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साइंस न्यूज़

जिस झील में आते थे हजारों पक्षी, वहां अब सिर्फ कीचड़ और फटी जमीन

Greece Koroneia Lake
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ग्रीस की कोरोनिया झील पर क्लाइमेट चेंज, कम बारिश और बढ़ती गर्मी का असर साफ दिख रहा है. उत्तरी ग्रीस में मौजूद यह झील कभी देश की पांचवीं सबसे बड़ी झील थी. यहां हजारों प्रवासी और पानी में रहने वाले पक्षी आते थे. आसपास के मछुआरे और किसान भी झील पर काफी हद तक निर्भर थे. Photo: Reuters

Greece Koroneia Lake
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पिछले करीब 10 साल में झील का पानी तेजी से घटा है. नेशनल ऑब्जर्वेटरी ऑफ एथेंस के आंकड़ों के मुताबिक, 2016 में झील की सतह 34.4 वर्ग किलोमीटर थी. अब यह घटकर सिर्फ 2.7 वर्ग किलोमीटर रह गई है. इसका मतलब है कि करीब 10 साल में झील का पानी फैला हुआ इलाका 92 फीसदी से ज्यादा कम हो गया. झील का ज्यादातर हिस्सा अब सूख चुका है. वहां पानी की जगह सूखी और फटी जमीन दिखाई देती है. Photo: Reuters

Greece Koroneia Lake
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कुछ जगहों पर ही गंदला पानी छोटे-छोटे तालाबों में बचा है. झील में पानी कम होने की वजह सिर्फ बारिश का कम होना नहीं है. बढ़ती गर्मी के कारण पानी तेजी से भाप बनकर उड़ रहा है. वहीं, खेती के लिए झील से पानी निकालने से भी पानी का स्तर नीचे गया है. Photo: Reuters

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कम बारिश से घटता गया झील का पानी... जानकारों के मुताबिक, कोरोनिया झील में पानी की कमी 2015-16 के बारिश वाले मौसम के बाद ज्यादा बढ़ी. इसके बाद कई साल तक इलाके में बारिश कम हुई. नेशनल वेटलैंड सेंटर के वॉटर रिसोर्स मैनेजमेंट और क्लाइमेट चेंज विभाग के प्रमुख दिमित्रिस पापादिमोस ने बताया कि पिछले कम से कम पांच साल में यहां हर साल औसतन करीब 400 मिलीमीटर बारिश हुई. Photo: Reuters

Greece Koroneia Lake
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यह पिछले कई दशकों की तुलना में करीब 150 मिलीमीटर कम है. कम बारिश का मतलब झील में कम पानी पहुंचना है. इसके साथ ही इलाके में गर्मी भी बढ़ी है. ज्यादा तापमान के कारण झील का पानी तेजी से सूख रहा है. अनुमान के मुताबिक, हर साल करीब 100 से 150 मिलीमीटर पानी ज्यादा इवैपोरेशन की वजह से कम हो रहा है. Photo: Reuters
 

Greece Koroneia Lake
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खेतों के लिए भी निकाला गया झील का पानी... झील में पानी कम होने के पीछे इंसानी इस्तेमाल भी एक वजह है. आसपास के किसान अपनी फसलों और मवेशियों के लिए झील के पानी का इस्तेमाल करते रहे हैं. जब बारिश कम हुई, तो खेतों के लिए पानी की जरूरत और बढ़ गई. ऐसे में झील से पानी निकालने का दबाव भी बढ़ता गया. पिछले महीने इलाके में एक किसान बड़े पंप से झील में बचे पानी को खेत तक पहुंचाता दिखाई दिया. यानी पानी की कमी के बावजूद झील का पानी अभी भी खेती के काम में लिया जा रहा है. Photo: Reuters

Greece Koroneia Lake
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झील बचाने के लिए बढ़ाई गई निगरानी... कोरोनिया झील को बचाने की कोशिश पहले भी होती रही है. 2013 में यूरोपियन यूनियन की अदालत ने ग्रीस को झील की सुरक्षा में लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया था. अदालत के मुताबिक, झील को जरूरत से ज्यादा सिंचाई, गैरकानूनी तरीके से पानी निकालने और प्रदूषण से ठीक तरह नहीं बचाया गया. Photo: Reuters

Greece Koroneia Lake
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इसके बाद अधिकारियों ने झील और आसपास के पानी के इस्तेमाल पर निगरानी बढ़ाई. ग्रीस के एनवायरनमेंट मिनिस्ट्री के वॉटर रिसोर्सेज विभाग के सचिव पेट्रोस वरेलिडिस के मुताबिक, अब इरिगेशन पर ज्यादा नजर रखी जा रही है, ताकि झील से जरूरत से ज्यादा पानी न निकाला जाए. Photo: Reuters

Greece Koroneia Lake
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पक्षियों और लोगों पर भी असर... कोरोनिया झील पक्षियों के लिए भी अहम जगह रही है. यहां फ्लेमिंगो समेत हजारों प्रवासी पक्षी आते थे. झील का पानी कम होने से उनके रहने और खाने की जगह भी घट रही है. वहीं, आसपास के मछुआरों और किसानों के लिए भी यह बड़ी परेशानी है. Photo: Reuters

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कोरोनिया झील में आया बदलाव बताता है कि कम बारिश और बढ़ती गर्मी के साथ पानी का ज्यादा इस्तेमाल किसी झील को कितनी तेजी से सुखा सकता है. अगर पानी की कमी आगे भी बनी रहती है, तो इसका असर झील, खेती, स्थानीय लोगों और पक्षियों पर और बढ़ सकता है. Photo: Reuters

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