दक्षिण अमेरिका के जंगलों में पाया जाने वाला बेयर-थ्रोटेड बेलबर्ड अपनी बहुत तेज आवाज के लिए चर्चा में है. नर बेलबर्ड की आवाज 130 डेसिबल से ज्यादा के पीक तक पहुंच सकती है. नई स्टडी में वैज्ञानिकों ने 123 पक्षियों की आवाज का अध्ययन किया और पाया कि बड़े शरीर और चौड़ी चोंच वाले पक्षी ज्यादा तेज आवाज निकाल सकते हैं.
वैज्ञानिकों ने यह जानने की कोशिश की कि कुछ पक्षियों की आवाज आखिर इतनी तेज क्यों होती है. इसके लिए अमेरिका और ब्राजील में अलग-अलग जगहों पर पक्षियों की आवाज रिकॉर्ड की गई. स्टडी में 123 प्रजातियों को शामिल किया गया. इनमें 113 प्रजातियों की आवाज के बारे में इस तरह का डेटा पहले मौजूद नहीं था. यह रिसर्च 29 सितंबर 2026 को जर्नल इवोल्यूशन में प्रकाशित हुई.
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130 डेसिबल तक पहुंचती है आवाज
बेयर-थ्रोटेड बेलबर्ड का वैज्ञानिक नाम प्रोक्नियास न्यूडिकोलिस है. नर पक्षी सफेद रंग का होता है और उसके गले के पास नीले-हरे रंग का हिस्सा होता है. लेकिन इसकी सबसे खास बात इसकी तेज आवाज है. रिसर्च में बेयर-थ्रोटेड बेलबर्ड और रेड-लेग्ड सेरिएमा को सबसे तेज आवाज वाले पक्षियों में शामिल किया गया है.
इनकी आवाज 120 डेसिबल से ऊपर पहुंच सकती है. स्टडी में दर्ज सबसे तेज आवाज करीब 122 डेसिबल थी. वहीं, बेलबर्ड की कुछ बेहद तेज कॉल 130 डेसिबल से ज्यादा के पीक तक पहुंच सकती हैं. तुलना करें तो सामान्य बातचीत करीब 60 डेसिबल की होती है. यानी इन पक्षियों की आवाज आम बातचीत से कई गुना ज्यादा तेज हो सकती है. स्टडी में सबसे शांत और सबसे तेज पक्षियों की आवाज में करीब 58 डेसिबल का अंतर मिला.
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बड़ी चोंच से निकलती है तेज आवाज
स्टडी में एक सीधी बात सामने आई. जिस पक्षी का शरीर बड़ा होता है, उसकी आवाज भी आमतौर पर ज्यादा तेज होती है. इसी तरह जिन पक्षियों की चोंच ज्यादा चौड़ी होती है, वे भी तेज आवाज निकाल सकते हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि बड़े पक्षी ज्यादा हवा और सांस का दबाव बना सकते हैं. इससे आवाज तेज हो सकती है. वहीं, चौड़ी चोंच आवाज को बाहर निकालने में मदद कर सकती है. यानी पक्षी का शरीर और उसकी चोंच सिर्फ खाना खाने के काम नहीं आती. इनका उसके आवाज निकालने के तरीके से भी कनेक्शन हो सकता है.
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इतनी तेज आवाज क्यों निकालते हैं?
अब वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि कुछ पक्षियों को इतनी तेज आवाज की जरूरत आखिर क्यों पड़ी. रिसर्च टीम ने पक्षियों के रहने की जगह, उड़ने की क्षमता और उनके प्रजनन व्यवहार जैसी चीजों को भी देखा. लेकिन इनमें से कोई एक वजह ऐसी नहीं मिली जो सभी तेज आवाज वाले पक्षियों पर लागू हो. इसलिए अभी वैज्ञानिक यह समझ पाए हैं कि कुछ पक्षी इतनी तेज आवाज कैसे निकाल सकते हैं, लेकिन वे ऐसा क्यों करते हैं, इसका जवाब अभी साफ नहीं है.
इस रिसर्च से पक्षियों की आवाज और उनके शरीर के बीच संबंध को समझने में मदद मिली है. आगे और पक्षियों की आवाज का डेटा जुटाकर वैज्ञानिक यह पता लगाने की कोशिश कर सकते हैं कि आखिर कुदरत ने कुछ पक्षियों को इतनी तेज आवाज देने की जरूरत क्यों महसूस की.