23 अक्टूबर को चंद्रमा ने मीन राशि में गोचर किया था, जहां पहले से शनि विराजमान हैं. ऐसे में शनि और चंद्रमा की युति से मीन राशि में विष योग का निर्माण हुआ है. यह दुर्लभ योग 25 अक्टूबर यानी शरद पूर्णिमा तक रहने वाला है. ज्योतिषविदों की मानें तो शनि-चंद्रमा का विष योग चार राशि के जातकों की मुश्किल बढ़ाने वाला है. यह अशुभ योग कुछ राशि के जातकों के जीवन में भयानक संकट लाने की स्थिति पैदा करेगा. इसलिए इन राशि के जातकों को सावधानी से काम लेने की सलाह दी जाती है.
मेष राशि
आपको गुस्से और जल्दबाजी पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है. काम में रुकावट या मेहनत के मुताबिक परिणाम नहीं मिलने से मन परेशान हो सकता है. ऑफिस में सहकर्मियों और अधिकारियों से बातचीत के दौरान संयम रखें. आर्थिक मामलों में गैरजरूरी खरीदारी और बिना पूरी जानकारी के निवेश से बचें. परिवार में छोटी बातों को लेकर विवाद बढ़ाने के बजाय जीवनसाथी की बात समझने की कोशिश करें.
कर्क राशि
भावनात्मक उलझनों और पुरानी बातों को लेकर चिंता से बचने की जरूरत है. चंद्रमा को इस राशि का स्वामी माना जाता है, इसलिए शनि के साथ उसके संयोग को लेकर विशेष सावधानी की सलाह दी जाती है. नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ें, तो काम को प्राथमिकता के हिसाब से पूरा करें. परिवार में मतभेद होने पर शांति से बातचीत करें. पर्याप्त नींद, समय पर भोजन और आराम का ध्यान रखना भी जरूरी है.
तुला राशि
आर्थिक फैसलों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखना चाहिए. अचानक खर्च या किसी काम में देरी की आशंका को ध्यान में रखते हुए बजट बनाकर चलें. निवेश, खरीदारी और लेनदेन से पहले पूरी जानकारी जांच लें. नौकरी बदलने या कारोबार से जुड़ा बड़ा फैसला लेने में जल्दबाजी न करें. प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन में गलतफहमी से बचने के लिए बातचीत बनाए रखना बेहतर रहेगा.
मीन राशि
भावनाओं में बहकर फैसले लेने से बचना चाहिए. करियर, भविष्य और आर्थिक स्थिति को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने से तनाव बढ़ सकता है. किसी की बात का गलत अर्थ निकालने के बजाय स्थिति को अच्छी तरह समझें. नौकरी या कारोबार में नया अवसर मिलने पर उसकी शर्तें और जिम्मेदारियां जांचें. विद्यार्थियों को समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करने की सलाह दी जाती है. उधार देने या लेने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति का आकलन करें.