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Vastu Tips: घर के मेन गेट पर रखा है शू रैक? होते हैं 3 बड़े नुकसान

Vastu Tips for Shoe Rack: घर के मुख्य द्वार पर शू रैक रखना भारी वास्तु दोष का कारण बनता है. इससे मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं और आर्थिक तंगी घेर लेती है. जानिए जूतों की अलमारी रखने की सही दिशा, नुकसान और तरक्की के कुछ आसान वास्तु उपाय.

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Vastu For Shoe Rake
Vastu For Shoe Rake

Vastu Tips For Shoe rack: वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार को घर का सबसे पवित्र हिस्सा माना गया है क्योंकि यह देवी लक्ष्मी का प्रवेश द्वार है. अक्सर लोग अनजाने में इसी मुख्य द्वार के पास शू रैक (जूते-चप्पल की अलमारी) रख देते हैं, जो घर में वास्तु दोष का सबसे बड़ा कारण बनता है. आइए जानते हैं कि मुख्य द्वार पर शू रैक रखने से क्या नुकसान होते हैं और इसे रखने का सही तरीका क्या है.

मुख्य द्वार पर शू रैक रखने के 3 बड़े नुकसान
ठप हो जाती है आर्थिक तरक्की: मुख्य द्वार के ठीक सामने या पास में जूते-चप्पल का ढेर लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुक जाता है. माना जाता है कि इससे माता लक्ष्मी द्वार से ही लौट जाती हैं, जिससे घर में कंगाली और पैसों की तंगी पैर पसारने लगती है. 

बढ़ता है पारिवारिक क्लेश: जूते-चप्पल अपने साथ बाहर की नकारात्मकता और धूल-मिट्टी लाते हैं. इन्हें प्रवेश द्वार पर अव्यवस्थित रखने से घर के सदस्यों के विचारों में कड़वाहट आती है, जिससे बिना बात के झगड़े और मानसिक तनाव बढ़ने लगता है. 

करियर और बिजनेस में रुकावट: वास्तु के अनुसार, मुख्य द्वार पर बिखरे हुए जूते या गलत दिशा में रखा शू रैक शनि देव के कुप्रभाव को बढ़ाता है. इससे नौकरी में तरक्की रुक जाती है. 

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शू रैक के लिए कौन सी दिशा है सबसे बेस्ट?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, जूते-चप्पल की अलमारी रखने के लिए पश्चिम (West) और दक्षिण-पश्चिम (South-West) दिशा को सबसे उत्तम माना गया है. इसके अलावा इसे उत्तर-पश्चिम (North-West) में भी रखा जा सकता है.  ये दिशाएं भारी सामान और बाहर की ऊर्जा को संतुलित करने के लिए बेस्ट मानी जाती हैं. 

भूलकर भी इन दिशाओं में न रखें जूते
घर की उत्तर (North), पूर्व (East) और उत्तर-पूर्व (North-East/ईशान कोण) दिशा में कभी भी शू रैक नहीं बनाना चाहिए. ईशान कोण को देवताओं का स्थान माना जाता है. इस पवित्र जोन में जूते रखने से घर की सुख-शांति पूरी तरह भंग हो सकती है. 

कैसी होनी चाहिए जूतों की अलमारी? 
अगर आप घर के लिए शू रैक खरीद रहे हैं, तो हमेशा बंद दरवाजे वाली (Closed Cabinet) अलमारी ही चुनें. खुला हुआ शू स्टैंड नकारात्मक ऊर्जा और बदबू को पूरे घर में फैलाता है. इसके अलावा, शू रैक की ऊंचाई कभी भी घर के सदस्यों के घुटने के स्तर से ऊपर नहीं होनी चाहिए. प्लास्टिक की जगह लकड़ी या मेटल के रैक का इस्तेमाल ज्यादा बेहतर होता है.

इन जरूरी बातों का भी रखें ध्यान
फ्रेम से बनाकर रखें दूरी: यदि जगह की कमी के कारण शू रैक को मुख्य द्वार के पास रखना ही पड़े, तो इसे ठीक दरवाजे के सामने रखने के बजाय साइड की दीवार से सटाकर रखें. मुख्य दरवाजे के फ्रेम से इसकी कुछ दूरी जरूर होनी चाहिए. 

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फटे-पुराने जूतों को कहें अलविदा: कई लोग सालों पुराने और टूटे-फूटे जूते शू रैक में जमा करके रखते हैं. यह आदत घर में राहु और शनि के दोष को निमंत्रण देती है. जो जूते इस्तेमाल के न हों, उन्हें तुरंत घर से हटा दें.

कपूर का चमत्कारी उपाय: शू रैक से आने वाली बदबू को रोकने और वहां की नकारात्मक ऊर्जा को सोखने के लिए अलमारी के अंदर कपूर (Camphor) या लौंग के कुछ टुकड़े जरूर रखें. इससे वहां का वातावरण शुद्ध रहता है.

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