम, सुनिधि चौहान, श्रेया घोषाल जैसे लोग निकले हैं) को रेप्रेज़ेंट किया. वहां नॉन-फिल्म कैटेगरी में मुझे फर्स्ट प्राइज मिला.

'म्यूजिक बचपन से ही मेरे साथ जुड़ा हुआ था और मैं क्लासिकल भी सीख रहा था. लेकिन स्कूल में एकेडमिकली बहुत अच्छा कर रहा था, इसलिए मैं यूएस चला गया. मैंने वहां कॉलेज किया और जब वापस आया, तो उस समय मैंने प्रोफेशनली म्यूजिक करने का नहीं सोचा था, हालांकि यह मेरा स्ट्रॉन्ग पैशन था. लेकिन फिर मेरी मुलाकात शांतनु मोइत्रा से हुई (जिन्होंने 'थ्री इडियट्स', 'लगे रहो मुन्ना भाई' जैसी फिल्में की हैं). उस समय वो दिल्ली में विज्ञापन (Ad) किया करते थे. प्रदीप सरकार, सुजीत सरकार और अमित शर्मा एक ही कंपनी में उनके साथ विज्ञापन करते थे. मैंने उनके लिए गाना शुरू कर दिया. वहां से मेरी मुलाकात जवाहर वत्तल जी से हुई, जो मैग्नासाउंड (MagnaSound) म्यूजिक कंपनी को दिल्ली में रेप्रेजेंट करते थे. उन्होंने मुझे साइन कर लिया और वहां से मैं प्रोफेशनली एक आर्टिस्ट बन गया. 2000 के बाद से मैं दिल्ली के टॉप कॉर्पोरेट स्टेज परफॉर्मर्स में से एक बन गया.

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पढ़ाई में बहुत अच्छे थे, तो घर पर सवाल नहीं उठाए गए कि आप म्यूजिक की तरफ क्यों जा रहे हैं? 


ये बिल्कुल हुआ था. पापा-मम्मी ने तो नहीं बोला, लेकिन मेरे ब्रदर-इन-लॉ ने बोला कि 'ये क्या है? क्यों कर रहे हो? ये कोई अच्छी बात है? बिजनेस फैमिली से आप इधर जा रहे हैं.' तो मैंने कहा, 'कोई बात नहीं, बस मुझे थोड़ा समय दीजिए, मैं खुद को साबित करूंगा.'

जब मेरी शुरुआत हुई और मेरी परफॉर्मेंसेस टीवी पर आने लगीं (दूरदर्शन, चैनल V, Sony, MTV सब पर मेरा गाना बज रहा था 'तेरी पायल') और कॉर्पोरेट शोज शुरू हो गए, तो जब मेरी पहले साल की कमाई सामने आई, तो सब लोगों ने लक्ष्मी के आगे माथा टेक दिया. मेरे गाने इतने पॉपुलर हो गए थे कि जो ब्रदर-इन-लॉ मुझे मना करते थे, वो खुद बोलते थे कि 'अरे यार, मेरे फ्रेंड्स बोल रहे हैं कि विपिन से मिलवाओ.'

'साहिब बीवी और गैंगस्टर' वाला था... 'साहिब बड़ा हठीला'?  उस गाने का एक्सपीरियंस कैसा रहा था?

वो मेरी ओपनिंग थी. लेकिन मेरा सबसे बड़ा गाना बना 'जाने तेरे शहर का'. 'साहिब बीवी और गैंगस्टर' भी बहुत चली थी, वो गाना मैंने और अंकित तिवारी ने मिलकर किया था. मैं उस समय बॉलीवुड में एंटर ही कर रहा था और अंकित मेरा बेस्ट फ्रेंड बन गया था. मैंने उसके लिए एक और फिल्म में भी गाया था. लेकिन उस बारे में ज्यादा बात नहीं हुई.

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मैं नॉन-फिल्म म्यूजिक करते हुए आ रहा था ('तेरी पायल', 'गुलाबी आंखें' जैसी एल्बम्स), तो उस कैटेगरी में मैं बहुत पॉपुलर हो चुका था. जब मैं फिल्म का गाना करने आया, तो मुझे समझ में आया कि यहां आपको एक हीरो के लिए गाना है. आपको बिल्कुल खुद को तोड़कर एकदम नया बनाना पड़ेगा. मैंने अंकित की कंपोजिशन में एकदम अलग आवाज में गाया. लोगों ने मुझे एक अलग ही रूप में देखा, क्योंकि मैं अपनी नॉन-फिल्म वाली आवाज (विपिन अनेजा की आवाज) में नहीं गा सकता था; मुझे फिल्म की ग्रैन (grain) और हीरो के हिसाब से काम करना था.

'जाने तेरे शहर का' का... तो इरफान खान और ऐश्वर्या राय की तरफ से इस गाने को लेकर आपको कोई रिएक्शन मिला था?

सबसे पहले तो जब इरफान खान साहब ने प्रदीप सरकार जी के साथ उस सीरियल का टाइटल ट्रैक गाया, तो वो स्टूडियो में मेरे सामने आए और बोले- 'विपिन, बॉम्बे आ जाओ.' मैं हंसने लगा. मैंने कहा, 'इरफान भाई, अभी तो मैंने दिल्ली में शुरुआत ही की है, अभी कैसे बॉम्बे आ जाऊं?' मुझे क्या पता था कि 10-15 साल बाद मैं इरफान खान साहब के लिए ही गाऊंगा! उनका ट्वीट आज भी मेरे पास है, जिसमें उन्होंने लिखा था: "Vipin Aneja's magical voice.'

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'मुझे वो दो बार पर्सनली भी मिले थे. जाते-जाते भी उन्होंने मेरे गाने को अमर कर दिया. रातों-रात वो गाना दो-तीन मिलियन से ऊपर चला गया था. मेरे पसंदीदा एक्टर को खोने का मुझे बेहद दुख हुआ. बाकी ऐश्वर्या राय बच्चन तो ये गाना सुनकर रो पड़ी थीं.


क्या कोई ऐसा गाना है जो आपको इमोशनल कर देता है? इसके अलावा भी कोई गाना जो आप सुनते हों?

'जी बिल्कुल. हाल ही में हनी सिंह और मैं 2005 में दिल्ली में मिले थे. 'जाने तेरे शहर का' सुनने के बाद मुझे हनी का कॉल आया कि "पाजी, मैं चाहता हूं कि आप मेरे साथ एक गजल प्रोड्यूस करें.' तो वो मौका मुझे पिछले साल मिला जब उनकी '51 ग्लोरियस डेज' एल्बम आई. उसमें पहली बार हनी सिंह ने एक गजल पर रैप किया है. उस गाने का टाइटल है 'नेवर क्राइड' (Never Cried). जब आप उसे सुनेंगे, तो उसमें एक लाइन रिपीट होती है, जो आपको इमोशनल कर देगी. उसी दौरान मैंने अपने पिता को भी खो दिया था, इसलिए वो गाना मेरे लिए और भी इमोशनल है.

ए.आर. रहमान सर के साथ काम करने का हर किसी का सपना होता है. आप उनके साथ कैसे जुड़े और काम करने का तरीका कैसा था?

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साल 2004-05 में अल्माटी (कजाकिस्तान) में वर्ल्ड पॉप म्यूजिक फेस्टिवल था, जहां मैं इंडिया को रेप्रेजेंट कर रहा था और रहमान इंडिया को एज ए जज रेप्रेजेंट कर रहे थे. वहां 23 देश परफॉर्म कर रहे थे. मुझे अपनी कंट्री के लिए स्पेशल प्राइज मिला. वहीं से रहमान साहब ने मुझे अपने 'यूनिटी ऑफ लाइट' पीस कॉन्सर्ट्स (मलेशिया, दुबई आदि) में बुला लिया और मैं उनके साथ परफॉर्म करने लगा.

फिर, मैंने तमिल और तेलुगु में फिल्म 'सरकार' के लिए एक गाना गाया (जिसके लीड एक्टर और अब सीएम विजय थलपति हैं). इसके बाद, रहमान साहब ने एक प्रोजेक्ट किया जिसे एटली ने डायरेक्ट किया था. उसमें बच्चन साहब की आवाज थी और मेरा सबसे पहला गाना था. 'यदा यदा ही धर्मस्य' (दशावतार का श्लोक). जब मैं बॉम्बे में उनसे मिला तो मैं उनसे कहा कि आप मेरे लिए कोई गाना बनाईए. तब उन्होंने कहा, 'चलो तुम कुछ गजलें सुनाओ.' तो जैसे ही मैंने गाना शुरू किया तो सुबह के 3:30-4:00 बजे तक हम गजलें ही गा रहे थे. उसके बाद उन्होंने मुझे फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' के लिए चेन्नई बुलाया. 

आप अपनी आवाज को अलग-अलग भाषाओं (तमिल, तेलुगु) में कैसे ढालते हैं? क्या आपको वो भाषाएं आती हैं?

मैंने संगीत के बारे में एक चीज समझी है कि यह भाषा, क्लास और हर तरह की सीमाओं से परे है. मैंने पहली बार समझा कि मैं कोई भी भाषा गा सकता हूं. मैं पहले से ही बंगाली, पंजाबी और कॉर्पोरेट शोज में साउथ इंडियन लैंग्वेज गा रहा था. मैं कन्नड़, तमिल, मलयालम सब गा लेता हूं. बस मुझे वो सुनकर लिखना आता है और लिखने के बाद उसमें अपना भाव देना आता है.

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फिल्म मैं वापस आउंगा का फेमस गाना 'तेरे पास मैं', ये आपको कैसे मिला?

ये गाना रहमान साहब के चेन्नई स्टूडियो में ही मुझे मिला. वहां इम्तियाज अली साहब भी थे. मैंने रहमान साहब को बताया था कि मैं उनके लिए गाना चाहता हूं. ये बहुत ही डिवाइन प्रोसेस है. रहमान भाई जो है वो बहुत ही डिवाइन सोल है. मैं इम्तियाज अली का भी बहुत बड़ा फैन हूं. तो ये कहीं न कहीं मैनिफेस्ट हुआ होगा कि मुझे उनके लिए गाना है, जैसे फिल्म जब वी मेट का  'आओगे जब तुम साजना' मुझे बेहद पसंद था और मेरा एक बार उनसे मिलना हुआ था. मैंने उनको ये बात बोली थी. तो जैसे यूनिवर्स में चीजें अलाइन होती हैं, ये बहुत ही डिवाइन इंटरवेंशन था. रहमान साहब ने मुझे वो गाना पियानो पर गवाया. जब मुझे कंपोजिशन मिली, तो इम्तियाज भाई वहीं बैठे लाइव सुन रहे थे और उन्होंने तुरंत 'गो अहेड' दे दिया. फिल्म में इस गाने में दीपाली सहाय की आवाज भी है. आज मेरा ये गाना इतना ज्यादा फेमस है कि मुझे दिन की 200-300 रील्स इसी गाने की आती हैं.

आपका कोई ड्रीम है कि मुझे इस म्यूजिशियन के साथ काम करना है?
देखिये अब तो मैंने अब तो मैं सरेंडर हूं. क्योंकि उन्होंने इतना बड़ा गिफ्ट दे दिया है और अब तो बस ये है कि मुझे इसी तरीके से ऐसे ऐसे गाने मिले की मतलब दुनिया जो है वो मेरे गाने गाए. मेरे साथ जब मैं शो करूं तो मेरे साथ में पूरी दुनिया 20-25 हजार का क्राउड मेरे साथ में मेरे गाने गुनगुनाये, ये मेरे दिल की चाह है. अब मैं सरेंडर हूं तो अब जहां भी भगवान चाहेंगे की मेरा आगे का रास्ता बनेगा.

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ए आर रहमान का म्यूजिक, किसी अच्छे लिरिसिस्ट के बोल और आपकी आवाज इस कॉम्बिनेशन वाले आपके ड्रीम सॉन्ग की थीम और एक्टर कौन होगा?
 
मुझे आमिर-शाहरुख और सलमान खान और अजय देवगन की आवाज बनना चाहूंगा. जिसमें इरशाद कामिल, जावेद अख्तर, अमिताभ भट्टाचार्य, विराज रश्मि, राज शेखर के हो.. तो ये नाम है, जिनके लिए मैं गाना करूं. 


आपका करियर लगभग 25 साल से ज्यादा का रहा है. इस दौरान टेक्नोलॉजी बदली, सोशल मीडिया का दौर आया, Gen-Z आ गए. आपने खुद को कैसे रीइन्वेंट किया?

चुनौतियां तो लाइफ में आती ही रहेंगी. मेरा सबसे बड़ा उसूल यह है कि मैं पानी की तरह बहता हूं. मैं खुद को हर रोज रेलेवेंट करता हूं, समय के साथ चलता हूं, अलग-अलग तरह का म्यूजिक सुनता हूं. मेरी कोशिश रहती है कि कुछ ऐसा नया करूं जो आज के बच्चों को भी पसंद आए. मेरे दोनों बच्चे भी मुझे आज के संगीत से कनेक्टेड रखते हैं.

आज जहां लाउड और पार्टी नंबर ज्यादा चल रहे हैं, हमने धुरंधर में इसे देखा. ऐसे में आप सूफी या गजल सिंगर के तौर पर खुद को कैसे देखते हैं?

मेरे लिए किसी भी तरह का संगीत मुश्किल नहीं है क्योंकि मैंने 25 साल तक बॉलीवुड डांस म्यूजिक भी गाया है. लेकिन अगर आप 'धुरंधर' या लाउड गानों की बात करें, तो उसमें भी जब सतिंदर सरताज की लाइन आती है- 'साडीयां सारियां विसर गइयां रावां', तो वो पूरी एल्बम पर भारी पड़ती है! यही गजल और सूफी का असली असर है. 'तेरे पास मैं' इस बात का लिटमस टेस्ट है कि इतने सारे गानों के बीच यह गाना लोगों के दिलों में क्यों छप गया. इंसान आज परेशान है, उसे राहत देने वाली आवाज चाहिए.

अगर आपको अपनी लाइफ का एक 'साउंडट्रैक' बनाना हो. जिसमें टॉप 5 गाने हों – तो वो लिस्ट क्या होगी और हर गाने के पीछे की कहानी क्या है?


सबसे पहले तो जो मेरा सबसे पहला प्यार संगीत में 'जगजीत सिंह साहब' उनका 'मेरा गीत अमर कर दो'. टॉप पर रहेगा. क्योंकि मैं बचपन में जब सारे बच्चे बॉलीवुड म्यूजिक की तरफ रुझान लिए हुए थे, मैं गजलें सुन रहा था, मैं उनके कांसेप्ट सुन रहा था, बम्बई में मेरा मिलना हुआ, फिर मैंने उनके साथ मिलकर 'प्यार का पहला खत' उन्होंने बाजा बजाया मैंने उनके साथ गाया तो सबसे पहले तो जगजीत साहब का मेरा गीत अमर कर दो रहेगा. दूसरे नंबर पर सोनू निगम का गाना 'कल हो ना हो'. उसके बाद ऋचा शर्मा का 'मेरे मौला करम हो' ये खाकी फिल्म से था. उसके बाद मैं कहना चाहूंगा 'जाने तेरे शहर' और आखिरी 'तेरे पास मैं'.


नए सिंगर्स को आप क्या सलाह देना चाहेंगे, जो अभी स्ट्रगल कर रहे हैं?

यह एक कठिन रास्ता है, आसान नहीं है. अपने आप को कभी किसी से कंपेयर (तुलना) मत करिए; आपकी जर्नी आपकी जर्नी है. आपका विश्वास अपने ऊपर इतना अटल होना चाहिए कि दुनिया की कोई ताकत उसे हिला न पाए. मैं अकेले चला हूं, मैं गिरता पड़ता, फिर खड़े होकर अपने आप को मजबूत किया, फिर आगे बढ़ा. ये तो अभी मेरी शुरुआत है. तो अपनी आवाज और अपनी कला पर इतना भरोसा रखें कि एक दिन भगवान भी "तथास्तु" कह दे.

अपने आने वाले प्रोजक्ट के बारे में आप कुछ बताना चाहें.
मैं जल्द ही कुछ नॉन-फिल्म गानों (इंडिपेंडेंट म्यूजिक) के साथ-साथ एक-दो फिल्मी गानों पर काम कर रहा हूं. जल्द ही ये आपके सामने होंगे.

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