12 अगस्त यानी आज रात सूर्य ग्रहण लग चुका है. यह साल का आखिरी सूर्य ग्रहण है जो कि कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगा है. ज्योतिषाचार्य डॉ. नीतिशा मल्होत्रा के अनुसार, इस ग्रहण को ब्रह्म मुहूर्त में मोक्ष मिलेगा. ऐसे में ग्रहण के समापन के समय की जाने वाली पूजा, साधना और दान को विशेष महत्व दिया जा सकता है. मान्यता है कि यदि किसी ग्रहण का मोक्ष ब्रह्म मुहूर्त में हो तो उस दौरान किए गए कर्मों का शुभ फल कई गुना अधिक होता है.
1. स्नान के बाद करें भगवान सूर्य की आराधना
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद भगवान सूर्य को जल अर्पित करें. सूर्य देव की आराधना करते हुए अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें. इस दौरान मन को शांत रखें और श्रद्धा के साथ पूजा करें.
2. शिवलिंग पर धातु के नाग-नागिन
ब्रह्म मुहूर्त में जब ग्रहण का मोक्ष होगा, तब भगवान शिव के मंदिर जाकर पूजा करें. इस दौरान धातु के नाग-नागिन चढ़ाएं. आप ताम्बे, पीतल या चांदी के नाग-नागिन चढ़ा सकते हैं. इसके बाद गाय के कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें. फिर बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता की प्रार्थना करें.
3. अन्न का दान करें
ग्रहण के मोक्ष के बाद दान का विशेष महत्व बताया जाता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद सूर्य से जुड़ी चीजों का दान करें. इस दौरान आप गुड़, गेंहूं, ताम्बे से निर्मित बर्तन, लाल वस्त्र आदि का दान कर सकते हैं. मौसमी फल-सब्जियों का दान किया जा सकता है. अपनी क्षमता के अनुसार आप धन का दान भी कर सकते हैं.
4. मंत्र जाप और ध्यान करें
ग्रहण के बाद कुछ समय ध्यान और मंत्र जाप के लिए निकालें. 'ॐ नमः शिवाय' का जाप श्रद्धा के साथ कर सकते हैं. शांत वातावरण में बैठकर ध्यान करने से मन को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है. इस दौरान नकारात्मक विचारों से दूरी बनाकर सकारात्मक संकल्प लेने की कोशिश करें.