Virat Kohli & Anushka Sharma: आज के समय में जब लोग घूमने-फिरने के लिए सोशल मीडिया पर दिखने वाले ट्रेंड्स के हिसाब से ट्रैवल करना पसंद करते हैं. वहीं विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की सोच इस बारे में कुछ अलग है. उनके लिए ट्रैवल सिर्फ घूमना नहीं, बल्कि सुकून और आस्था से जुड़ना भी है. पिछले कुछ सालों में उनकी यात्राओं में आध्यात्मिकता का असर बहुत ज्यादा नजर आया है. वो अक्सर ऐसे स्थानों पर जाते दिखे हैं, जहां उन्हें शांति और सुकून मिले. वो दो खास जगह हैं प्रेमानंद महाराज का आश्रम (वृंदावन) और कैंची धाम. यह कपल इन दोनों धार्मिक जगहों पर कई बार जा चुके हैं. आखिर इन जगहों में ऐसा क्या खास है और आपको यहां क्यों जाना चाहिए? आइए जानते हैं.
नीम करोली बाबा आश्रम, कैंची धाम
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की वजह से ही कैंची धाम आश्रम के बारे में लोग जानने लगे हैं. हालांकि, इन दोनों से पहले कैंची धाम वर्ल्ड के फेमस लोग स्टीव जॉब्स और मॉर्क जकरबर्ग भी जा चुके हैं. इस खूबसूरत जगह का केंद्र हैं नीम करोली बाबा, जिनके भक्त पूरे विश्व में फैले हुए हैं.
दरअसल, कैंची धाम उत्तराखंड के कुमाऊं पहाड़ों में बसा हुआ है, जो नैनीताल से करीब 40 किमी. दूर है. यह कोसी नदी के किनारे स्थित है और चारों तरफ हरे-भरे चीड़ के पेड़ों से घिरा हुआ है. आज के समय में यह एक बड़ा आध्यात्मिक स्थल बन चुका है, जहां हर साल हजारों लोग दर्शन के लिए आते हैं. इस धाम की स्थापना सन् 1962 में नीम करोली बाबा ने की थी. यह वही जगह है जहां पहले संत प्रेमी बाबा और सोमबारी महाराज यज्ञ किया करते थे. शुरुआत में यहां एक हनुमान मंदिर बनाया गया था, जो एक पवित्र स्थान पर स्थापित किया गया था. धीरे-धीरे यह जगह भजन, भंडारे और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का केंद्र बन गई.
सन् 1973 में महाराजजी के महासमाधि लेने के बाद, उनके लिए एक मंदिर बनाया गया, जो पूरी तरह श्रद्धा और सेवा से तैयार हुआ. इसमें भक्तों, कारीगरों और यहां तक कि माताओं ने भी 'राम नाम' लिखी ईंटों से योगदान दिया. बाद में 15 जून 1976 को इस मंदिर को भक्तों के लिए खोल दिया गया, जहां वेद मंत्रों के साथ उनकी मूर्ति की स्थापना की गई.
प्रेमानंद महाराज आश्रम, वृंदावन
वृंदावन के पवित्र शहर में प्रेमानंद महाराज का आश्रम स्थित है. पिछले कुछ समय में यह जगह भी आध्यात्मिक केंद्र बन गई है. बड़े-बड़े मंदिरों की भव्यता के मुकाबले यहां का माहौल काफी सादा और अपनापन भरा है. विराट कोहली और अनुष्का शर्मा भी यहां अक्सर चुपचाप आते हैं. यहां कोई दिखावा या बड़ी-बड़ी बातें नहीं होतीं, बस शांति से भक्ति में शामिल होना होता है. उन्हें कई बार साधारण भक्तों की तरह सत्संग में बैठकर भाग लेते देखा गया है.
वहीं, वृंदावन की बात करें तो यह जगह भारत में बहुत खास मानी जाती है, क्योंकि इसे भगवान कृष्ण यानी बांके बिहारी जी की नगरी कहा जाता है. यहां आने वाले लोगों के लिए यह सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि एक अलग ही अनुभव होता है. सुबह की शुरुआत हल्की-सी भक्ति की आवाजों से होती है और शाम होते-होते सामूहिक भजन-कीर्तन का माहौल बन जाता है, जो मन को शांति देता है.