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Surya Gochar 2026: 17 सितंबर को सूर्य बदलेंगे चाल, 3 राशियों पर बरसेगा कहर!

Surya Gochar 2026: दिक ज्योतिष में मान-सम्मान और आत्मा के कारक सूर्य देव 17 सितंबर 2026 को अपनी स्वराशि सिंह से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. कन्या संक्रांति के इस गोचर से कई राशियों को सावधान रहना होगा.

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सूर्य गोचर 2026 (Photo: ITG)
सूर्य गोचर 2026 (Photo: ITG)

Surya Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष में सूर्य देव को आत्मा, पिता, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता और आरोग्यता का कारक ग्रह माना जाता है. सूर्य देव जब भी अपनी राशि बदलते हैं, तो उस तिथि को 'संक्रांति' कहा जाता है. 17 सितंबर 2026 को सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह से निकलकर अपने मित्र ग्रह बुध की राशि कन्या (Virgo) में गोचर करने जा रहे हैं.

सूर्य का यह राशि परिवर्तन (कन्या संक्रांति) कई जातकों के जीवन में बदलाव लाएगा. हालांकि, कन्या राशि में पहले से ही अन्य ग्रहों का प्रभाव होने और सूर्य की स्थिति के कारण 3 विशेष राशियों को आने वाले एक महीने तक थोड़ा सतर्क और सावधान रहने की आवश्यकता होगी. आइए जानते हैं कि 17 सितंबर के इस गोचर से किन राशियों को आर्थिक, करियर और स्वास्थ्य के मोर्चे पर नुकसान या चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.

सिंह राशि (Singh Rashi)
प्रभाव: सूर्य आपकी राशि के स्वामी हैं और वे आपकी राशि से निकलकर दूसरे (धन व वाणी) भाव में प्रवेश करेंगे.

बढ़ेगी चुनौती: आपकी वाणी में कटुता या अहंकार आ सकता है, जिससे पारिवारिक रिश्तों में खटास आ सकती है. धन के लेन-देन में बेहद सतर्कता बरतें. बेवजह का वित्तीय जोखिम या बड़ा निवेश इस दौरान न करें. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ गलतफहमी हो सकती है. अपने खान-पान पर ध्यान दें, आंखों या गले से जुड़ी समस्या परेशान कर सकती है.

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कुंभ राशि (Kumbh Rashi)
प्रभाव: आपकी राशि से सूर्य का यह गोचर आठवें (अष्टम - संकट, अनिश्चितता व गुप्त शत्रु) भाव में होगा.

बढ़ेगी चुनौती: अष्टम भाव में सूर्य का गोचर स्वास्थ्य के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है. पेट, सिरदर्द या बीपी की समस्या हो सकती है. कार्यस्थल पर गुप्त शत्रु आपके खिलाफ षड्यंत्र रच सकते हैं, इसलिए किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा न करें. वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें. कोर्ट-कचहरी या सरकारी मामलों में अड़चनें आ सकती हैं.

मीन राशि (Meen Rashi)
प्रभाव: सूर्य का यह गोचर आपकी राशि से सातवें (वैवाहिक जीवन व साझेदारी) भाव में होने जा रहा है.

बढ़ेगी चुनौती: सातवें भाव में सूर्य का प्रभाव दांपत्य जीवन में तनाव या ईगो क्लैश (अहंकार का टकराव) बढ़ा सकता है. जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता रह सकती है. यदि आप पार्टनरशिप में व्यापार करते हैं, तो साझेदार के साथ वैचारिक मतभेद गहरे हो सकते हैं. कोई भी नया व्यापारिक समझौता करने से पहले दस्तावेजों को अच्छी तरह जांच लें.

सूर्य गोचर के अशुभ प्रभाव से बचने के अचूक उपाय

- प्रतिदिन प्रातःकाल तांबे के लोटे में जल, थोड़ा सा कुमकुम और लाल फूल डालकर सूर्य देव को जल अर्पित करें और "ऊं सूर्याय नमः" मंत्र का जाप करें.

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- रविवार के दिन विशेष रूप से आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें, इससे कार्यक्षेत्र की बाधाएं और मान-सम्मान पर आने वाला संकट टलता है.

- अपने पिता या पिता समान वरिष्ठ व्यक्तियों का सम्मान करें और उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें.

- रविवार के दिन किसी जरूरतमंद को गेहूं, तांबा या गुड़ का दान करना शुभ फलदायी रहेगा.

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